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किसान आंदोलन: ट्रैक्टर परेड के लिए हरियाणा के गांवों में लोगों से दान करने की अपील

एक गांव में धनराशि जुटाने की अपील कर रहे एक किसान योगेंद्र मौर्य ने कहा कि 'आज हमने प्रति व्यक्ति 200 रुपया का योगदान देने का लिए फैसला किया है। जिसके घर में भी ट्रैक्टर हैं वो सभी ट्रैक्टर भी वहां पहुंचेंगे।

haryana, farmers protestहरियाणा के गांव में लोगों से चंदा देने की अपील की गई है। फोटो सोर्स – वीडियो स्क्रीनशॉट

तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों ने 26 जनवरी को दिल्ली में अपनी मांगों के समर्थन में ट्रैक्टर परेड निकालने का फैसला किया है। इस ट्रैक्टर परेड को सफल बनाने के लिए हरियाणा के कई गांवों में किसान पैसे इकट्ठा करने की कोशिश में जुटे हैं। रविवार (17-01-2020) को इसी क्रम में हरियाणा के गांव में किसानों ने बैठक की। बैठक में आए लोगों से अपील की गई कि वो गणतंत्र दिवस के दिन किसानों द्वारा घोषित ट्रैक्टर परेड को सफल बनाने के लिए चंदा दें।

एक गांव में धनराशि जुटाने की अपील कर रहे एक किसान योगेंद्र मौर्य ने कहा कि ‘आज हमने प्रति व्यक्ति 200 रुपया का योगदान देने का लिए फैसला किया है। जिसके घर में भी ट्रैक्टर हैं वो सभी ट्रैक्टर भी वहां पहुंचेंगे। ऐसी उम्मीद है कि लोगों के सहयोग से 20-22 लाख रुपए की रकम जमा हो जाएगी। इन पैसों से उन ट्रैक्टरों तेल डाला जाएगा जो ट्रैक्टर इस परेड में हिस्सा लेंगे। इसके अलावा प्रदर्शन कर रहे किसानों के खाने-पीने की व्यवस्था भी इस पैसे से की जाएगी। बताया जा रहा है कि दिल्ली की सीमा पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में लोग 24 और 25 तारीख को ट्रैक्टर पर सवार होकर दिल्ली के लिए निकलेंगे जिसमें महिलाएं भी शामिल रहेंगी।

आपको बता दें कि दिल्ली के विभिन्न सीमाओं पर किसान पिछले 50 से ज्यादा दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। किसान तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर अड़े हैं। सरकार के साथ हुई उनकी कई राउंड की बातचीत अब तक बेनतीजा रही है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले का हल निकालने के लिए एक कमेटी भी बनाई है। हालांकि इसके बावजूद भी किसान अभी अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं।

कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने आंदोलन पर बैठे किसानों को लेकर कहा है कि जब सुप्रीम कोर्ट ने कानून के अमल पर रोक लगा दी है, तब किसान धरने पर क्यों हैं? कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, ”जब सुप्रीम कोर्ट ने कानून के अमल पर रोक लगा दी है, तब किसान धरने पर क्यों हैं? कानून रद्द करने के अलावा कोई दूसरी मांग है तो किसान बताएं, सरकार खुले मन से चर्चा करेगी। कोई भी कानून पूरे देश के लिए बनता है। अदालत ने अभी कानून के अमल पर रोक लगा रखी है, कोई बात है तो कमेटी के सामने भी रख सकते हैं.”

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