महाराष्ट्र के एक ग्राम पंचायत ने महिला दिवस के अवसर पर एक ऐसे परिवर्तन का प्रस्ताव पारित किया, जिसकी हर ओर चर्चा हो रही है। राज्य के नासिक जिले के अहिल्यानगर के श्रीगोंडा में कोलगांव ग्राम पंचायत ने रविवार को एक प्रस्ताव पारित किया, जिसके तहत उन लोगों पर जुर्माना लगाया जाएगा जो किसी की मां या बहन को लेकर गाली-गलौज करते हैं।
सम्मान समारोह के दौरान इसका सुझाव दिया
यह प्रस्ताव तब सामने आया जब एक कृषि परिवार की महिला और एक सेल्फ हेल्प ग्रुप की सदस्य ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर गांव में उपलब्धि हासिल करने वालीं महिला को सम्मानित करने के लिए आयोजित एक सम्मान समारोह के दौरान इसका सुझाव दिया।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार करीब 9,000 निवासियों वाले कोलगांव में विभिन्न जातियों और धर्मों के लोग रहते हैं, और यह मुख्य रूप से किसानी पर निर्भर है। रविवार को, सरकारी निर्देशों के अनुरूप, वरिष्ठ आंगनवाड़ी सेविका (कार्यकर्ता) शकुंतला देशमुख की अध्यक्षता में एक विशेष महिला ग्राम सभा बुलाई गई।
न्यूज आउटलेट ने सरपंच पुरुषोत्तम लगड़ के हवाले से लिखा कि सभा के दौरान, जिन महिलाओं ने कृषि और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया था, उन्हें सम्मानित किया गया। सरपंच ने कहा, “इसी कार्यक्रम के दौरान पूजा जगताप ने उन ग्रामीणों के खिलाफ कार्रवाई करने का प्रस्ताव रखा जो किसी की मां या बहन का जिक्र करते हुए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हैं।”
डिजिटल सबूत उपलब्ध कराने पर जुर्माना
पूजा जगताप द्वारा उठाए गए मुद्दे पर ग्राम सभा में विस्तार से चर्चा हुई। सरपंच ने कहा, “काफी विचार-विमर्श के बाद, यह तय किया गया कि जो कोई भी ऐसी अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए पाया जाएगा, उस पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।”
इस नियम के दुरुपयोग को रोकने के लिए, यह सहमति बनी कि जुर्माना तभी लगाया जाएगा जब डिजिटल सबूत उपलब्ध कराए जाएंगे। लगड़ ने कहा, “चूंकि यह प्रस्ताव महिलाओं की ओर से आया था, इसलिए पंचायत ने उनसे अपराधियों की पहचान करने में आगे आने का आग्रह किया,” और यह भी जोड़ा कि जमा किए गए जुर्माने का उपयोग गांव के विकास के लिए किया जाएगा।
पहले भी लिए गए हैं यह फैसले
रिपोर्ट के अनुसार ग्राम सभा ने स्वच्छता के संबंध में भी एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें निवासियों से अपने घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में स्वच्छता बनाए रखने का आग्रह किया गया। ग्राम पंचायत को सौंपे गए फोटो वाले सबूतों के आधार पर, जो कोई भी इस नियम का उल्लंघन करता पाया जाएगा, उस पर 100 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
इन सब के अलावा, लगड़ ने बताया कि पिछले एक साल से, एक और प्रस्ताव के तहत, गांव के बच्चे शाम 7 बजे से रात 9 बजे तक घर पर बिना किसी टीवी या मोबाइल फोन के इस्तेमाल के पढ़ाई करते हैं — यह एक ऐसा नियम है जिसका पालन उनके माता-पिता भी करते हैं।
