गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में शनिवार को एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। इस घटना में कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 10 लोग घायल हैं। मौके पर कई दमकम की गाड़ियां आग बुझाने में जुटी हैं।

अहमदाबाद में मेहमदपुर स्थित टैलेंट पटाखा फैक्ट्री में आग लगी, इसके बाद फैक्ट्री में रखे विस्फोटक से धमाका होने के बाद अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा कि पटाखा फैक्ट्री में आग लगने के बाद धुएं का गुबार काफी ऊपर तक उठा।

यह घटना रामोल-गात्राड रोड पर मौजूद फैक्ट्रा में घटी है। वहीं, आग की सूचना पर दमकल विभाग की 5 से अधिक गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग बुझाने में जुट गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हादसे में घायल लोगों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भेज दिया गया है।

मौके पर पहुंचे अधिकारी

घटना के बाद नगर आयुक्त और महापौर समेत अहमदाबाद नगर निगम के सीनियर अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कहा कि शुरुआती जांच में पता चला है कि पटाखा बनाने वाली इकाई अवैध रूप चल रही थी। अहमदाबाद फायर ब्रिगेड और शहर पुलिस की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और बचाव अभियान जारी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर जताया दुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर दुख जताते हुए अनुग्रह राशि की घोषणा की है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पर लिखा,”गुजरात के अहमदाबाद में एक पटाखा फैक्ट्री में हुए हादसे में लोगों की मौत की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हर संभव मदद पहुंचा रहा है।”

आगे पीएमओ ने लिखा, “मृतकों के परिजनों को PMNRF से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।”

मुख्यमंत्री ने भी जताया दुख

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अहमदाबाद में पटाखा फैक्ट्री में हुए हादसे में लोगों की मौत पर दुख जताया है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। स्थानीय प्रशासन पीड़ितों को हर जरूरी मेडिकल मदद और इलाज मुहैया करा रहा है।

आरोपियों को जल्द किया जाएगा गिरफ्तार

मामले पर जेसीपी (क्राइम ब्रांच) शरद सिंघल ने कहा, “बचाव अभियान अभी चल रहा है, और पुलिस अस्पताल में मौजूद है। हमारी पहली प्राथमिकता है कि यहां घायल हुए सभी लोगों को पूर्ण चिकित्सा उपचार मिले। इसके साथ ही, बीएनएस और विस्फोटक अधिनियम की धारा 105 को लागू करते हुए, तमोल पुलिस स्टेशन में एक प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। आरोपियों में मेहुल डोडिया, जो फैक्ट्री संचालित करता था, के साथ 3-4 अन्य शामिल हैं जिनके नाम सामने आए हैं; हमें उम्मीद है कि जल्द ही सभी आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।”

आगे सिविल डिफेंस वार्डन पुष्कर भाई कलाल ने कहा, “दोपहर 3:07 बजे, जब मैं खाना खा रहा था, तो मुझे धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। आवाज सुनते ही मैंने तुरंत अपनी यूनिफॉर्म पहनी, अपनी गाड़ी ली और घटना स्थल पर पहुँचा। जब मैं वहाँ पहुँचा तो हालात बहुत गंभीर थे। अंदर से चीखने-चिल्लाने की आवाजें सुनकर, मैं और RF-100 की टीम अंदर गए और देखा कि दो लोग बहुत गंभीर हालत में थे; हमने उन्हें बाहर निकाला और खाट पर लिटाकर सड़क तक लाए। थोड़ी देर बाद, लगभग 8 से 10 ‘108’ इमरजेंसी एम्बुलेंस आईं और हमने 4 पीड़ितों को उनमें शिफ्ट किया। हमने और तलाशी ली तो अंदर 8 से 10 और लोग मिले; 10 से 12 लोग बहुत ही गंभीर हालत में थे। इसके बाद, मैंने और RAF की टीम ने उस जगह और आस-पास के खेतों की अच्छी तरह तलाशी ली, लेकिन कोई और जानकारी नहीं मिली।”

आगे चीफ फायर ऑफिसर (क्राइम ब्रांच) अमित डोंगरे ने कहा, “सबसे पहले, पटाखे बनाने वाली फैक्ट्री के लिए ‘BU परमिशन’ (बिल्डिंग इस्तेमाल की मंजूरी) की जांच की जाएगी ताकि यह पता चल सके कि फैक्ट्री मंजूरी वाले जोन में है या नहीं। दूसरी बात, यह देखा जाएगा कि क्या फायर NOC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) की ज़रूरत थी… RF (रैपिड फोर्स) के जवान अपनी गाड़ियों के साथ यहां मौजूद हैं… कुल 11 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, जिनमें छह फायर टेंडर और दूसरी इमरजेंसी गाड़ियां शामिल थीं।”

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गुजरात के नर्मदा जिले में रविवार को पांच अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया। यह निर्माण वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के बताए जा रहे हैं। जिन्होंने गरुडेश्वर में अपने लिए आवंटित सब्सिडी वाली आवासीय भूखंडों पर कथित रूप से नियमों का उल्लंघन करते हुए बनाए थे। यह इलाका स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से लगभग एक किलोमीटर दूर है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें