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सिलेक्शन के नाम पर क्रिकेटरों को लगाया 80 लाख रुपये का चूना! कोच से लेकर अफसरों तक पर मुकदमा

रणजी ट्रॉफी टीम में सिलेक्शन के नाम पर क्रिकेटरों को 80 लाख रुपये का चूना लगाने के आरोप में कोच और राज्य क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों सहित 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

प्रतीकात्मक चित्र फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

दिल्ली पुलिस ने रणजी ट्रॉफी टीम में चुनने के बहाने क्रिकेटरों को 80 लाख रुपये का चूना लगाने के आरोप में कोच और राज्य क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों सहित 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की एंटी करप्शन यूनिट (एसीयू) के आरोपों के मुताबिक खिलाड़ियों को बताया गया था कि उन्हें पिछले सत्र के रणजी ट्रॉफी और अन्य घरेलू टूर्नामेंटों के लिए उत्तर पूर्वी टीमों के लिए चुना जाएगा।

बता दें कि यह मामला उस समय सामने आया जब एसीयू के अधिकारी अंशुमान उपाध्याय द्वारा अपराध शाखा की अंतर-राज्यीय सेल में शिकायत दर्ज कराई गई। उपाध्याय ने बताया कि उन्हें तीन क्रिकेटरों कनिष्क गौड़, किशन अत्री और शिवपाल शर्मा से शिकायतें मिली थीं। इन खिलाड़ियों का कहना है कि उन्हें नागालैंड, मणिपुर और झारखंड टीमों में जगह देने का वादा किया गया था। एक पुलिस अधिकारी ने ये भी कहा कि उन्हें दस्तावेज भी दिए गए थे, जिनमें कहा गया था कि वे इन टीमों के लिए चुने जा चुके हैं, हालांकि बाद में पता चला कि वे कागजात जाली थे।

कनिष्क गौर ने अपनी शिकायत में पुलिस को बताया कि उसे पिछले साल एक कोच से संपर्क कराया गया था और उसे ‘अतिथि खिलाड़ी’ के रूप में नागालैंड के लिए खेलने की पेशकश की गई थी। इसके बाद में गौर ने कहा कि उसे नागालैंड क्रिकेट टीम के कोच और उनके कुछ सदस्यों के साथ मिलने के लिए बुलाया गया था। इस दौरान उसे पांच मैचों के लिए 15 लाख रुपये देने के लिए कहा गया था। उन्होंने उसे जाली दस्तावेज दिए, जिसमें कहा गया था कि वह चयनित हो चुका है। लेकिन नागालैंड की अंडर -19 टीम के लिए दो मैच खेलने के बाद, उसे नहीं खेलने के लिए कहा गया। इसके बाद जब पूछताछ की गई, तो उन्हें बताया गया कि जो दस्तावेज उन्होंने बनवाए थे वे जाली निकले हैं।

बता दें कि पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में, एसीयू अधिकारी उपाध्याय ने कहा कि गलत काम करने वाले व्यक्तियों और राज्य बोर्ड के सदस्यों का यह गैरकानूनी काम बहुत ही संगठित तरीके से चल रहा है, जिससे बीसीसीआई, युवा क्रिकेटरों और उनकी मेहनत की कमाई को बहुत नुकसान हो रहा है।

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