राजधानी दिल्ली में इस वर्ष पहली बार होली के दिन शराब की दुकानें खुली रखने का निर्णय लिया गया है। इससे पहले होली समेत कुछ प्रमुख त्योहारों पर शराब बिक्री पर प्रतिबंध रहता था। आबकारी विभाग के अनुसार, दुकानें सामान्य दिनों की तरह सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक संचालित होंगी।

विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस फैसले का उद्देश्य राजस्व हानि की भरपाई करना और अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाना है। उनके अनुसार, होली के आसपास शराब की तस्करी और कालाबाजारी के मामले बढ़ जाते हैं। जब दुकानें बंद रहती हैं तो लोग अवैध आपूर्तिकर्ताओं से शराब खरीदने लगते हैं, जिससे मिलावटी शराब पीने के कारण स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरे उत्पन्न हो सकते हैं।अधिकारी ने कहा कि लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए होली को ‘शुष्क दिवस’ सूची से हटाया गया है।

जनवरी में बंदी के नए नियम जारी किए गये थे

इस वर्ष जनवरी में जारी किए गए एक आदेश के अनुसार, मार्च के अंत तक केवल गणतंत्र दिवस, महाशिवरात्रि, ईद-उल-फितर, राम नवमी और महावीर जयंती ‘शुष्क दिवस’ (मद्य निषेध दिवस) रहेंगे। अधिकारी ने कहा कि इस होली पर कोई शुष्क दिवस नहीं रहेगा और शराब की दुकानें खुली रहेंगी। जनवरी में जारी आदेश के अनुसार ही दुकानें बंद होंगी। पिछले कुछ वर्षों से, होली का दिन दिल्ली में ‘शुष्क दिवस’ में शामिल था।

दिल्ली में होली के दिन शराब की दुकानें खुली रखने के फैसले पर आम आदमी पार्टी ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि त्योहार के दिन दुकानों को खुली छूट देकर करोड़ों कमाने का अवसर दिया जा रहा है और इसे ‘असली शराब घोटाला’ बताया। उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय जांच ब्यूरो से इस पर सवाल उठाने की चुनौती दी। प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि पहले शराब नीति को लेकर आप सरकार को बदनाम किया गया, जबकि अब त्योहारों पर दुकानें खुली रखी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इससे कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।

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दिल्ली सरकार के आबकारी विभाग ने 2022 में लागू आबकारी नीति के तहत होटल, क्लब और रेस्तरां (एचसीआर) में शराब परोसने के लिए लाइसेंस का नया शुल्क निर्धारित कर दिया है। दिल्ली सरकार ने मौजूदा लाइसेंस शुल्क में 10 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है, जिसके तहत अब अलग-अलग श्रेणी में संचालित होटल, क्लब और रेस्तरां को ज्यादा आबकारी शुल्क अदा करना होगा। लाइसेंस का नवीनीकरण मौजूदा आबकारी नीति के तहत एक अप्रैल, 2026 से 31 मार्च 2027 तक एक वर्ष के लिए किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक