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पीएम नरेंद्र मोदी को ‘डकैत’ बताने वाले बिहार के मंत्री पर दर्ज हुआ मामला

बिहार में राजग विधायकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणियों के लिए मंत्री अब्दुल जलील मस्तान का विरोध करते हुए गुरुवार को भी बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों को बाधित किया।

Author March 3, 2017 1:06 AM
बिहार के उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री अब्दुल जलील मस्तान।

बिहार में राजग विधायकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणियों के लिए मंत्री अब्दुल जलील मस्तान का विरोध करते हुए गुरुवार को भी बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों को बाधित किया। उन्होंने राज्यपाल से भी मुलाकात करके सरकार से मस्तान के निष्कासन की मांग की और कांग्रेसी नेता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई।
भाजपा और राजग के घटक दलों के सदस्यों ने विधानसभा और विधान परिषद में लगातार दूसरे दिन महागठबंधन सरकार से मंत्री को तत्काल हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जिससे दोनों सदनों की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित की गई। मस्तान 22 फरवरी को पूर्णिया जिले के अमौर में भीड़ से मोदी की तस्वीर पर जूते मारने के लिए कहते हुए कैमरे में कैद हो गए थे।

उन्होंने नोटबंदी के केंद्र के फैसले के विरोध के दौरान ये टिप्पणियां की थीं। इस वीडियो में कथित रूप से दिखाया गया था कि मस्तान लोगों से कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री की तस्वीर पर जूते मारो। बाद में कुछ प्रदर्शनकारी मोदी की एक तस्वीर को मस्तान की मौजूदगी में जूते से मारते हुए देखे गए थे। इस वीडियो का 28 फरवरी बाकी पेज 8 पर उङ्मल्ल३्र४ी ३ङ्म स्रँी 8
को टीवी चैनलों ने प्रसारण किया था जिसके बाद राजग ने बुधवार से सदन के अंदर और बाहर प्रदर्शन किया है। राजग के एक प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन जाकर राज्यपाल रामनाथ कोविंद को ज्ञापन सौंपा और बिहार आबकारी एवं मद्यनिषेध मंत्री पद से मस्तान को हटाने की मांग की। विधान परिषद में विपक्ष के नेता सुशील कुमार मोदी, विधानसभा में उनके समकक्ष प्रेम कुमार, पूर्व मंत्री एवं हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी, आरएलएसपी के लल्लन पासवान और अन्य इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे।

सुशील ने कहा, ‘चूंकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गंभीर असंवैधानिक आचरण के लिए मस्तान को नहीं हटाया, हम उनके निष्कासन के लिए राज्यपाल से गुहार लगाने को मजबूर हुए।’
इस बीच, भाजपा विधायक नितिन नवीन ने कोतवाली में मस्तान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। नवीन ने अपनी शिकायत में कहा कि उन्होंने मंत्री के खिलाफ देशद्रोह के आरोप में मामला दर्ज कराने, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए उनकी गिरफ्तारी और उनकी नागरिकता की जांच कराने की मांग की क्योंकि वे बांग्लादेश से सटे क्षेत्र से आते हैं। कोतवाली के प्रभारी रामशंकर सिंह ने कहा कि वे प्राथमिकी पूर्णिया जिले को भेजेंगे जहां मस्तान ने कथित रूप से टिप्पणियां की थीं।

भाजपा और राजग ने स्पष्ट किया है कि वे मंत्री के निष्कासन से कम कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगे जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित सत्तारूढ़ महागठबंधन के नेताओं का कहना है कि मंत्री की ओर से अफसोस जताने के बाद मामला खत्म हो चुका है। इस बीच, मस्तान ने गुरुवार को कहा कि वे 22 फरवरी की घटना के लिए पहले ही खेद जता चुके हैं। उन्होंने विधानसभा परिसर के बाहर संवाददाताओं से कहा, ‘मैंने इस घटना के लिए पहले ही खेद जता दिया है तो फिर भाजपा मेरे इस्तीफे और मेरे खिलाफ सब तरह के आरोप लगाने पर क्यों तुली है।’

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