ताज़ा खबर
 

उड़ान भरना होगा और भी सस्ता, एक घंटे के सफर के लिए ढाई हजार लेंगी कंपनियां

सरकार ने विदेशी उड़ानों की अनुमति न्यूनतम पांच साल का घरेलू बाजार में परिचालन अनुभव व 20 विमानों के बेड़े की विवादास्पद शर्त को भी रद्द कर दिया।

Author नई दिल्ली | June 16, 2016 1:22 AM
केन्द्र सरकार ने देश के अहम विमान रूट्स पर 8500 रुपये लेवी लगाने का एलान किया है।

विमानन कंपनियां जल्द ही एक घंटे की उड़ान के लिए केवल ढाई हजार रुपए लेंगी। उन्हें ऐसे मार्गों पर परिचालन के लिए कर प्रोत्साहन भी मिलेगा जहां अभी सेवाएं नहीं हैं। इतना ही नहीं बुधवार को पेश नई विमानन नीति के तहत यात्रियों को घरेलू उड़ानों पर आंचलिक संपर्क कोष के लिए एक अतिरिक्त शुल्क भी देना होगा।

इसके साथ ही सरकार ने विदेशी उड़ानों की अनुमति न्यूनतम पांच साल का घरेलू बाजार में परिचालन अनुभव व 20 विमानों के बेड़े की विवादास्पद शर्त को भी रद्द कर दिया। अब कोई भी घरेलू एअरलाइन विदेशी गंतव्यों के लिए उड़ान भर सकती है, लेकिन इसके लिए उन्हें घरेलू मार्गों पर 20 विमान या अपनी कुल क्षमता का 20 फीसद घरेलू परिचालन में इस्तेमाल करना होगा।

दूसरे देशों के साथ द्विपक्षीय आधार पर अतिरिक्त उड़ान अधिकार की नीलामी के पूर्व प्रस्ताव को लेकर चिंता के बीच केंद्र ने अब यह निर्णय किया कि इस पर अंतिम निर्णय मंत्रिमंडल सचिव की अध्यक्षता वाली समिति करेगी। इसके अलावा नागर विमानन मंत्रालय नए हवाईअड्डों के लिए पहल करने के साथ हेलिकॉप्टरों के लिए अलग नियमन करेगा। साथ ही विमानन क्षेत्र में कौशल विकास के लिए उपाय करेगा।

नई नीति के तहत एअरलाइंस को ऐसे मार्गों पर परिचालन के लिए कर प्रोत्साहन मिलेगा जहां फिलहाल विमान सेवाएं उपलब्ध नहीं है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नई नीति को बुधवार को मंजूरी दे दी। बहुचर्चित आंचलिक हवाई संपर्क योजना सितंबर को समाप्त हो रही तिमाही में परिचालन में आएगी। नागर विमानन सचिव आरएन चौबे ने कहा-इसका मकसद विमान यात्रा को सस्ता और सुगम बनाना है।

उल्लेखनीय है कि 5/20 नियम को लेकर चर्चा जोरों पर रही है। इसके तहत केवल उन्हीं स्थानीय एअरलाइंस को विदेशों में उड़ान की अनुमति होगी जिनके पास कम से कम पांच साल का परिचालन अनुभव व 20 विमानों का बेड़ा हो। नियम समाप्त किए जाने के बारे में बुधवार को केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि विरासत में मिली संदेहास्पद व्यवस्था को कचरा पेटी में डाल दिया गया है। पूर्व यूपीए शासन के दौरान 5/20 का यह नियम लाया गया था। आंचलिक संपर्क कोष के लिए यात्रियों से लिए जाने वाले शुल्क के बारे में पूछे जाने पर चौबे ने कहा कि यह बहुत कम होगा।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App