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केरल रेप केस: शराब पीने की थी लत, 300 रुपये में दरिंदों को ‘किराए’ पर दे दी नाबालिग बेटी

17 जनवरी को यहां के अलाप्पुझा में दो पुलिसकर्मियों समेत छह लोगों ने मिलकर 15 साल की लड़की को अपनी हवस का शिकार बनाया था। पिता की गिरफ्तारी के बाद पता लगा कि उसने महज 300 रुपए की खातिर बेटी की इज्जत का सौदा कर दिया था।

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर किया गया है।

केरल में नाबालिग के साथ हुए बलात्कार के मामले में शनिवार को स्पेशल टीम ने आरोपी पिता को पकड़ लिया। इस गिरफ्तारी के बाद मामले से जुड़ी कई हैरान करने वाली बातें सामने आई हैं। नाबालिग का पिता शराब पीने का आदी था। मामले में अन्य छह आरोपियों की मदद करने के आरोप में उसे धरा गया है, जो पहले ही दबोचे जा चुके हैं। मामले की जांच-पड़ताल कर रहे अलाप्पुझा के उप-अधीक्षक पीवी बेबी ने बताया कि नाबालिग के पिता ने ही पहले मुख्यारोपी अथीरा (24) को अपनी बेटी को ले जाने दिया था। पिता को इसके बदले में रुपए मिले थे, जिससे उसने शराब खरीदी थी। बेबी के अनुसार, “अथीरा जब नाबालिग को उसके घर से लेकर रात में कई जगहों पर ले गया था, तब पिता को उसके इरादों के बारे में मालूम था।” आपको बता दें कि यहां बुधवार (17 जनवरी) को 15 साल की लड़की को रेप का शिकार बनाया गया था। वारदात को अंजाम देने का छह लोगों पर आरोप लगा है, जिसमें दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।

अधिकारियों की मानें तो पिता ने सिर्फ 300 रुपए के लिए बेटी को किराए पर ले जाने दिया था, जिससे उसने शराब खरीदी थी। वहीं, नारकोटिक्स सेल से जुड़ा पुलिस अधिकारी नेल्सन थॉमस (40), मरारीकुलम के प्रोबेशनरी एसआई केजी लाइजू (38) और दो अन्य युवक (22 वर्षीय जिनुमन और 28 वर्षीय प्रिंस) इस मामले के अन्य आरोपी हैं। मामला सामने आने के बाद ये पुलिस अधिकारी सेवाओं से निलंबित कर दिए गए थे।

डीएसपी के मुताबिक, “नाबालिग और मुख्यारोपी अधीरा के बयानों के आधार पर इस मामले में अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।” सभी आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 342, 363, 366ए, 370, और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है। यही नहीं, आरोपियों पर जुवेनाइल जस्टिस एक्ट और पॉस्को एक्ट के तहत भी मामले दर्ज किए गए हैं।

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