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कुंभ मेले में दी गईं कोरोना की झूठी टेस्ट रिपोर्ट? जानें कैसे एक गलत मैसेज की शिकायत ने खोल दी सिस्टम की पोल

उत्तराखंड सरकार ने कुंभ में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या के मद्देनजर 24 प्राइवेट लैब्स को टेस्टिंग के लिए शामिल किया था। इनमें 14 जिला प्रशासन और 10 कुंभ मेला प्रशासन की तरफ से रैंडम टेस्टिंग के लिए लगाई गई थीं।

Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र हरिद्वार | Updated: June 13, 2021 8:06 AM
कुंभ मेला से लौटने वाले श्रद्धालुओं के लिए अहमदाबाद में लगा टेस्टिंग कैंप। (एक्सप्रेस फोटो- निर्मल हरिंद्रन)

उत्तराखंड सरकार ने कुंभ मेले के दौरान कोरोनावायरस की फर्जी टेस्ट रिपोर्ट जारी करने के आरोपों पर जांच बिठा दी है। दरअसल, जिस प्राइवेट लैब को कुंभ में बड़े स्तर पर रैंडम टेस्टिंग की जिम्मेदारी दी गई थी, उस पर ही गलत परीक्षण करने का आरोप लगा है। इसके बाद कई और प्राइवेट लैब्स भी फर्जी टेस्टिंग कराने के मामले में घिरी हैं।

इस साल कोरोनावायरस की दूसरी लहर आने के बावजूद एक अप्रैल से 30 अप्रैल लाखों श्रद्धालु कुंभ मेले में हिस्सा लेने हरिद्वार, देहरादून, टिहरी और पौड़ी जिले पहुंचे थे। बताया गया है कि फर्जी टेस्टिंग का यह मामला तब खुला जब पंजाब के रहने वाले एक शख्स ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) को ई-मेल लिखकर शिकायत की। सूत्रों के मुताबिक, यह व्यक्ति कुंभ के दौरान अपने घर में ही रह रहा था। इसके बावजूद उसके पास मैसेज आया कि कोरोना टेस्टिंग के लिए उसका सैंपल लिया गया है।

जानकारी के मुताबिक, शख्स ने इस घटना की शिकायत आईसीएमआर से की और कहा कि उसके आधार और मोबाइल नंबर का फेक टेस्ट के लिए गलत इस्तेमाल हो रहा है। बाद में आईसीएमआर ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए उत्तराखंड के स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अफसर को इसकी जानकारी दी। बताया गया है कि उत्तराखंड के इस अफसर ने कुंभ मेले में टेस्टिंग की जिम्मेदारी निभाने वाली प्राइवेट लैब की रिपोर्ट्स की जांच की। जब शुरुआती जांच में ही लैब की ओर से कई और लोगों को फेक रिपोर्ट्स देने की बात सामने आई, तब उन्होंने मामले में विस्तृत जांच के आदेश दिए।

जिस लैब पर इंक्वायरी बिठाई गई है, उसे मेला क्षेत्र में रैपिड एंटीजन टेस्ट कराने का आदेश दिया गया था। बता दें कि उत्तराखंड सरकार ने कुंभ में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या के मद्देनजर 24 प्राइवेट लैब्स को टेस्टिंग के लिए शामिल किया था। इनमें 14 जिला प्रशासन और 10 कुंभ मेला प्रशासन की तरफ से रैंडम टेस्टिंग के लिए लगाई गई थीं।

फिलहाल इस मामले की जांच के लिए हरिद्वार जिला मजिस्ट्रेट सी रविशंकर ने मुख्य विकास अफसर के अंतर्गत तीन सदस्यीय इंक्वायरी कमेटी बना दी है। उन्होंने कहा कि जांच के दायरे में आई प्राइवेट लैब की विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद कुंभ में काम करने वाली बाकी टेस्टिंग लैब्स की भी जांच हो सकती है। कमेटी को रिपोर्ट 15 दिन में सौंपनी होगी। अगर कोरोना की फर्जी रिपोर्ट्स की खबर सही साबित होती है, तो जिम्मेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी और कार्रवाई की जाएगी।

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