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PUBG की लत छुड़वाने के लिए पिता ने जॉइन कराई थी शूटिंग क्लास, ओलिंपिक का टिकट ले आया बेटा

दिव्यांश के पिता अशोक पंवार उसके PUBG खेलने की आदत से बहुत परेशान थे। इसके चलते 2017 में उन्होंने कोच दीपक कुमार दुबे के देखरेख में दिव्यांश को दिल्ली स्थित करणी सिंह शूटिंग रेंज में भेजा दिया था।

Author April 27, 2019 8:27 PM
निशानेबाज दिव्यांश पंवार (फोटो सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस)

राजस्थान के जयपुर में रहने वाले दिव्यांश पंवार ने आईएसएसएफ वर्ल्ड कप ( Rifle and Pistol World Cup, Beijing 2019) की 10 मीटर एयर राइफल प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल जीतकर देश का नाम रोशन कर दिया है। साथ ही, ओलिंपिक का टिकट भी हासिल कर लिया है। इससे उनके घर में खुशी का माहौल है। बताया जा रहा है कि करीब 2 साल पहले दिव्यांश PUBG के आदी थे। पिता ने यह आदत छुड़वाने के लिए उन्हें शूटिंग रेंज भेजा था। उन्होंने भी यह नहीं सोचा था कि उनका बेटा एक दिन यह कारनामा कर देगा। बीजिंग में पदक जीतने के बाद दिव्यांश ने घर पर फोन किया। इस दौरान दिव्यांश की मां से कहा कि बेटा घर लौटेगा तो उसकी मनपसंद चीजें दही, चटनी और रोटी तैयार रखूंगी।

PUBG से आईएसएसएफ वर्ल्ड कप तकः दिव्यांश के पिता अशोक पंवार उसके PUBG खेलने की आदत से बहुत परेशान थे। इसके चलते 2017 में उन्होंने कोच दीपक कुमार दुबे के देखरेख में दिव्यांश को दिल्ली स्थित करणी सिंह शूटिंग रेंज में भेजा दिया था। वहां से उनकी चाहत निशानेबाजी के प्रति बढ़ती चली गई। अशोक  हमेशा से ही अपने बेटे के PUBG खेलने के विरोध में थे, लेकिन बेटे के पदक जीतने से उनका विरोध प्यार में बदल गया। उन्होंने कहा, ‘हम उसे ऑनलाइन गेम खेलने के लिए डांटते थे। अब खास बात यह देखिए कि हमने बीजिंग में हो रहा उसका फाइनल मुकाबला ऑनलाइन ही देखा। अधिकांश किशोरों की तरह वह अपनी ट्रेनिंग की जगह PUBG खेलता था। इस वजह से मैं अक्सर उसे डांटता था। हालांकि, आज पदक जीतने के बाद ऐसा लगता है कि उसने PUBG का एक अच्छा राउंड खेला।’

कई प्रतियोगिताओं में दिखा चुके दम : बता दें कि बीजिंग में वर्ल्ड कप के दौरान सिल्वर मेडल जीतने से पहले भी दिव्यांश कई प्रतियोगिताओं में अपना दम दिखा चुके हैं। उन्होंने 2017 में कुवैत में आयोजित एशिया जूनियर चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था। वहीं, चीन के तायोवान में आयोजित एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था। बता दें कि आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में जीत हासिल करने के बाद दिव्यांश को 2020 में टोक्यो में होने वाले ओलिंपिक का टिकट भी मिल गया है।

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दिव्यांश बोले- PUBG की लत ने यहां पहुंचाया : आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में भारत का नाम रोशन करने वाले दिव्यांश ने खुद कबूला कि PUBG खेलने की लत ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचा दिया। किसी भी नौजवान की तरह मुझे PUBG खेलने में बहुत मजा आता था, लेकिन अब शूटिंग करना पसंद है। भारत के लिए पदक जीतना हमेशा से मेरा सपना रहा है और मैं ऐसा करके बहुत खुश हूं। फाइनल राउंड में सबसे कम उम्र होने के कारण मुझ पर कोईअतिरिक्त दबाव नहीं था। बता दें कि दिव्यांश महावीर जैन स्कूल में 11वीं के छात्र हैं। वहीं, उनके पिता जयपुर के सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज में वरिष्ठ नर्सिंग स्टाफ के तौर पर काम करते है। उनकी मां भी नर्स हैं और घर पर मेडिकल स्टोर चलाती हैं।

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