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भारत में पहली बार चर्च के खिलाफ काले धन का केस, घेरे में कार्डिनल

भारत में पहली बार किसी चर्च के खिलाफ कालेधन का मामला सामने आया है। केरल के एर्णाकुलम में प्रधान पादरी के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत जमीन सौदे को लेकर लेनदेन में चर्च के एक पैनल को जांच में गड़बड़ियां मिली हैं।

Author February 1, 2018 11:45 AM
चर्च प्रमुख जॉर्ज एलनचेरी की फाइल फोटो। (फोटो सोर्स – इंडियन एक्सप्रेस)

भारत में पहली बार किसी चर्च के खिलाफ कालेधन का मामला सामने आया है। केरल के एर्णाकुलम में प्रधान पादरी के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत जमीन सौदे के लेनदेन में चर्च के पैनल को जांच में गड़बड़ियां मिली हैं। चर्च पैनल ने चर्च प्रमुख जॉर्ज एलनचेरी के खिलाफ चर्च और दीवानी कानूनों के तहत कार्रवाई करने की सिफारिश की है। चर्च प्रमुख पर एक धर्मप्रदेश घटाने का आरोप है। यह इस तरह की पहली ऐसी सिफारिश हैं। मामले में कैथोलिक चर्च को लेकर कालेधन की भी बात सामने आई है। आरोपी एलनचेरी भारत के उन चर्च प्रमुखों में से हैं जो पोप का चुनाव करने की योग्यता रखते हैं। चर्च पैनल की रिपोर्ट रोम भेज दी गई है। एर्णाकुलम के प्रधान पादरी के क्षेत्राधिकार के प्रवक्ता फादर पॉल कारेडन ने संगीन आरोपों के तहत एलनचेरी के खिलाफ जांच रिपोर्ट भेजी है। उन्होंने बताया कि अब तक रिपोर्ट पोप के पास पहुंच गई होगी। उन्होंने कहा- ”हमने दिल्ली में वेटिकन के प्रतिनिधि एपोस्टोलिक ननसिओ के जरिये रिपोर्ट रोम भेज दी है।

कारेडन ने बताया कि दो और लोगों के खिलाफ जमीन सौदे को लेकर हुई गड़बड़ियों के आरोप हैं। एलनचेरी कोच्चि आधारित साइरो-मलाबार कैथोलिक चर्च के प्रमुख हैं। यह चर्च दुनिया की उन 22 चर्चों में से एक है, जो रोम के अंतर्गत आती हैं। यह एर्णाकुलम के प्रधान पादरी के क्षेत्राधिकार में लगती है। पिछले महीने प्रधान पादरी के क्षेत्राधिकार में 2015 से लेकर अब तक के संदिग्ध जमीन सौंदों से हुए नुकसान की जांच करने के लिए के 6 लोगों का एक पैनल बनाया गया था, इसमें पादरी चर्च के अयाजक शामिल किए गए थे।

एलनचेरी के सचिव चर्च के प्रवक्ता फादर जिम्मी पूचाकट्टू ने कहा- ”चर्च प्रमुख अभी कोई बयान नहीं देंगे। वह एक सर्कुलर जारी करेंगे, जिसमें वह अपने बात रख सकते हैं।” उन्होंने कहा कि चर्च प्रमुख के बयान को उनके क्षेत्राधिकार अंतर्गत आने वाली चर्चों में पढ़ा जाएगा। एर्णाकुलम जिले के कई भागों में प्रधान पादरी के क्षेत्राधिकार में आने वाले पांच प्लॉट्स की बिक्री में गड़बड़ियां सामने आई थीं। प्लॉट्स की बिक्री से प्रधान पादरी को इससे करीब 27 करोड़ रुपये मिले थे। उनसे बैंक लोग चुकाना था, लेकिन संदिग्ध जमीन सौदे की वजह से 9 करोड़ रुपये मिलने की बात बताई गई। रिपोर्ट में कहा गया- ”यह चर्च कानूनों का गंभीर उल्लंघन है, जो कि संपत्तियों के लिए आपराधिक दुर्व्यवहार और भरोसे का नग्न कृत्य है।”

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