Bahrain International Airshow में भारत के Tejas और पाकिस्‍तानी JF-17 का होगा सामना - Jansatta
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Bahrain International Airshow में भारत के Tejas और पाकिस्‍तानी JF-17 का होगा सामना

भारत का हल्का लड़ाकू विमान तेजस गुरुवार से शुरू हो रहे बहरीन अंतरराष्ट्रीय एयर शो में दर्शकों को अपने दम खम का जलवा दिखाएगा।

Author नई दिल्ली | January 21, 2016 11:45 AM
भारत का हल्का लड़ाकू विमान तेजस (फाइल फोटो)

भारत का हल्का लड़ाकू विमान तेजस गुरुवार से शुरू हो रहे बहरीन अंतरराष्ट्रीय एयर शो में दर्शकों को अपने दम खम का जलवा दिखाएगा। देश को इस कार्यक्रम में निर्यात के संभावित अवसर मिलने की उम्मीद है। लिमिटेड सीरीज प्रोडक्शन के दो विमान कई हवाई करतब दिखाएंगे। एचएएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक टी सुवर्ण राजू ने कहा, ‘यह महत्वपूर्ण है कि स्वदेश निर्मित विमान भारत के बाहर अंतरराष्ट्रीय एयर शो में भाग लें। एचएएल को तेजस के डिजाइन, विकास और उत्पादन के साथ जुड़े होेने पर गर्व है। हमने एलसीए के उत्पादन के लिए बंगलुरु में एक अत्याधुनिक, पर्यावरण नियंत्रित, समर्पित डिवीजन स्थापित की है। भारत इस एयरशो में अपने हेलिकॉप्‍टर डिस्‍प्‍ले टीम आईएएफ सारंग को भी भेजेगा। ये टीम स्‍वदेसी तकनीक से बने ध्रुव हेलिकॉप्‍टर उड़ाती है। इसके अलावा, डीआरडीओ की ओर से डेवलप एयरर्बोन अर्ली वॉर्निंग एंड कंट्रोल प्‍लेटफॉर्म को भी बहरीन एयरशो में भेजा जाएगा।

तेजस एक इंजल वाला , हल्का, अत्यधिक तेज, कई भूमिकाएं निभाने वाला सुपरसोनिक लड़ाकू विमान है। यह सभी ऊंचाइयों पर सुपरसोनिक क्षमताओं से युक्त 4.5 पीढ़ी का विमान है। भारतीय वायुसेना की 120 तेजस विमानों को शामिल करने की योजना है। इनमें से 100 की हमला करने, रडार और बीच मार्ग में फिर से र्इंधन भरने की क्षमता में बड़े बदलाव किए जाएंगे। हालांकि डीआरडीओ ने तेजस का नौसैनिक संस्करण विकसित किया है, नौसेना इसमें अन्य बदलावों के अलावा अधिक शक्तिशाली इंजन चाहती है। पाकिस्तान ने चीन के सहयोग से बने अपने लड़ाकू विमान जेएफ 17 को पहले की खुले बाजार में उतार दिया है। श्रीलंका पहले ही इन रिपोर्टों का खंडन कर चुका है कि उसने पाकिस्तानी विमान में रुचि दिखाई है।

21 से 23 जनवरी तक चलने वाले बहरीन एयर शो में पाकिस्‍तान की ओर से JF-17 फाइटर प्‍लेन भी होगा। इस प्‍लेन को चीन की मदद से पाकिस्‍तान ने डेवलप किया है। डिफेंस मिनिस्‍ट्री के सूत्रों ने बताया कि एयरशो में तेजस को भेजने का फैसला राजनीतिक स्‍तर पर लिया गया है। इस मामले में रक्षा मंत्रालय की ओर से पहल नहीं की गई है। तेजस को एयरशो में उतारने के फैसले को एक बोल्‍ड कदम के तौर पर देखा जा रहा है, क्‍योंकि दुनिया भर के एक्‍सपर्ट्स इसकी परफॉर्मेंस का आकलन करेंगे। वहीं, पाकिस्‍तान की ओर से जेएफ 17 के भेजे जाने से दोनों के बीच स्‍वभाविक रूप से तुलना होगी। हालांकि, तेजस के एक सीनियर टेस्‍ट पायलट ने कहा, ”हम एयरशो के दौरान क्रिकेट मैच जैसे हालात पैदा नहीं होने देना चाहते, जहां तेजस का आमना सामना जेएफ 17 से हो। दोनों अलग किस्‍म के एयरक्राफ्ट हैं, जो डेवलपमेंट के अलग चरणों में हैं। दोनों की तुलना नहीं की जा सकती।”

बता दें कि जेएफ 17 थंडर एक थर्ड जेनरेशन फाइटर प्‍लेन है, जिसे पाकिस्‍तान के कामरा एयरोनॉटिकल कॉम्‍प्‍लेक्‍स और चीन के चेंगडू एयरक्राफ्ट इंडस्‍ट्री कॉरपोरेशन ने मिलकर बनाया है। इसे पाकिस्‍तान की एयरफोर्स 2010 से ही इस्‍तेमाल कर रही है। वहीं, तेजस की बात करें तो इसे फिलहाल इंडियन एयरफोर्स में शामिल भी नहीं किया गया है। 1984 से इस प्‍लेन का डेवलपमेंट शुरू हुआ था। इसे एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी ने एचएएल और डीआरडीओ की मदद से बनाया है। टेस्‍ट पाइलटों ने इससे 3 हजार से ज्‍यादा उड़ानें भरी हैं। इसे 2000 घंटों तक उड़ाया गया है। दिसंबर 2013 में शुरुआती ऑपरेशनल क्‍लीयरेंस मिलने के बाद तेजस को इंडियन एयरफोर्स को सौंपा गया था। इस साल इस प्‍लेन को फाइनल ऑपरेशनल क्‍लीयरेंस मिलने की उम्‍मीद है।

तेजस के साथ समस्‍याएं भी: एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, तेजस के LSP-3 और LSP-4 वर्जन को एयरशो में भेजा जाएगा। एक को उड़ाने जबकि दूसरे को डिस्‍प्‍ले के लिए इस्‍तेमाल किया जाएगा। हालांकि, तेजस को उड़ाने वाले टेस्‍ट पायलट इस फैसले से खुश नहीं हैं। एक टेस्‍ट पायलट ने कहा कि प्‍लेन के निचले हिस्‍से (अंडरकैरेज) में काफी समस्‍याएं हैं। पायलट के मुताबिक, इस ट्र‍िप के लिए छोटी अवधि का समाधान तो निकाल दिया गया है, लेकिन स्‍थायी हल का अब भी इंतजार है। बिना फाइनल क्‍लीयरेंस के इसे लंबी दूरी तक समुद्र के ऊपर उड़ाने के फैसले पर पायलट ने कहा कि प्‍लेन का काफी टेस्‍ट रन किया जा चुका है, जिसकी वजह से वे आश्‍वस्‍त हैं।

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