Five elderly patients died due to negligence of hospital administration in Kanpur - मरीजों की मौत ने दिखाई बड़े अस्पताल की बदहाली - Jansatta
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मरीजों की मौत ने दिखाई बड़े अस्पताल की बदहाली

इस घटना में अपना परिजन गंवाने वाले एक तीमारदार ने बताया कि अस्पताल में स्टाफकर्मियों ने आइसीयू के खिड़की और दरवाजे खोलकर मरीजों को राहत दिलाने की कोशिश की। लेकिन जबरदस्त गर्मी और उमस के कारण सारे प्रयास बेकार साबित हुए। मरीजों को गर्मी से बचाने के लिए तीमारदारों को हाथ के पंखे का इस्तेमाल करना पड़ा।

Author June 9, 2018 5:13 AM
आइसीयू प्रभारी सौरभ अग्रवाल का कहना है कि बीते 24 घंटे में पांच मरीजों की मौत तो हुई है, मगर एसी प्लांट फेल होने से नहीं। तीन मरीजों की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई, जबकि दो की मौत अन्य कारणों से।

जिले में मेडिकल कॉलेज से संबद्ध हैलट (अब लाला लाजपत राय अस्पताल) अस्पताल में प्रशासन की कथित लापरवाही से बीते दो दिनों में पांच बुजर्ग मरीजों की मौत हो गई। ये सभी अस्पताल के आइसीयू में भर्ती थे और एसी खराब होने के बाद इन सभी ने दम तोड़ दिया। मामले की जांच के लिए जिलाधिकारी ने चार सदस्यीय टीम गठित की है। गुरुवार देर रात जैसे ही पांच लोगों की मौत का मामला उजागर हुआ तो अस्पताल में हड़कंप मच गया। शुक्रवार सुबह जिलाधिकारी के कहने पर चार और एसी लगाए गए। आइसीयू में बुधवार को पांच बच्चों समेत 11 मरीज भर्ती हुए थे। एक-एक करके पांच मरीजों की जान चली गई। आइसीयू प्रभारी सौरभ अग्रवाल का कहना है कि बीते 24 घंटे में पांच मरीजों की मौत तो हुई है, मगर एसी प्लांट फेल होने से नहीं। तीन मरीजों की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई, जबकि दो की मौत अन्य कारणों से।

बहरहाल प्रशासन मरीजों के तीमारदारों के आरोपों से इनकार कर लीपापोती में लग गया है। अस्पताल के इंतजामकारों ने एसी में खराबी के कारण मौत होने के आरोपों से साफ मना किया है। उधर मरीजों के परिवारीजनों का आरोप है कि आइसीयू में पिछले कई दिनों से एसी खराब है जिसकी वजह से उनके रोगियों की मौत हुई। उधर अस्पताल का संचालन करने वाले गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य का दावा है कि उन मरीजों की मौत एसी खराब होने की वजह से नहीं बल्कि गंभीर बीमारी के कारण हुई है। प्रधानाचार्य प्रोफेसर नवनीत कुमार ने माना कि गुरुवार को एसी में खराबी आई थी। उसे ठीक भी कर दिया गया था, मगर वह फिर खराब हो गया। लेकिन एसी खराब होने की वजह से मरीजों की मौत होने के आरोप गलत हैं। अस्पताल के आइसीयू में पिछले दो दिन के दौरान नरवाल (75), गंगा प्रसाद यादव (75), रसूल बख्श (62), मुरारी लाल (65) और एक अनजान मरीज की मौत हुई है। आइसीयू के प्रभारी ने माना कि एसी में कुछ दिक्कत थी और औषधि विभाग के आइसीयू का एसी संयंत्र पिछले दो दिन से बंद था। अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, बिजली विभाग के अधिकारियों और एसी के रखरखाव के लिए जिम्मेदार एजंसी को इस बारे में बताया गया था, जिसके बाद खराबी को ठीक कर लिया गया था। मगर संयंत्र का कंप्रेसर गुरुवार को फिर जल गया था। उन्होंने कहा कि एसी खराब होने से आइसीयू में गर्मी हो गई थी, मगर वेंटीलेटर और मॉनीटर्स जैसे जीवनरक्षक उपकरणों पर कोई असर नहीं पड़ा था।

इस घटना में अपना परिजन गंवाने वाले एक तीमारदार ने बताया कि अस्पताल में स्टाफकर्मियों ने आइसीयू के खिड़की और दरवाजे खोलकर मरीजों को राहत दिलाने की कोशिश की। लेकिन जबरदस्त गर्मी और उमस के कारण सारे प्रयास बेकार साबित हुए। मरीजों को गर्मी से बचाने के लिए तीमारदारों को हाथ के पंखे का इस्तेमाल करना पड़ा। आइसीयू में पांच मौतें हो जाने की सूचना मिलने पर आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इस वाकये से पिछले साल अगस्त में गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में कथित रूप से ऑक्सीजन की कमी से 24 घंटों के अंदर 30 से ज्यादा मरीज बच्चों की मौत के मामले की याद ताजा हो गई। उस घटना में आरोप लगे थे कि बिल का भुगतान ना होने के कारण आपूर्तिकर्ता द्वारा ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित किये जाने के कारण उन बच्चों की मौत हुई थी। हालांकि राज्य सरकार ने इस आरोप को गलत बताया था।