जल्‍दबाजी पड़ी भारी, ट्रेन से कुचले गए चार मह‍िलाओं सह‍ित पांच लोग - Five People, Including Four Women were killed due to Crushed by Train - Jansatta
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जल्‍दबाजी पड़ी भारी, ट्रेन से कुचले गए चार मह‍िलाओं सह‍ित पांच लोग

हादसे की चपेट में आईं महिलाएं सुबह-सुबह गंगा स्नान के लिए घर से निकली थीं। ये सभी आसपास के गांवों की ही रहने वाली थीं।

महिला की मौत पर विलाप करते परिजन।

सोमवार सुबह क्युल-भागलपुर रेलखंड पर अलग-अलग ट्रेन हादसों में पांच लोगों की कटकर मौत हो गई, जिनमें चार महिलाएं हैं। वहीं अन्य पांच महिलाएं जख्मी भी हुई हैं, जिनमें दो की हालत नाजुक है और तीन खतरे के बाहर हैं। इनका इलाज धरहरा गांव के प्राथमिक चिकित्सा केंद्र में कराया जा रहा है। जमालपुर रेलवे एसपी शंकर झा सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस बल लेकर सहायता के लिए पहुंचे। इस रेलखंड पर ट्रेन से कटकर मौत होने का इस साल का यह दूसरा बड़ा हादसा है। इसके बावजूद, रेलवे पटरियों को पैदल पार होने को मजबूर इन ग्रामीणों के लिए हिफाजत और ओवरब्रिज बनाने के बारे में कुछ नहीं किया जा रहा है और हादसा होता जा रहा है।

बताते हैं कि 13401 भागलपुर-दानापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन सुबह साढ़े पांच बजे भागलपुर से रवाना हुई थी। यह घटना जमालपुर रेलवे स्टेशन से करीब 15 किलोमीटर दूर धरहरा के पास बने अदलपुर रेलवे हाल्ट का सुबह 7 बजे के करीब की है। यह भागलपुर-क्युल रेलखंड पर है। ये महिलाएं बिहार के पवित्र लोकपर्व छठ की तैयारी के लिए सुबह-सुबह गंगा स्नान के लिए घर से निकली थीं। ये सभी आसपास के गांव की थीं। इनको रेलवे फाटक पार करना था। ट्रेन आने की वजह से हाल्ट का रेलवे फाटक बंद था। सुबह कोहरे के कारण हड़बड़ी में ये महिलाएं बगैर कुछ समझे रेल पटरी पार करने लगीं और ट्रेन की चपेट में आ गईं, जिससे इनकी मौत हो गई।

मृतक महिलाओं का नाम रमेश रविदास की पत्नी गीता देवी, किरण रविदास की पत्नी रेखा देवी, सतीश रविदास की पत्नी अनिता देवी, दिलीप यादव की पत्नी भेजो देवी है। दूसरी घटना बरियारपुर के ऋषिकुंड रेलवे हाल्ट के नजदीक हुई। यह हादसा मुजफ्फरपुर-भागलपुर जनसेवा एक्सप्रेस ट्रेन से हुआ। रेल पटरी पार करते हुए बरियारपुर के बगल गांव के विजय शर्मा (55) की कट कर मौत हो गई। यह हादसा भी सोमवार तड़के सुबह साढ़े पांच बजे का है। हादसे के बाद आसपास के गांवों में कोहराम मच गया और लोग गुस्से से हंगामा कर रेल पटरी पर बैठ गए।

इसके साथ ही कजरा-जमालपुर श्रमिक ट्रेन को रोक दिया गया। सड़क जाम कर लाशों को मौके पर से उठाने से पुलिस को भी रोका गया। लोगों का आरोप है कि ट्रेन के ड्राइवर ने सिटी नहीं बजाई। इसी वजह से महिलाएं अपने आपको संभाल नहीं पाईं और हादसे का शिकार हो गईं। एसआरपी के मुताबिक, इन्हें समझाने की कोशिश की जा रही है। खबर लिखे जाने तक ट्रेनों की आवाजाही रूकी हुई है। इससे पहले 30 अप्रैल को मालगाड़ी की चपेट में आने से आठ लोगों की कटकर मौत हो गई थी और दो जनें जख्मी हुए थे।

शेखपुरा-लखीसराय जिले से सटे सिरारी रेलवे स्टेशन से करीब आधा किलोमीटर दूर कौड़िहारी नदी रेल पुल की पटरी पार करते वक्त यह हादसा हुआ था। सोमवार को हुए इस हादसे ने आज से शुरू हो रहे आस्था के पर्व छठ को मायूस कर दिया है। गांव में हादसे की वजह से उल्लास, कोहराम और गम में डूब गया है। लोग अपनों की लाशों के कटकर हुए टुकड़ों को चुनने में लगे हैं। इनके अपनों का हाल बेहाल है।

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