ताज़ा खबर
 

ऑटो में घर लौटा अटल का परिवार, भतीजी बोलीं- ‘चार पहिए’ वाले गाड़ियों से गए

यहां शिंदे की छावनी स्थित कमल सिंह के बाग में पूर्व पीएम का घर है। भतीजी कांति मिश्रा, पति ओपी मिश्रा व बेटी कविता तिवारी समेत बाकी परिजन के साथ यहीं रहती हैं। शहर में जब अस्थि कलश यात्रा निकाली गई, तो भतीजी और बाकी रिश्तेदार भी वहां पहुंचे थे।

दिवंगत पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी कांति मिश्रा। (फोटोः ANI)

भारत रत्न और दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के परिजन को बुधवार (22 अगस्त) शाम परेशानी का सामना करना पड़ा। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में अटल की अस्थि कलश यात्रा के कार्यक्रम से लौटते वक्त उन लोगों के लिए गाड़ी का बंदोबस्त नहीं किया गया। ऐसे में परिजन को ऑटो से लिए चौराहे पर इंतजार करना पड़ा। काफी देर बाद जब ऑटो मिला, तो वे लोग घर पहुंच सके। दिवंगत पूर्व पीएम की भतीजी कांति मिश्रा ने इस बारे में कहा, “जो लोग चार पहिए वाले थे, वे अपनी गाड़ियों से पहुंचे। हम ऑटो वाले थे, इसलिए ऑटो से आए।”

आपको बता दें कि यहां शिंदे की छावनी स्थित कमल सिंह के बाग में पूर्व पीएम का घर है। भतीजी कांति मिश्रा, पति ओपी मिश्रा व बेटी कविता तिवारी समेत बाकी परिजन के साथ यहीं रहती हैं। शहर में जब अस्थि कलश यात्रा निकाली गई, तो भतीजी और बाकी रिश्तेदार भी वहां पहुंचे। लेकिन उन्हें कार्यक्रम में पहुंचने से लेकर लौटने तक काफी दिक्कतें उठानी पड़ीं। कार्यक्रम से लौटते वक्त परिजन को ऑटो का इंतजार करना पड़ा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी विमानतल से उस कार्यक्रम में पहुंचे थे। उन्होंने यहां अस्थि कलश पर पुष्पों की वर्षा की। कार्यक्रमस्थल से निकलने के बाद वह पूर्व पीएम के घर पहुंचे थे। मगर लेकिन उन्हें घर पर कोई भी नहीं मिला। वाजपेयी के परिजन उस दौरान कार्यक्रमस्थल के पास वाले चौराहे पर ऑटो की राह ताक रहे थे। परिजन का ऑटो से घर जाने का एक वीडियो भी वायरल हुआ है।

बुधवार को वाजपेयी का अस्थि कलश ग्वालियर पहुंचा था। ऐसे में पूरे शहरवासी उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए सड़कों पर उमड़ पड़े। लोगों ने जब अटल जी के अस्थि कलश पर फूल बरसाएं, तो उनमें से ढेर सारे लोग भावनात्मक हो गए। कई लोगों की आंखों से आंसू भी छलक आए थे। वे अटल के विचारों और बताए रास्ते पर चलने की बात पर बल दे रहे थे।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App