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UP: तीन दिन से बारी का इंतजार कर रहा था किसान, अनाज मंडी में ही तोड़ दिया दम

किसान की मौत की खबर सुनते ही अधिकारी भी मंडी पहुंच गए और वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की। पूछताछ में पता चला कि अब्दुल सत्तार नाम का किसान 18 अप्रैल को गेहूं बेचने अनाज मंडी पहुंचा था, जहां उसे 2 मई की तारीख दी गई थी। वह दो मई को फिर मंडी पहुंचा, लेकिन उस दिन उसका अनाज नहीं खरीदा गया।

तस्वीर का प्रयोग प्रतीक के तौर पर किया गया है। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

उत्तर प्रदेश के अमेठी में अनाज मंडी में बेहद ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां अब्दुल सत्तार नाम के किसान की मंडी में गेहूं बेचने की बारी का इंतजार करते हुए मौत हो गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक सत्तार तीन दिन से मंडी में गेहूं बेचने की बारी की इंतजार कर रहा था, लेकिन जब अधिकारियों द्वारा उसका गेहूं नहीं खरीदा गया, तब इंतजार करते-करते ही उसकी मौत हो गई। सत्तार के परिजनों को जब इस बारे में पता चला तब वे लोग तुरंत ही मंडी पहुंच गए और बिलख-बिलख कर रोने लगे। परिजनों ने आरोप लगाया कि सत्तार पिछले तीन दिनों से मंडी में गेहूं बेचने की बारी का इंतजार कर रहा था, लेकिन सरकारी लेट लतीफी ने उसकी जान ले ली। वहीं मंडी में मौजूद अन्य किसानों ने भी सत्तार के परिवार का साथ देते हुए कहा है कि भ्रष्टाचार की वजह से अब्दुल की जान चली गई।

किसान की मौत की खबर सुनते ही अधिकारी भी मंडी पहुंचे और वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की। पूछताछ में पता चला कि अब्दुल सत्तार नाम का किसान 18 अप्रैल को गेहूं बेचने अनाज मंडी पहुंचा था, जहां उसे 2 मई की तारीख दी गई थी। वह दो मई को फिर मंडी पहुंचा, लेकिन उस दिन उसका अनाज नहीं खरीदा गया। इसके अलावा तीन मई को भी उसका गेहूं नहीं खरीदा गया। तीसरे दिन भी सत्तार मंडी में ही रहा और अपनी बारी का इंतजार करता रहा। इंतजार करते करते ही वहां उसकी मौत हो गई।

इस मामले में दूसरे किसानों ने बताया कि जो क्रय केंद्र है वहां अधिकारियों की मर्जी चलती है। वह किसानों से गेहूं न खरीदते हुए दलालों के माध्यम से गेहूं खरीदते हैं। वहीं अधिकारियों ने किसान की मौत पर जांच की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी होगा उसे सजा दी जाएगी। पुलिस ने भी पोस्ट मार्टम रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई करने की बात कही है।

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