आधुनिकता और तकनीक के केंद्र गौतमबुद्धनगर में इन दिनों नई गाड़ी खरीदने वाले लोग अब सिर्फ इंजन की क्षमता या माइलेज ही नहीं देख रहे, बल्कि अपने वाहन की ‘किस्मत’ को लेकर भी खासे संजीदा हैं। जिले में ज्योतिषीय परामर्श के बाद अपने ग्रहों और नक्षत्रों के अनुकूल मनचाहा (फैंसी) या भाग्यशाली नंबर लेने का चलन बीते कुछ वर्षों में एक बड़े प्रचलन के रूप में उभरा है।

स्थिति यह है कि लोग वाहन खरीदने से पहले ही आचार्यों की चौखट पर पहुंच रहे हैं ताकि अपनी जन्म कुंडली और मूलांक के आधार पर नंबर का चुनाव कर सकें। परिवहन विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो यह स्पष्ट होता है कि आस्था और अंक ज्योतिष के इस मेल ने पिछले तीन सालों के सभी पुराने रिकार्ड ध्वस्त कर दिए हैं।

वर्ष 2025 में 19,654 लोगों ने कराई थी बुकिंग

वर्ष 2023 में 11,672 लोगों ने अपने पसंदीदा नंबरों की बुकिंग कराई थी और वर्ष 2024 में यह संख्या बढ़कर 15,554 तक पहुंच गई। वहीं, वर्ष 2025 में यह आंकड़ा 19,654 तक जा पहुंचा। इन आंकड़ों से साफ है कि लोग अब वाहन को केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि अपने भाग्य और समृद्धि से जोड़कर देख रहे हैं। इसका सकारात्मक प्रभाव सरकारी खजाने पर भी पड़ रहा है। परिवहन अधिकारियों के अनुसार, मनचाहे नंबरों की बढ़ती मांग से विभाग के राजस्व में आशातीत वृद्धि हुई है।

गौतमबुद्धनगर जैसे शहरी और विकसित क्षेत्र में इस चलन के बढ़ने के पीछे कई सामाजिक और मनोवैज्ञानिक कारण भी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यहां की उच्च आय वाली आबादी और प्रतिस्पर्धात्मक जीवनशैली में लोग किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लेना चाहते। सड़क दुर्घटनाओं से बचाव, व्यापार में वृद्धि और जीवन में सुख-शांति के लिए लोग ज्योतिषीय उपायों को एक सुरक्षा कवच मानते हैं।

साथ ही, नोएडा और ग्रेटर नोएडा जैसे इलाकों में ‘स्टेटस सिंबल’ भी एक बड़ी वजह है, जहां लोग अपनी पसंद के नंबरों के जरिए समाज में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाना चाहते हैं। ज्योतिषियों का तर्क है कि प्रत्येक अंक का एक स्वामी ग्रह होता है और यदि वह वाहन मालिक की कुंडली के अनुकूल हो, तो यात्रा सुखद और मंगलमय रहती है। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी नंदकुमार ने बताया कि बीते कुछ वर्षों में मनचाहा नंबरों को लेने की प्रक्रिया में बढ़ोतरी हुई है। इसके परिणाम स्वरूप विभाग का राजस्व भी बढ़ा है।

यह भी पढ़ें: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मिला उड़ान का ‘पासपोर्ट’, जल्द गूंजेगी विमानों की गड़गड़ाहट

उत्तर प्रदेश के महत्त्वाकांक्षी जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा परियोजना को नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) से सुरक्षा जांच की मंजूरी के बाद अब नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से ‘एयरोड्रम लाइसेंस’ जारी कर दिया है, जिससे हवाई अड्डे को विमान संचालन की अनुमति मिल गई है। एयरोड्रम लाइसेंस वह प्रमाणित करता है कि हवाई अड्डा सुरक्षा, बुनियादी ढांचा और परिचालन मानकों को पूरा करता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक