हैदराबाद के धरना चौक पर रविवार को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के विरोध प्रदर्शन में लगभग 200 लोगों की भीड़ को संबोधित करते हुए एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने भय-मुक्त भारत का आह्वान किया। लद्दाख के इस नेता ने कहा, “जिन युवाओं की जिंदगी परीक्षाओं में पेपर लीक और गड़बड़ियों से प्रभावित हुई है, उन्हें बिना डरे उन समस्याओं के लिए जिम्मेदार सरकार से सवाल पूछना चाहिए।”
उन्होंने देश के भविष्य के लिए शिक्षा के विकास और पर्यावरण संरक्षण को आगे बढ़ने का रास्ता बताया। सीजेपी के फाउंडर के संस्थापक अभिजीत दीपके इस कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे। पार्टी की प्रवक्ता विजेता दहिया ने कहा, “हमें उन छात्रों की याद है जिनकी जान परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के कारण चली गई। हम उन युवाओं के साहस को सलाम करते हैं जो केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर डटे हुए हैं।”
रोहित वेमुला को दहिया ने याद किया
दहिया ने हैदराबाद यूनिवर्सिटी के दलित छात्र रोहित वेमुला को भी याद किया, जिन्होंने 2016 में जातिगत भेदभाव का सामना करने के बाद आत्महत्या कर ली थी। वांगचुक की बात को आगे बढ़ाते हुए दहिया ने कहा कि तेलंगाना युवाओं के विरोध-प्रदर्शनों के लिए जाना जाता है, चाहे वह तेलंगाना आंदोलन हो या केबीआर पार्क बचाओ विरोध-प्रदर्शन।
विरोध प्रदर्शन में जय भीम और संविधान जिंदाबाद के नारे गूंज रहे थे। प्रदर्शनकारियों में ज्यादातर युवा थे और वे धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग वाले पोस्टर लिए हुए थे। उन्होंने कहा कि उन्हें भगत सिंह, डॉ. बी.आर. आंबेडकर, बिरसा मुंडा और ज्योतिबा फुले से प्रेरणा मिलती है। सावित्रीबाई फुले और फातिमा शेख के समर्थन में भी बार-बार नारे लगाए गए।
शिक्षा व्यवस्था में बदलाव चाहते हैं
इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए नीट, नेट और यूपीएससी जैसी कई प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल हुए युवाओं ने बताया कि वे सीजेपी के बुलावे पर इकट्ठा हुए थे क्योंकि वे शिक्षा व्यवस्था में बदलाव चाहते हैं। महाराष्ट्र से हैदराबाद नीट की कोचिंग के लिए आईं एक छात्रा, प्रणवी वानखेड़े ने कहा कि परीक्षा का पेपर लीक होने की वजह से उनके पूरे परिवार को परेशानी झेलनी पड़ी है। इसके अलावा, उनकी बड़ी बहन पर शादी करने का दबाव है। वानखेड़े ने कहा, “माता-पिता को लगता है कि उनकी पढ़ाई-लिखाई से कुछ नहीं होने वाला है। इसलिए, वे उनकी शादी कराने के बारे में सोच रहे हैं। लड़कियों वाले कई परिवारों में ऐसा ही होता है।”
कहीं पेपर लीक ना हो जाए- कार्तिक
एक अन्य छात्रा नित्या ने कहा कि उसने विरोध प्रदर्शन में भाग लेने का फैसला इसलिए किया क्योंकि वह एक पूरी तरह सुरक्षित और भरोसेमंद परीक्षा व्यवस्था चाहती हैं। उन्होंने कहा, “मैं दोबारा इस तरह की परेशानी नहीं झेलना चाहती।” एमबीए के फाइनल ईयर के छात्र कार्तिक ने कहा, “मैं नेट की परीक्षा देना चाहता हूं और पहले से ही इस बात के दबाव में हूं कि कहीं पेपर लीक न हो जाए। मैं उन सभी लोगों के लिए आवाज उठा रहा हूं जो मेरी जैसी स्थिति में हैं।” वंदे मातरम और जय श्री राम के नारों के बीच, एक और छात्रा टीना ने कहा, “देखिए यहां क्या हो रहा है। क्या हम देशभक्त नहीं हैं?”
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देश में इन दिनों “कॉकरोच जनता पार्टी” की चर्चा काफी तेज है। कुछ दिनों पहले राजधानी दिल्ली में हुए एक विरोध प्रदर्शन में भी कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों ने हिस्सा लिया था। इसके बाद से लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्या कॉकरोच जनता पार्टी भविष्य में खुद को एक राजनीतिक दल के रूप में स्थापित करने जा रही है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…
