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‘एक तरफ अब्दुल्ला पत्थरबाजों को राष्ट्रवादी बुलाते हैं और दूसरी ओर वह उन्हें पीडीपी का एजेंट कह रहे हैं, लगता है वे भ्रमति हैं’

जम्मू एवं कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को कहा कि नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला पत्थरबाजों को पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी का एजेंट कह कर अपना भ्रम उजागर कर रहे हैं।

Author श्रीनगर | April 15, 2017 6:35 AM
जम्मू एवं कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को कहा कि नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला पत्थरबाजों को पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी का एजेंट कह कर अपना भ्रम उजागर कर रहे हैं।

जम्मू एवं कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को कहा कि नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला पत्थरबाजों को पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी का एजेंट कह कर अपना भ्रम उजागर कर रहे हैं। महबूबा मुफ्ती ने यह प्रतिक्रिया हाल में लगाए गए फारूक अब्दुल्ला के आरोप पर दी। अब्दुल्ला ने कहा था कि कुछ पत्थरबाज महबूबा की अगुवाई वाली पार्टी के एजेंट हैं। महबूबा ने कहा, “एक तरफ अब्दुल्ला पत्थरबाजों को राष्ट्रवादी बुलाते हैं और दूसरी ओर वह उन्हें पीडीपी का एजेंट कह रहे हैं। ऐसा लगता है कि इस मुद्दे पर फारूक अब्दुल्ला भ्रमित हैं। जब पत्थरबाजी 2010 में शुरू हुई तो अब्दुल्ला ने कहा कि यह पीडीपी द्वारा प्रायोजित है और 2017 में वह कहते हैं कि पत्थरबाज राष्ट्रवादी हैं और एक मकसद के लिए लड़ रहे हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने बहुत पहले ही निर्वाचन आयोग से कहा था कि राज्य के हालात उपचुनाव कराने लिए सही नहीं हैं। उन्होंने कहा, “अब यह दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं उपचुनाव के दौरान सामने आई हैं। किसी को इसका राजनीतिक फायदा नहीं उठाने की कोशिश करनी चाहिए। हमें संयुक्त रूप से शांति और बेहतर वातावरण बनाने की कोशिश करनी चाहिए जिससे राज्य में विकास और प्रगति हो।”

इससे पहले मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने पाकिस्तान से कहा था कि राज्य में आतंकवाद को समर्थन देना बंद करे और शांति बहाल होने दे ताकि वार्ता प्रक्रिया की शुरुआत हो सके।
अनंतनाग क्षेत्र के दोरू में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था, ‘सीमा पार के लोगों से मेरी अपील है कि उन्हें आतंकवाद या बंदूक का समर्थन नहीं करने की अपनी उस नीति का नवीनीकरण करना चाहिए जो उन्होंने (प्रधानमंत्री अटल बिहारी)  वाजपेयी के समय अपनाई थी।’ उन्होंने कहा, ‘जम्मू-कश्मीर में शांति बहाल करने में हमारी मदद करें और तभी यहां और सीमा पार वार्ता होगी।’मुख्यमंत्री अपने भाई और सत्तारूढ़ पीडीपी के उम्मीदवार तसदुक हुसैन के लिए अनंतनाग लोकसभा सीट से चुनाव प्रचार कर रही थीं जो उन्होंने पिछले वर्ष छोड़ी थी।

महबूबा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिसंबर 2015 की पाकिस्तान यात्रा से नई दिल्ली और पाकिस्तान के बीच संबंधों में सुधार की उम्मीद जगी थी। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘नरेंद्र मोदी खुद लाहौर जाकर नवाज शरीफ से मिले। इससे एक नई उम्मीद जगी लेकिन दुर्भाग्य से पठानकोट (आतंकवादी हमला) हो गया।’उन्होंने कहा, ‘ये (तनावग्रस्त) समय ज्यादा नहीं चलेगा। वाजपेयी जी कहा करते थे कि आप दोस्त बदल सकते हैं लेकिन पड़ोसी नहीं। हमें एक-दूसरे के साथ सौहार्दपूर्ण तरीके से रहना होगा।’

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