किसानों की जीत के बाद CAA-NRC वापस लेने की मांग, मौलाना मदनी बोले- हम भी भारत के नागरिक, मिले न्याय

मौलाना मदनी ने आरोप लगाया कि किसान आंदोलन को वैसे ही दबाने का प्रयास किया गया जैसा अन्य सभी आंदोलनों के साथ किया गया था। उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों की तरह सीएए को भी वापस लिया जाए।

CAA NRC. maulana madani
हम भी भारत के नागरिक, मिले न्याय- मौलाना मदनी (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान कर चुकी मोदी सरकार की मुसीबतें अभी भी कम होती नहीं दिख रही है। किसान पहले ही आंदोलन को खत्म करने से मना कर चुके हैं, अब सीएए और एनआरसी को भी वापस लेने की मांग उठने लगी है।

जमीअत उलेमा-ए-हिन्द के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कृषि कानूनों के वापस लेने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि सीएए-एनआरसी को वापस लिया जाना चाहिए। मदनी ने कहा कि कृषि कानूनों को वापस लेने के फैसले ने दिखाया है कि लोकतंत्र में लोगों की शक्ति सर्वोपरि है, हम भी भारत के नागरिक हैं, हमें भी न्याय मिले। उन्होंने कहा- ऐसा माना जाता है कि चुनाव नजदीक होने के कारण कानून निरस्त कर दिए गए। हमें लगता है कि वह (सीएए-एनआरसी) राष्ट्रीयता से संबंधित है और इसका खामियाजा मुसलमानों को भुगतना पड़ेगा। जनता की ताकत सबसे मजबूत है। इसलिए सीएए भी निरस्त हो”।

मदनी ने कहा कि जो लोग सोचते हैं कि सरकार और संसद अधिक शक्तिशाली हैं, वे बिल्कुल गलत हैं। जनता ने एक बार फिर किसान के रूप में अपनी ताकत दिखाई है। इस आंदोलन की सफलता यह भी सिखाती है कि किसी भी जन आंदोलन को बल से कुचला नहीं जा सकता। हमारे किसान भाई इसके लिए बधाई के पात्र हैं क्योंकि उन्होंने इसके लिए बहुत बड़ा बलिदान दिया है। एक बार फिर सच्चाई सामने आई है कि अगर किसी जायज मकसद के लिए ईमानदारी और धैर्य से कोई आंदोलन चलाया जाए तो एक दिन वह कामयाब हो जाता है।

मदनी ने आरोप लगाया कि किसान आंदोलन को वैसे ही दबाने का हर संभव प्रयास किया गया जैसा देश में अन्य सभी आंदोलनों के साथ किया गया था। जमीयत गुट की ओर से जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि किसानों को बांटने की साजिशें रची गईं, लेकिन वे हर तरह की कुर्बानी देते रहे और अपने रुख पर अडिग रहे।

मदनी ने दावा किया कि नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ आंदोलन ने किसानों को कृषि कानूनों का विरोध करने के लिए प्रोत्साहित किया। मदनी ने यह भी मांग की कि कृषि कानूनों की तरह सीएए को भी वापस लिया जाना चाहिए।

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