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तीन तलाक देने पर फंसे कानपुर के सपा विधायक इरफान सोलंकी के भाई, CM दफ्तर में शिकायत के बाद FIR

विधायक इरफान सोलंकी ने आरोपों पर बात करते हुए कहा कि यह घटना 2019 की है, हम सब ने मिलकर बहुत कोशिश की कि मामला खत्म हो जाए। अब मामला कोर्ट में चला गया है, दोनों अपना-अपना पक्ष रखेंगे।

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सपा विधायक इरफान सोलंकी (Photo Source- Facebook/ Haji Irfan Solanki)

उत्तर प्रदेश के कानपुर में समाजवादी पार्टी के विधायक इरफान सोलंकी के भाई फरहान सोलंकी पर उनकी पत्नी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने और तीन तलाक देने का मामला दर्ज किया गया है। फरहान की पत्नी अंबरीन फातिमा की शिकायत पर चकेरी थाने में पुलिस द्वारा मामला दर्ज किया गया है।

फरहान की पत्नी के अनुसार, उसकी शादी 2009 में फरहान से हुई थी और 2019 में उसने तीन तलाक बोलकर अंबरीन को घर से निकाल दिया था। अंबरीन फातिमा ने दावा किया कि उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन इलाके में सपा विधायक के प्रभाव के कारण कोई कार्रवाई नहीं की गई।

CM दफ्तर में शिकायत के बाद FIR: मीडिया से बात करते हुए अंबरीन फातिमा ने कहा, “मैंने मुख्यमंत्री सचिवालय और पुलिस आयुक्त के अधिकारियों से मुलाकात की जिसके बाद ही मेरा केस दर्ज किया गया।” पुलिस आयुक्त विजय सिंह मीना के आदेश पर चकेरी पुलिस ने तीन तलाक, दहेज उत्पीड़न, मारपीट, जानमाल की धमकी देने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस मामले की जांच की जा रही है और रिपोर्ट के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी।

घरेलू हिंसा का शिकार: अंबरीन ने अपनी शिकायत में कहा कि उसके दो बच्चे हैं और वह घरेलू हिंसा का शिकार हुई है। उन्होंने कहा कि निकाह के दो साल बाद फरहान का एक महिला से अवैध संबंध हो गया। जब इसकी भनक लगी तो उन्होंने विरोध करना शुरू किया। इसके साथ ही अंबरीन ने आरोप लगाया कि पति फरहान, देवर इमरान और उसकी पत्नी रूबी उसके साथ मारपीट करने और पांच लाख रुपए मायके से लाने की मांग करने लगे। उन्होंने कहा कि इंकार करने पर आए दिन वो सभी उसके साथ मारपीट करते और पति की दूसरा निकाह करने की धमकी देते थे।

अंबरीन फातिमा ने आरोप लगाया कि उनके जेठ समझौता कराने का झूठा आश्वासन देते रहे, लेकिन समझौता नहीं हुआ। वहीं, सपा विधायक इरफान सोलंकी ने भाई फरहान पर लगे तीन तलाक देने के आरोप पर कहा कि तीन साल पहले कोशिश की थी कि मामला खत्म हो जाए, लेकिन शायद कोई कमी रह गई। वहीं, मारपीट और दहेज के आरोपों को उन्होंने बेबुनायाद बताते हुए कहा कि पीड़ित पक्ष तो कुछ भी आरोप लगा सकता है।

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