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बिहार, ओड़ीशा और असम में बाढ़ से हालात बदतर

देश के पूर्वोत्तर के इलाके बिहार, ओड़ीशा और असम में बाढ़ से जानमाल की तबाही बढ़ती ही जा रही है।
Author पटना | August 5, 2016 05:10 am
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देश के पूर्वोत्तर के इलाके बिहार, ओड़ीशा और असम में बाढ़ से जानमाल की तबाही बढ़ती ही जा रही है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण मूसलाधार बारिश होने से बिहार में 64 लोगों की मौत होने के साथ इससे अब तक 33 लाख आबादी प्रभावित हुई है। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक बाढ़ के कारण पिछले 24 घंटे के दौरान पूर्णिया में दो और गोपालगंज में एक अन्य व्यक्ति की मौत के साथ अब तक इस आपदा से मरने वालों की संख्या 64 हो गई है। वहीं ओड़ीशा के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ है और शहर के कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। दूसरी ओर असम में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए मुख्य सचिव वीके पिपरसेनिया और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मुकेश सहाय ने मुख्यमंत्री राहत कोष में एक सप्ताह का वेतन दिया है।

बिहार में बाढ़ से मरने वाले लोगों में पूर्णिया में 26, कटिहार में 15, सुपौल में 8, किशनगंज में 5, मधेपुरा में 4, गोपालगंज में 4, अररिया व सहरसा में 1-1 व्यक्ति शामिल हैं। बिहार में बाढ़ के कारण प्रदेश के 13 जिलों पूर्णिया, किशनगंज, अररिया, दरभंगा, मधेपुरा, भागलपुर, कटिहार, सहरसा, सुपौल, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण के 70 प्रखंडों के 2349 गांवों की कुल 33 लाख आबादी बेघर हो गई है।

बाढ़ से 1.64 लाख हेक्टयर में लगी फसल की क्षति हुई है और 3.78 लाख लोग 460 सरकारी राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। बाढ़ प्रभावित इलाके में बीमार लोगों के इलाज के लिए 224 मेडिकल टीमों की प्रतिनियुक्ति की गई है और बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत व बचाव कार्य के लिए सुपौल, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, दरभंगा व पटना जिला के दीदारगंज में एनडीआरएफ की एक-एक टीम व खगड़िया, सीतामढ़ी, पूर्णिया, भागलपुर, मधुबनी और मधेपुरा में एसडीआरएफ की एक एक टीम की प्रतिनियुक्ति की गई है।

बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों के बीच 215225 खाद्य सामग्री के पैकेट वितरित किए गए हैं। गंगा नदी भागलपुर जिला के कहलगांव में, घाघरा नदी सीवान जिला के दरौली और गंगपुर सिसवन में, कोसी नदी कटिहार जिला के कुरसैला में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
उधर, बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण मूसलाधार बारिश होने से ओड़ीशा के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ और शहर के कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। पिछले दो दिनों से राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण सड़कों, गलियों और भुवनेश्वर, कटक, पुरी, संभलपुर, जगतसिंहपुर और कोरापुट जैसे स्थानों पर निचले इलाकों में बरसात का पानी जमा हो गया है और जनजीवन प्रभावित हुआ है।

राज्य के पश्चिमी हिस्से संभलपुर शहर में बाढ़ जैसी स्थिति है जहां सबसे अधिक रिकार्ड 240 मिलीमीटर बारिश हुई है। निचले इलाकों में स्थित घरों में बरसात का पानी घुस गया है और घरों के सामान को नुकसान पहुंचा है। सड़कों पर पानी जमा हो जाने के कारण वाहनों का परिचालन ठप हो गया है जबकि छात्रों और कार्यालय जाने वालों को यात्रा करने में परेशानी का सामाना करना पड़ रहा है। राज्य की राजधानी भुवनेश्वर में आचार्य विहार, लक्ष्मीसागर, नयापल्ली, सबर साही, झारपाडा, बारामुंडा और टंकापानी रोड जैसे कई इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
इस बीच असम के मुख्य सचिव वीके पिपरसेनिया और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मुकेश सहाय ने राज्य के बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में एक सप्ताह का वेतन दिया है।

गुरुवार को जारी एक सरकारी बयान में बताया गया है कि पिपेरसेनिया ने मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल को बुधवार को असम सचिवालय में स्थित उनके कार्यालय में चेक सौंपा। डीजीपी और वन के प्रधान मुख्य वन संरक्षक दरश माथुर ने भी मुख्यमंत्री राहत कोष में अपने एक सप्ताह के वेतन का योगदान किया और सोनोवाल को चेक सौंपा। बयान में बताया गया है कि उनके योगदान के लिए मुख्यमंत्री ने धन्यवाद दिया है।

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