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फारूक अब्‍दुल्‍ला ने पीएम नरेंद्र मोदी को दी नसीहत, कहा- अटल बिहारी वाजपेयी से सीखें सहनशीलता

जम्‍मू-कश्‍मीर के पूर्व मुख्‍यमंत्री फारूक अब्‍दुल्‍ला ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सहनशील बनने की नसीहत दी। उन्‍होंने कहा कि सहनशीलता से ही वह सर्व-स्‍वीकार्य होंगे।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अबदुल्ला। (फाइल फोटो)

जम्‍मू-कश्‍मीर के पूर्व मुख्‍यमंत्री फारूक अब्‍दुल्‍ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का उदाहरण देते हुए नसीहत दी है। उन्‍होंने गुरुवार (6 दिसंबर, 2018) को पीएम मोदी को सलाह देते हुए कहा कि सभी लोगों के लिए स्‍वीकार्य बनने के लिए पूर्व पीएम वाजपेयी की तरह सहनशील बनिए। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नेशनल कांफ्रेंस के नेता ने केंद्र में सत्‍तारूढ़ बीजेपी पर तीखे हमले भी किए। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने भाजपा पर विभाजनकारी एजेंडे पर चलने का भी आरोप लगाया। बता दें नेशनल कांफ्रेंस एक समय एनडीए का घटक दल हुआ करता था। लेकिन, बाद में फारूक अब्‍दुल्‍ला की पार्टी ने एनडीए से नाता तोड़ लिया था। इसके बाद से दोनों दलों के बीच तीखी बयानबाजी का दौर जारी है। पिछले दिनों महबूबा मुफ्ती की पार्टी पीडीपी ने नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस के सहयोग का दावा करते हुए सरकार बनाने का दावा पेश किया था। लेकिन, राज्‍यपाल सत्‍यपाल मलिक ने विधानसभा ही भंग कर दी, जिससे सरकार बनने का रास्‍ता बंद हो गया। मालूम हो कि महबूबा मुफ्ती की सरकार गिरने के बाद से जम्‍मू-कश्‍मीर में राज्‍यपाल शासन लागू है। इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद से बीजेपी और नेशनल कांफ्रेंस में तल्‍खी और बढ़ गई है।

फारूक अब्‍दुल्‍ला ने कहा, ‘जब (जवाहरलाल) नेहरू ने पहली बार लाल किले पर तिरंगा फहराया था, तब उन्होंने कभी नहीं सोचा होगा कि भविष्य में एक ऐसी पार्टी सत्ता में आएगी जो देश को बांटने की कोशिश करेगी। अंग्रेजों ने इसे (देश को) भारत एवं पाकिस्तान में बांट दिया और यदि सत्तारूढ़ पार्टी अपने विभाजनकारी एजेंडा पर आगे बढ़ती रही तो देश के टुकड़े-टुकड़े हो जाएंगे।’ फारूक ने कहा कि भाजपा दावा करती है कि भगवान राम उनके हैं, लेकिन धर्मग्रंथों के मुताबिक, भगवान राम समूचे ब्रह्मांड के हैं और वह केवल हिन्‍दुओं के नहीं हैं। उन्होंने मोदी को वाजपेयी जैसा सहनशील बनने की सलाह देते हुए कहा कि मोदी प्रधानमंत्री हैं और उन्हें उस स्तर तक उठना होगा। उन्‍हें छोटे-मोटे मुद्दों में उलझने से बचना होगा। कभी-कभी उनके बयानों पर मुझे अफसोस भी होता है। फारूक अब्‍दुल्‍ला ने कहा, ‘कृपया सहिष्णुता की भावना सीखिए प्रधानमंत्री साहिब। यदि आपको यह देश चलाना है तो आपको सहनशील बनना पड़ेगा और अन्य लोगों द्वारा अपनी स्वीकार्यता सुनिश्चित करनी होगी। यदि आपको यह देश चलाना है तो सब को साथ लेकर चलना होगा। वाजपेयी जी की तरह सहनशील बनिए।’ उन्होंने कहा कि यह देश नेहरू के चलते ही आज एकजुट है।

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