Noida Airport News: गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर क्षेत्र में बन रहा नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा तेजी से अपने संचालन की ओर बढ़ रहा है। प्रदेश सरकार की इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना में पहले चरण का करीब 95 फीसद निर्माण कार्य संपन्न हो गया है। शेष कार्य 10 नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।पहले चरण में हवाईअड्डा एक हवाई पट्टी के साथ संचालित होगा और इसकी वार्षिक यात्री क्षमता 1 करोड़ 20 लाख यात्रियों की होगी। औसतन प्रतिदिन करीब 150 उड़ानों के संचालन का अनुमान लगाया गया है।

7 करोड़ यात्रियों को सेवा देने में सक्षम होगा

अधिकारियों के अनुसार, जैसे ही यात्रियों की संख्या एक करोड़ को पार करेगी, हवाईअड्डे पर दूसरे हवाई पट्टी के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। दो हवाई पट्टी के साथ यह हवाई अड्डा करीब 7 करोड़ यात्रियों को सेवा देने में सक्षम होगा। जेवर एयरपोर्ट के पहले चरण में लगभग 3,300 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जा रहे हिस्से का लोकार्पण किया जाएगा।

परियोजना के लिए कुल 6,700 एकड़ भूमि का अधिग्रहण पहले ही किया जा चुका है, जबकि शेष 5,100 एकड़ भूमि अगले तीन महीनों में अधिग्रहित किए जाने की योजना है। एयरपोर्ट के लिए भूमि खरीद पर लगभग 5000 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं, जबकि निर्माण कार्य पर करीब 7000 करोड़ रुपए की लागत आ रही है।

दुनिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शामिल होगा

जेवर एयरपोर्ट को देश के सबसे बड़े और आधुनिक हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने की योजना है। परियोजना के पूर्ण होने पर इस एयरपोर्ट पर कुल पांच रनवे होंगे और इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 11,750 एकड़ तक पहुंच जाएगा। अंतिम रूप से तैयार होने के बाद एयरपोर्ट की वार्षिक यात्री क्षमता 30 करोड़ यात्रियों तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे यह दुनिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शामिल हो सकता है।

परियोजना के साथ क्षेत्र में व्यापक आर्थिक और औद्योगिक विकास की भी उम्मीद जताई जा रही है। एयरपोर्ट के आसपास लॉजिस्टिक्स, पर्यटन, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

दिल्ली एयरपोर्ट पर दबाव होगा कम

प्रदेश सरकार का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र के रूप में उभरेगा। इसके संचालन से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए एक नया विकल्प उपलब्ध होगा। विशेषज्ञों के अनुसार जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बढ़ते दबाव को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा।

साथ ही यह परियोजना उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश और व्यापार के नक्शे पर और मजबूती से स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।पहले चरण में हवाईअड्डा एक रनवे के साथ संचालित होगा और इसकी वार्षिक यात्री क्षमता 1 करोड़ 20 लाख यात्रियों की होगी। जैसे ही यात्रियों की संख्या एक करोड़ को पार करेगी, हवाईअड्डे पर दूसरे रनवे के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। दो रनवे के साथ यह हवाईअड्डा करीब 7 करोड़ यात्रियों को सेवा देने में सक्षम होगा।

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उत्तर प्रदेश के महत्त्वाकांक्षी जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा परियोजना को नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) से सुरक्षा जांच की मंजूरी के बाद अब नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से ‘एयरोड्रम लाइसेंस’ जारी कर दिया है, जिससे हवाई अड्डे को विमान संचालन की अनुमति मिल गई है। एयरोड्रम लाइसेंस वह प्रमाणित करता है कि हवाई अड्डा सुरक्षा, बुनियादी ढांचा और परिचालन मानकों को पूरा करता है। पूरी खबर पढ़ें…