मुंबई में कई रेस्टोरेंट और सरकारी कैंटीन मरम्मत और सफाई के लिए स्वेच्छा से बंद हो गए हैं। ये बंदी ऐसे समय में हुई है जब महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने शहर में कई बड़े रेस्टोरेंट, होटलों, दुकानों में छापे मारे हैं, लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं और परिसरों से तस्वीरें और वीडियो साझा किए हैं। मुंबई भर में भोजनालयों को कुछ घंटों, कुछ दिनों या उससे अधिक समय के लिए अपने शटर बंद करते हुए देखा जा सकता है ताकि मरम्मत की जा सके, पेंट की एक नई परत लगाई जा सके, टूटी हुई टाइलों की मरम्मत की जा सके या डीप क्लीनिंग की जा सके।
इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन (AHAR) के अध्यक्ष विजय शेट्टी ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि महाराष्ट्र में एफ़डीए की तेज कार्रवाई ने एसोसिएशन के कई सदस्य रेस्टोरेंट मालिकों को एहतियाती कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है ताकि वे लाइसेंस सस्पेंड होने के जोखिम से बच सकें। वे रेनोवेशन कर रहे हैं, कर्मचारियों को फिर से ट्रेनिंग कर रहे हैं और बाहरी मदद ले रहे हैं।
एफडीए लाइसेंस निलंबित कर रहा
शेट्टी ने एसोसिएशन के कई सदस्यों का जिक्र करते हुए कहा, “ये तीसरी पीढ़ी के मालिक हैं, इनकी छवि दशकों से इनके पूर्वजों द्वारा बनाई गई है। एफडीए न केवल लाइसेंस निलंबित कर रहा है बल्कि रेस्तरांओं का नाम सामने कर उन्हें बदनाम भी कर रहा है, जिससे उन्हें भारी वित्तीय नुकसान के साथ-साथ वर्षों से बनाई गई उनकी प्रतिष्ठा को भी बहुत नुकसान पहुंच रहा है। वित्तीय नुकसान के साथ-साथ मानसिक आघात भी हो रहा है।”
अकेले मुंबई में ही AHAR से लगभग 8,000 रेस्तरां सदस्य जुड़े हुए हैं । विजय शेट्टी ने बताया कि इनमें से अधिकांश मध्यम आकार के और कम बजट वाले भोजनालय या रेस्तरां हैं जो बिक्री पर निर्भर करते हैं, कम मुनाफे पर काम करते हैं और प्रशिक्षित कर्मचारियों को खोजने में संघर्ष करते हैं।
रेस्टोरेंट मालिक ट्रेनिंग, सफाई के नाम पर बंद कर रहे
विजय शेट्टी ने कहा कि मालिक मरम्मत कार्य कराने से लेकर कर्मचारियों को FoSTaC (एडवांस कैटरिंग में खाद्य सुरक्षा पर्यवेक्षक प्रशिक्षण) प्रशिक्षण देने, कागजी कार्रवाई के प्रबंधन के लिए पूर्व FDA और FSSAI कर्मचारियों को नियुक्त करने और निजी लेखा परीक्षकों को लाने तक, हर संभव प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “अभी तो मामूली उल्लंघन पर भी निलंबन हो रहा है। हमारे कम से कम 50 प्रतिशत सदस्यों ने रेनोवेशन का काम करवाया है। लोग मरम्मत करवाने के लिए अपने रेस्टोरेंट आंशिक रूप से बंद कर रहे हैं या रात में काम करने के लिए जल्दी बंद कर रहे हैं ताकि वे दिन में कारोबार जारी रख सकें।”
इस सप्ताह की शुरुआत में, होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन (पश्चिमी भारत) ने यह भी बताया कि उसने FoSTaC कार्यक्रम के तहत 4,018 हॉस्पिटैलिटी पेशेवरों को प्रशिक्षित और प्रमाणित किया है। फोर्ट में स्थित एक केरल रेस्तरां में, कर्मचारी अब परिसर की सफाई दिन में दो बार के बजाय तीन बार कर रहे हैं। एक कर्मचारी ने बताया, “हम पहले दिन में दो बार, एक बार सुबह और एक बार शाम को, 15-20 मिनट सफाई में लगाते थे। अब हम दोपहर के भोजन के बाद भी सफाई करते हैं। मालिक ने हमें गहरी सफाई करने के लिए कहा है इसलिए टीम हर बार 45 मिनट लगा रही है। यह मानसून का मौसम भी है इसलिए मक्खियों को दूर रखने के लिए हम अधिक फिनाइल का उपयोग कर रहे हैं और धूपबत्ती जला रहे हैं।”
रेस्तरां ने पिछले महीने परिसर में किए गए अन्य बदलावों के साथ-साथ अपने वॉशबेसिन को थोड़ा आगे खिसका दिया है और उस पर स्पष्ट रूप से लेबल लगा दिया है।
सरकारी कैंटीनें भी बंद हो रहीं
यह सिलसिला सिर्फ निजी रेस्तरां तक ही सीमित नहीं है। एफडीए के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि सरकारी कैंटीनों ने भी यही रास्ता अपनाया है। अधिकारी ने बताया, “जब हमारी टीम सोमवार को एमएमआरडीए कार्यालय में रसोई का निरीक्षण करने गई तो हमें पता चला कि उन्होंने मरम्मत कार्य के लिए स्वेच्छा से अपनी कैंटीन बंद कर दी है।” उन्होंने आगे बताया कि बीकेसी स्थित मुंबई उपनगरीय जिला कलेक्टर के परिसर में और कलिना विश्वविद्यालय में स्थित कैंटीन भी बंद पाई गई हैं।
साउथ मुंबई में, काला घोड़ा स्थित रोल जॉइंट अयूब्स ने इस महीने की शुरुआत में चार दिनों के लिए अपने शटर बंद कर दिए थे। सोमवार को कालबादेवी के श्री ठाकेर भोजनालय ने इंस्टाग्राम पर बताया कि वे कुछ समय के लिए बंद रह रहे हैं ताकि आपके पसंदीदा ठाकेर को थोड़ा नया रूप दिया जा सके। रेस्टोरेंट के रुस्तम के बंद होने के कुछ दिनों बाद आई जिसने अपने शटर पर लिखा था कि यह मरम्मत के लिए बंद है जबकि वास्तव में एफडीए ने रातोंरात छापा मारकर उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया था।
‘ रेस्टोरेंट मालिक आखिरकार जाग रहे ‘
इस चलन के बारे में पूछे जाने पर एफडीए के एक अधिकारी ने कहा, “अच्छी बात है कि रेस्टोरेंट मालिक आखिरकार जाग रहे हैं। लोगों को वास्तव में कुछ रेस्टोरेंट की रसोई में जाकर खुद देखना चाहिए। हर कोई रेस्टोरेंट का प्रचार करता है लेकिन खाना बनाने की जगह की स्वच्छता की जांच करने की जहमत कोई नहीं उठाता।”
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महाराष्ट्र में मिलावटखोरों के खिलाफ एक्शन में जुटे फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) विभाग ने बुधवार को डोमिनोज पिज्जा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। दरअसल, एफडीए ने मुंबई में डोमिनोज पिज्जा के 3 और सतारा में 1 आउटलेट के लाइसेंस को सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई फूड सेफ्टी और हाइजीन के नियमों के उल्लंघन के तहत की गई। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
