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मंत्री गिरिराज सिंह का नजदीकी बन लोगों से ऐंठ लिए करोड़ों, फिर ‘सुसाइड नोट’ छोड़कर गायब हुआ फर्जी IAS

इंडिया राइजिंग लिमिटेट नाम से फर्जी कंपनी खोलकर वह गिरिराज सिंह के फर्जी हस्ताक्षर कर उन्हें लैटरहेड जारी कर देता था। इस तरह उसने किसी से 5 तो किसी से 15-15 लाख रुपए तक की ठगी की।

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटोः Freepik)

मंत्री गिरिराज सिंह का नजदीकी बन एक शख्स ने फर्जी आईएएस बन 9 महीने पहले खोली एक कंपनी के जरिए लोगों से करोड़ों की ठगी को अंजाम दिया। वह भारत सरकार के एमएसएमई (सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम) में नौकरी का झांसा देता था। इंडिया राइजिंग लिमिटेट नाम से फर्जी कंपनी खोलकर वह गिरिराज सिंह के फर्जी हस्ताक्षर कर उन्हें लैटरहेड जारी कर देता था। इस तरह उसने किसी से 5 तो किसी से 15-15 लाख रुपए तक की ठगी की। शख्स का नाम अभिषेक गुप्ता है।

100 लोगों से ठगी को अंजाम देने के बाद उसने चौंकाने वाला कदम उठाया। जिस किसी से भी उसने ठगी को अंजाम दिया था उन्हें सोमवार (20 मई 2019) को एसएमस भेजकर अपना फोन बंद कर लिया। एसएमस में उसने लिखा कि मैंने अपने परिवार और अन्य लोगों के साथ धोखाधड़ी की है। और मैं अब आत्महत्या करने जा रहा हूं। आपसे ठगे पैसों में से 15 लाख रुपए ऑफिस में रख दिए हैं उन्हें आपस में बांट लेना।

मामले के शिकार लोग जब नोएडा स्थित सेक्टर 20 के थाने पहुंचे तो पुलिस ने मामले पर शिकायत दर्ज की। ठगी के शिकार हुए वंश ने बताया कि इस पूरे कांड का मास्टरमाइंड अभिषेक गुप्ता है। उसने 2018 में इंडिया राइजिंग लिमिटेट नाम की कंपनी शुरू की। वह इसे लोगों को एमएसएमई का उपक्रम बताता था। उसने इसकी एक वेबसाइट भी बनाई थी जिसे देखकर कोई कह नहीं सकता था कि वह एक नकली वेबसाइट है।

ठगी के शिकार एक अन्य शख्स ने बताया कि वह सरकारी नौकरी की तैयारियों में जुटे थे तभी अभिषेक गुप्ता से संपर्क हुआ। उसने हमें सरकारी नौकरी का झांसा दिया। इसके लिए सबसे पहले उसने हमें वेबसाइट दिखाई और फिर केंद्रीय मंत्री गिरिराज के हस्ताक्षर वाले कुछ लैटर हेड दिखाए। वहीं कंपनी बंद होने की जानकारी अभिषेक गुप्ता ने कंपनी के ही व्हाट्सप ग्रुप में दी। उसने कहा कि कंपनी बंद होने जा रही है। अपने परिवार की नजरों में एक सफल व्यक्ति बनने के लिए उन्होंने ये कदम उठाया था। मैंने जब यह शुरू किया था तो सबसे पहले एक झूठ से शुरुआत की लेकिन बाद में मुझे हर कदम पर झूठ ही बोलना पड़ा। इस दौरान इसमें शामिल बिचौलिए ने मुझसे ज्यादा पैसे ले लिए।

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