उत्तर प्रदेश की फर्रुखाबाद सदर विधानसभा सीट पर ज्यादातर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा रहा है। 1974 से साल 2022 तक इस सीट से भाजपा ने छह बार कब्जा जमाया। कांग्रेस ने इस सीट से तीन बार जीत हासिल की है।

समाजवादी पार्टी को सिर्फ एक बार (2007) जीत हासिल हुई। जबकि 1977 में जनता पार्टी (JNP) से ब्रह्मदत्त द्विवेदी ने जीत हासिल की। उसके बाद भाजपा से ब्रह्मदत्त द्विवेदी ने इसी सीट से चार पर विजयी हुए। बता दें, फर्रुखाबाद जनपद में चार विधानसभाएं हैं। फर्रुखाबाद सदर, भोजपुर, अमृतपुर व कायमगंज। आज हम बात कर रहे हैं क‍ि फर्रुखाबाद सदर विधासभा सीट की।

2017 विधानसभा चुनाव परिणाम

यूपी 2017 के विधानसभा चुनाव में फर्रुखाबाद सदर विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी मेजर सुनील दत्त द्विवेदी ने जीत हासिल की थी। उन्होंने बसपा प्रत्याशी मोहम्मद उमर खान को हराया था।

क्रमांकउम्मीदवारराजनीतिक दलप्राप्त मतमत प्रतिशत
1मेजर सुनील दत्त द्विवेदीभारतीय जनता पार्टी (भाजपा)93,62645.09%
2मोहम्मद उमर खानबहुजन समाज पार्टी (बसपा)48,19923.21%
3विजय सिंहसमाजवादी पार्टी (सपा)36,01217.34%
4मनोज अग्रवालनिर्दलीय20,6569.95%

2012 विधानसभा चुनाव परिणाम

यूपी 2012 के विधानसभा चुनाव में फर्रुखाबाद सदर विधानसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी विजय सिंह ने जीत हासिल की थी। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी मेजर सुनील दत्त द्विवेदी को हराया था।

क्रमांकउम्मीदवारराजनीतिक दलप्राप्त मतमत प्रतिशत
1विजय सिंह (पुत्र प्रेम सिंह)निर्दलीय33,00518.95%
2मेजर सुनील दत्त द्विवेदीभारतीय जनता पार्टी (भाजपा)32,85818.86%
3मोहम्मद उमर खानबहुजन समाज पार्टी (बसपा)29,35616.85%
4उर्मिला राजपूतसमाजवादी पार्टी (सपा)25,96914.91%
5लुईस खुर्शीदभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस)22,92713.16%

2007 विधानसभा चुनाव परिणाम

यूपी 2007 के विधानसभा चुनाव में फर्रुखाबाद सदर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी विजय सिंह ने जीत हासिल की थी। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी मेजर सुनील दत्त द्विवेदी को हराया था।

क्रमांकउम्मीदवारराजनीतिक दलप्राप्त मत
1विजय सिंहसमाजवादी पार्टी (सपा)46,080
2मेजर सुनील दत्त द्विवेदीभारतीय जनता पार्टी (भाजपा)35,514
3मनोज अग्रवालबहुजन समाज पार्टी (बसपा)22,904
4संजीव मिश्रा (बॉबी)भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस)5,097

1991, 1993 और 1996 में भाजपा प्रत्याशी ब्रह्मदत्त द्विवेदी ने इस सीट से जीत की हैट्रिक लगाई। वह भाजपा सरकार में मंत्री भी बने। फरवरी 1997 में उनकी हत्‍या हो गई। हत्या में आरोपित विजय सिंह भी एक नेता के रूप में उभर कर सामने आए। इसके बाद 1997 के उपचुनाव में ब्रह्मदत्त द्विवेदी की पत्नी पत्नी प्रभा द्विवेदी ने भाजपा प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की।

प्रभा द्विवेदी भी प्रदेश सरकार में मंत्री बनीं। लेकिन 2002 में विजय सिंह ने निर्दल प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा और प्रभा द्विवेदी को हरा दिया।

1974 से 2017 तक फर्रुखाबाद सदर सीट से कौन जीता

वर्षविजेता उम्मीदवारराजनीतिक दलप्राप्त मत
2022मेजर सुनील दत्त द्विवेदीभाजपा (BJP)1,12,314
2017मेजर सुनील दत्त द्विवेदीभाजपा (BJP)93,626
2012विजय सिंह (पुत्र प्रेम सिंह)निर्दलीय (IND)33,005
2007विजय सिंहसमाजवादी पार्टी (SP)46,080
2002विजय सिंहनिर्दलीय (IND)54,518
1996ब्रह्म दत्त द्विवेदीभाजपा (BJP)50,810
1993ब्रह्म दत्त द्विवेदीभाजपा (BJP)43,935
1991ब्रह्म दत्त द्विवेदीभाजपा (BJP)26,550
1989विमल प्रसाद तिवारीकांग्रेस (INC)36,518
1985ब्रह्म दत्त द्विवेदीभाजपा (BJP)29,127
1980विमल प्रसाद तिवारीकांग्रेस (आई) [INC(I)]30,253
1977ब्रह्म दत्त द्विवेदीजनता पार्टी (JNP)28,106
1974विमला प्रसादकांग्रेस (INC)28,585

विजय सिंह 2007 में समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए जिसके बाद उन्‍होंने 2007 और 2012 के चुनाव में स्व. ब्रह्म दत्त द्विवेदी के बेटे और वर्तमान विधायक सुनील दत्त द्विवेदी (भाजपा प्रत्याशी) को शिकस्त दी। 2017 की भाजपा लहर में सुनील दत्त द्विवेदी ने भाजपा प्रत्याशी के रूप में ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इसके बाद 2022 के चुनाव में भी सुनील दत्त द्विवेदी ने जीत हासिल की।

कौन थे ब्रह्मदत्त द्विवेदी?

ब्रह्मदत्त द्विवेदी भाजपा के पुराने नेताओं में से एक थे। वह एक समय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद के दावेदार भी रहे थे, जब उन्होंने 1995 में लखनऊ के ‘गेस्टहाउस’ कांड में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं से बसपा सुप्रीमो मायावती को बचाया था। उनकी हत्या का आरोप 1997 में गैंगस्टर संजीव माहेश्वरी जीवा पर लगा, जो गैंगस्टर-राजनेता मुख्तार अंसारी का सहयोगी था। फर्रुखाबाद से तत्कालीन भाजपा विधायक ब्रह्मदत्त द्विवेदी की 10 फरवरी, 1997 को उस समय हत्या कर दी गई थी, जब वे तिलक समारोह में शामिल होने के बाद घर जाने के लिए अपनी कार में बैठे थे। इस हमले में उनके गनर बीके तिवारी की भी मौत हो गई थी, जबकि उनके ड्राइवर को चोटें आईं थीं।

कवियत्री महादेवी वर्मा की जन्मस्थली है फर्रुखाबाद

फर्रुखाबाद का इत‍िहास बहुत पुराना है। यह समाजवादी नायक राममनोहर लोहिया की कर्मस्थली थी और इस जिले से सांसद भी थे। पूर्व राष्ट्रपति डॉ ज़ाकिर हुसैन और राष्ट्रीय कवियत्री महादेवी वर्मा की जन्मस्थली भी है। फर्रुखाबाद सदर सीट पर इस समय भाजपा का कब्‍जा और मेजर सुनील दत्त द्विवेदी यहां से विधायक हैं।

कभी कांग्रेस का गढ़ होती थी गाजियाबाद, पिछले विधानसभा चुनाव में बनी चौथे नंबर की पार्टी, दूसरे नंबर पर रही साइकिल

देश की राजधानी नई दिल्ली से सटे यूपी के गाजियाबाद जिले को ‘भारतीय जनता पार्टी का गढ़’ कहा जाता है। इस जिले की गाजियाबाद विधानसभा सीट (विधानसभा क्षेत्र संख्या – 56) पर पिछले तीन विधानसभा चुनावों (एक उपचुनाव मिलाकर) में भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज की है। पढ़ें पूरी खबर।