बिहार की खगड़िया पुलिस ने एक ऐसे फर्जी IAS अधिकारी को गिरफ्तार किया है, जो खुद को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल का ‘अंडरकवर एजेंट’ बताकर लोगों से ठगी करता था। आरोपी की पहचान मनीष कुमार गुप्ता उर्फ चिक्कू के रूप में हुई है।
पुलिस ने फर्जी IAS को उस वक्त गिरफ्तार किया जब वह खगड़िया जिले के गोगरी थाना क्षेत्र के जमालपुर बाजार में शनिवार रात को फर्जी आईएएस अधिकारी बनकर घूम रहा था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी मनीष कुमार गुप्ता के आवास पर छापा मारा गया। यह कार्रवाई जिला खुफिया इकाई (डीआईयू), गोगरी डीएसपी चंदन ठाकुर और गोगरी पुलिस स्टेशन के कर्मियों की संयुक्त टीम द्वारा खगड़िया एसपी भानु प्रताप सिंह के निर्देशों के तहत की गई।
टीम को गुप्ता के घर के बाहर “भारत सरकार” के बोर्ड लगे दो एसयूवी वाहन खड़े मिले। पूछताछ के दौरान गुप्ता ने वाहनों का मालिक होने का दावा किया, लेकिन सरकारी बोर्ड लगाने का कोई संतोषजनक कारण नहीं बता सका।
गुप्ता ने खुद को आईएएस अधिकारी बताया और अपने मोबाइल फोन पर एक कथित पहचान पत्र दिखाया। पुलिस ने उस कार्ड का प्रिंटआउट जब्त कर लिया। इसके अलावा, उसने दावा किया कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोवाल का गुप्त एजेंट है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह दावा झूठा पाया गया।
23 क्रेडिट कार्ड और 8 डेबिट कार्ड बरामद
छापेमारी के दौरान गुप्ता के घर से विभिन्न बैंकों और कंपनियों के 23 क्रेडिट कार्ड और लगभग आठ डेबिट कार्ड बरामद किए गए। पुलिस ने चार बैंकों की चेकबुक और घर में लगे 11 सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर सिस्टम भी जब्त किया है, जिनकी जांच की जा रही है। फर्जी IAS के घर से बारहसिंगा के दो सींग भी बरामद किए गए हैं, जिसके चलते वन्यजीव संरक्षण कानूनों के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
एसपी सिंह ने बताया कि आरोपियों के पास से 31 लीटर महंगी विदेशी शराब और पांच आईफोन भी बरामद हुए हैं। जब्त की गई वस्तुओं की विस्तृत सूची तैयार की जा रही है। उन्होंने आगे बताया कि मनीष गुप्ता आईएएस अधिकारी बनकर लोगों को ठगता था। उसके पास से आईएएस पहचान पत्र भी बरामद हुआ है। पूछताछ के दौरान उसने NSA अजित डोभाल का गुप्त एजेंट होने का दावा किया। पुलिस ने टेस्ला कार समेत कई सामान जब्त किए हैं।
सिंह ने बताया कि आरोपियों ने लोगों को डरा-धमकाकर और धोखाधड़ी करके लगभग 100 करोड़ रुपये की अपार संपत्ति जमा की। उन्होंने आगे कहा कि इस पूरे मामले की जांच के लिए पटना स्थित आर्थिक अपराध इकाई की एक टीम को बुलाया जाएगा।
गोगरी पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) अरविंद कुमार ने बताया कि मनीष कुमार गुप्ता के नाम पर एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने आगे कहा कि पुलिस बरामद दस्तावेजों, कार्डों, वाहनों और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आधिकारिक पहचान का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था।
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