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TRP Scam: अर्नब गोस्वामी के Republic TV पर गड़बड़झाले का आरोप पुलिस ने दोहराया, जानें क्या कहा

मुंबई पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर के मुताबिक, इसी साल जून में जब थर्ड पार्टी से रेटिंग का फॉरेंसिक ऑडिट कराया, तब गड़बड़ी सामने आई।

Mumbai Police, BARCमुंबई पुलिस का कहना है कि उसके पास BARC अधिकारियों के चैट्स और ईमेल भी हैं। (फाइल फोटो)

TRP Scam में सीनियर टीवी पत्रकार और Republic TV के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी के न्यूज चैनल पर गड़बड़झाले का आरोप पुलिस ने दोहराया है। शुक्रवार को शहर के ज्वॉइंट कमिश्नर (क्राइम) मिलिंद भारंबे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि रेटिंग्स के साथ खिलवाड़ किया गया था। ऐसा इसलिए किया गया, ताकि अंग्रेजी खबरिया चैनल Times Now को शीर्ष पायदान से दूसरे नंबर पर लाया जा सके और रिपब्लिक टीवी नंबर-1 बन सके।

अफसरों के हवाले से अंग्रेजी अखबार TOI की खबर में कहा गया कि इसी तरह अन्य न्यूज चैनल CNN-News 18 (जो पहले CNN-IBN था) को भी दूसरे स्थान से घसीट कर तीसरे पर लाया गया। भांबरे के अनुसार, टाइम्स नाऊ नंबर-1 चैनल था, पर 2017 में रिपब्लिक टीवी के लॉन्च होने के हफ्ते भर के अंदर, BARC (ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल) ने ‘सांठ-गांठ’ कर टाइम्स नाऊ को नंबर-2 और सीएनएन-न्यूज 18 को तीसरे पायदान पर पहुंचा दिया।

भांबरे ने पीसी में आगे बताया, “इसी साल जून में जब थर्ड पार्टी से फॉरेंसिक ऑडिट कराया, तब यह गड़बड़ी सामने आई। पर जो चीजें उसमें सामने आई थीं, वे पुलिस के साथ साझा नहीं की गईं। कुछ महीने पहले मामले में जांच शुरू की गई और अक्टूबर में एफआईआर भी दर्ज की गई।”

बकौल ज्वॉइंट कमिश्नर (क्राइम), “44 हफ्तों तक अंग्रेजी और तेलुगू चैनलों की डिटेल में ऑडिटिंग हुई, जबकि कुछ एंटरटेनमेंट चैनल्स भी रडार पर रहे। इस दौरान बड़े स्तर पर टीआरपी में गड़बड़ी की बात सामने आई। टीआरपी रेटिंग्स तो पहले से ही तय रहती थीं और सबसे अधिक टीआरपी कुछ चुनिंदा चैनल्स की रहती थी। व्यूवरशिप डेटा के साथ तीन तरीकों से खिलवाड़ किया जाता था।”

पुलिस की ओर से यह भी बताया गया कि उसे मामले में वॉट्सऐप चैट्स और ईमेल्स भी मिले हैं, जो बार्क कर्मचारियों के बीच के हैं। इन चैट्स और मेल्स में इस बात चर्चा की गई है कि आखिर कैसे टीआरपी के साथ छेड़खानी की जाए। ऐसे ही एक चैट का हवाला देते हुए भांबरे बोले- टाइम्स नाऊ के इंप्रेशंस में दुनियाभर में तेजी से गिरावट आई है, डबकि रिपब्लिक टीवी के इंप्रेशंस में कोई बदलाव नहीं आया है।

बता दें कि टाइम्स नाऊ वही चैनल है, जिसमें कभी (रिपब्लिक टीवी लॉन्च होने से पहले) अर्णब अहम भूमिका में नजर आते थे। मौजूदा समय में टाइम्स नाऊ Times Group का हिस्सा है, जबकि BARC इंडिया टीवी चैनलों की व्यूवरशिप मापता है। यह चीज प्रसारकों के लिए खासा अहम हो जाती है, क्योंकि यह विज्ञापन को प्रभावित करती है।

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