महाराष्ट्र: ओलावृष्टि से फसल बर्बाद, किसान ने की आत्महत्या, 35000₹ का था बैंक लोन - Farmer Suicides After Damage of Wheat Crop Due to Hailstorm in Nanded District of Maharashtra - Jansatta
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महाराष्ट्र: ओलावृष्टि से फसल बर्बाद, किसान ने की आत्महत्या, 35000₹ का था बैंक लोन

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि लोहा नगर निगम के पार्षद रह चुके रमेश शेटे ने एक राष्ट्रीय बैंक से 35,000 रुपए का ऋण लिया था और जहर खाकर उसने खुदकुशी कर ली।

Author मुंबई | February 22, 2018 5:17 PM
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है। (एक्सप्रेस फोटो)

महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में अपने खेत में 40 वर्षीय एक किसान ने हाल में हुई ओलावृष्टि के कारण अपनी गेहूं की फसल खराब होने के कारण कथित तौर पर खुदकुशी कर ली। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि लोहा नगर निगम के पार्षद रह चुके रमेश शेटे ने एक राष्ट्रीय बैंक से 35,000 रुपए का ऋण लिया था और जहर खाकर उसने खुदकुशी कर ली। पुलिस ने बताया कि शेटे ने चार एकड़ भूमि में गेहूं की फसल की थी जो ओलावृष्टि के कारण बर्बाद हो गई। यह लगातार तीसरा साल था जब शेटे ऋण नहीं चुका पा रहे थे। शेटे के बड़े भाई ने बुधवार को दिन में 11 बजे खेत में उन्हें देखा और उन्हें नजदीक के एक अस्पताल ले जाया गया जहां पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। अधिकारी ने बताया कि उनके परिवार में एक बेटी और एक बेटा है।

वहीं दूसरी तरफ, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों सहित 11 सूत्री मांगों को लेकर अखिल भारतीय किसान महासभा और इससे जुडे संगठनों के आह्वाहन पर गुरुवार को विधानसभा का घेराव करने आ रहे सीकर के किसानों को पुलिस ने रास्ते में रोक दिया। पुलिस प्रशासन ने सीकर जिले से जयपुर कूच कर रहे किसानों को बीच रास्ते में रोक दिया। जिले में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

इस दौरान तमाम वाहनों की जांच की जी रही है। किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमराराम सहित कई किसान नेताओं ने दो दिन पहले विधानसभा का घेराव करने के लिए सैकड़ों किसानों के साथ जयपुर कूच किया था। लेकिन उन्हें जयपुर से पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था, जिसके कारण किसान नेताओं और किसानों ने बुधवार को सीकर जिला मुख्यालय पर प्रर्दशन किया।

किसानों को जयपुर पहुंचने से रोकने के लिए प्रशासन व पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया है। सीमाओं पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर तमाम वाहनों की जांच की जा रही है। सरकार इस बार पूरी चौकसी बरत रही है ताकि कोई बड़ा आंदोलन खड़ा ना हो सके। वहीं किसान नेताओं की गिरफ्तारी के बाद बुधवार को सीकर में बंद बुलाया गया था। पुलिस ने किसान नेताओं की गिरफ्तारी के लिए रातभर छापेमारी भी की है। किसान नेताओं ने बताया कि किसान अलग-अलग जत्थों में छोटे वाहनों से जयपुर रवाना हो चुके हैं।

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