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पहली बार जारी हुई गर्मी और लू की भविष्यवाणी

मार्च का सुहावना मौसम बीतने के बाद अब गर्मी की बारी है। मौसम विभाग ने पहली बार गर्मी और लू के लेकर भविष्यवाणी जारी करते हुए कहा कि अप्रैल से जून तक का मौसम लगभग पूरे देश में सामान्य से अधिक गर्म रहेगा।

Author नई दिल्ली | April 1, 2016 1:25 AM
(File Photo)

मार्च का सुहावना मौसम बीतने के बाद अब गर्मी की बारी है। मौसम विभाग ने पहली बार गर्मी और लू के लेकर भविष्यवाणी जारी करते हुए कहा कि अप्रैल से जून तक का मौसम लगभग पूरे देश में सामान्य से अधिक गर्म रहेगा। वहीं दिल्ली सहित पूरे मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में गर्मी के दौरान लू की प्रचंडता सामान्य से तीव्र रहने की आशंका है।

मौसम विभाग के मुताबिक 2016 की शुरुआत अपेक्षाकृत गर्म जनवरी और फरवरी से हुई और यह स्थिति आगे भी जारी रहेगी जिसके लिए ग्रीनहाउस गैसें और अल-नीनो जिम्मेदार है। फरवरी 2016 और 2015 क्रमश: पिछले 115 सालों में दर्ज सबसे गर्म महीना और साल रहे। नई पहल के तहत एक अप्रैल से मौसम विभाग हर पांचवें दिन पूरे देश में गर्मी और लू की स्थिति पर चेतावनी भी जारी करेगा। मौसम विभाग की गर्मी संबंधी भविष्याणी की वैधता 15 दिनों की होगी और विभाग के वेबसाइट पर उपलब्ध होगा। मौसम विभाग में निदेशक बीपी यादव ने कहा कि यह मौसम विभाग की एक नई पहल है जिसकी शुरुआत इस गर्मी से हो रही है क्योंकि असामान्य रूप से अधिक तापमान का लोगों के स्वास्थ्य सहित कई चीजों पर प्रभाव पड़ता है।

बीते साल गर्मी में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 2500 से ज्यादा जानें गई थीं। मौसम विभाग के अनुसार लू की प्रचंडता और अवधि पूरे देश में बढ़ती हुई दिखाई दे रही है जिसके लिए ग्रीन हाउस गैसें काफी हद तक जिम्मेदार हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, 2015 में प्रशांत महासागर में शुरू हुई अल-नीनो की स्थिति अभी भी जारी है और पिछले अवलोकनों के अनुसार अल-नीनो के अगले साल में भारत के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से अधिक तापमान और लू का सामना किया गया है। पिछले अल-नीनो साल थे 1972, 1994, 1997, 2002 और 2009 जिनके आगे साल क्रमश: 1973, 1995, 1998, 2003 और 2010 अपेक्षाकृत अधिक गर्म थे। वहीं 2016 का जनवरी और फरवरी का औसत तापमान 1961-90 के सामान्य से क्रमश: 1.53 और 2 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा।

मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार अप्रैल से जून तक उत्तर पश्चिम भारत, केरल से लेकर दक्षिण भारत और विदर्भ से लेकर मध्य भारत में औसत तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक रहने की संभावना है। दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओड़ीशा, तेलंगाना, मराठवाड़ा, विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र और तटीय आंध्र प्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक होने और मध्यम से प्रचंड लू की काफी ज्यादा आशंका है। इसके अतिरिक्त अन्य इलाकों में इस मौसम का औसत तापमान 0.5 से 1 डिग्री अधिक रहेगा।

मौसम विभाग के क्षेत्रीय मौसम केंद्र में वरिष्ठ वैज्ञानिक आनंद शर्मा ने कहा कि मार्च में एक के बाद एक कई पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम सुहाना बना रहा। लेकिन अब गर्मी ने रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। एक और पश्चिमी विक्षोभ पहली अप्रैल से शुरू हो रहा है जिसके कारण दिल्ली का अधिकतम तापमान तीन अप्रैल को 39 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। शर्मा ने कहा कि आने वाले दिनों में दिल्ली में बादल तो छाए रहेंगे लेकिन बारिश की ज्यादा आशा नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 5.5 डिग्री अधिक था। जबकि, 30 मार्च को अधिकतम तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस था। हालांकि शर्मा ने राजधानी के लू की चपेट में तुरंत आने की संभावना से इनकार किया। जबकि, पश्चिमी विक्षोभ के गुजर जाने के बाद तापमान में थोड़ी कमी से राहत मिलेगी। मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल मौसम बहुत असामान्य नहीं है। अप्रैल में दिल्ली का अधिकतम तापमान 45.6 डिग्री सेल्सियस (29 अप्रैल, 1941 को) दर्ज किया गया था।

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