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बीआरडी मेडिकल कॉलेज में लगी आग, आक्सीजन मामले से जुड़े अहम दस्तावेज राख हुए, सपा ने जताई साजिश की आशंका

गोरखपुर स्थित बाबा राघव दास मेडिकल कालेज के एक हिस्से में सोमवार को अज्ञात कारणों से लगी आग में आक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत के मामले में कई अहम कागजात जलकर राख हो गए।

Author गोरखपुर | January 9, 2018 1:08 AM
गोरखपुर स्थित बाबा राघव दास मेडिकल कालेज के एक हिस्से में सोमवार को अज्ञात कारणों से लगी आग

गोरखपुर स्थित बाबा राघव दास मेडिकल कालेज के एक हिस्से में सोमवार को अज्ञात कारणों से लगी आग में आक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत के मामले में कई अहम कागजात जलकर राख हो गए। समाजवादी पार्टी (सपा) ने इसके पीछे साजिश की आशंका जताई है। अग्निशमन विभाग के सूत्रों के मुताबिक मेडिकल कालेज में प्रधानाचार्य कार्यालय और उससे सटे रिकार्ड रूम में अचानक आग लग गई जिससे कई दस्तावेज नष्ट हो गए। दमकलकर्मियों ने मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने के कारणों का तत्काल पता नहीं लग सका है।

इस बीच, मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य डाक्टर गणेश ने बताया कि अभी वे गोरखपुर से बाहर हैं और शाम तक मेडिकल कॉलेज में पहुंच जाएंगे। इसके बाद ही उनके लिए कुछ कह पाना संभव होगा। उन्होंने बताया कि चार दमकल वाहनों ने आग पर काबू पाया। कौन से रिकॉर्ड क्षतिग्रस्त हुए हैं, यह भी मौके पर पहुंचने पर ही मालूम हो सकेगा। इस बीच जिलाधिकारी राजीव रौतेला ने एडीएम सिटी रजनीश चंद्र को इस मामले की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है। नाम न छापने की शर्त पर मेडिकल कालेज के एक डाक्टर ने बताया कि आग से आक्सीजन मामले के महत्त्वपूर्ण कागजात नष्ट हो गए हैं। ये कागज प्रधानाचार्य के कार्यालय में रखे थे। घटनास्थल पर मौजूद पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) गणेश साहा ने बताया कि प्रथमदृष्ट्या ऐसा लगता है कि आग शार्ट सर्किट के कारण लगी है। लेकिन इसकी वास्तविकता का पता जांच के बाद ही लगेगा।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी डीके सिंह ने बताया कि मेरी अध्यक्षता में इस आग के कारणों की जांच की जाएगा। आग पर एक घंटे के अंदर काबू पा लिया गया था। गोरखपुर मेडिकल कालेज पिछले साल अगस्त में 24 घंटे के अंदर कम से कम 30 बच्चों की मौत की घटना के बाद सुर्खियों में आया था। आरोप है कि ये मौतें आक्सीजन आपूर्तिकर्ता को उसका बकाया भुगतान ना किए जाने के कारण आपूर्ति बाधित होने की वजह से हुई थी।

इस बीच, गोरखपुर के सपा जिलाध्यक्ष ने मेडिकल कालेज में आग लगने की घटना को संदेहास्पद करार देते हुए आशंका जताआ कि कहीं यह आग आक्सीजन की कमी से हुई बच्चों की मौत से संबंधित फाइलों को रिकॉर्ड से हटाने के लिए तो नहीं लगाई गई। उनका आरोप है कि आग लगने के तत्काल बाद ही संबंधित अधिकारियों को सूचना दी गई मगर वे सभी विलंब से पहुंचे। यह जांच का विषय है कि आग केवल फाइलों में ही क्यों लगी और फाइल जलने के बाद ही तुरंत आग पर काबू कैसे पा लिया गया।

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