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BJP नेताओं की मौत पर लिखा था फ़ेसबुक पोस्ट, पत्रकार गिरफ़्तार

भारतीय जनता पार्टी ने मणिपुर की राजधानी इंफाल के एक पत्रकार और एक एक्टिविस्ट के खिलाफ उनके फेसबुक पोस्ट को लेकर शिकायत दर्ज की है।

तस्वीर का इस्तेमाल प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। (एक्सप्रेस फोटो)।

भारतीय जनता पार्टी ने मणिपुर की राजधानी इंफाल के एक पत्रकार और एक एक्टिविस्ट के खिलाफ उनके फेसबुक पोस्ट को लेकर शिकायत दर्ज की है। दोनों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। मणिपुर पुलिस ने गुरुवार शाम को किशोरचंद्र वांगखेम और एक्टिविस्ट एरेन्ड्रो लीचोम्बम को उनके घरों से गिरफ्तार कर लिया। भाजपा महासचिव पी प्रेमानंद मीतेई और भाजपा उपाध्यक्ष उशम देबन ने दोनों लोगों की पुलिस से शिकायत की थी।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि वांगकेम और लीचोम्बम के फेसबुक पोस्ट में मणिपुर भाजपा अध्यक्ष सैखोम टिकेंद्र सिंह का अपमान किया गया। मालूम हो कि गुरुवार को कोविड ​​​​-19 के कारण नेता ने दम तोड़ दिया । दोनो लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 153-ए (समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना)/505 (बी) (2) (उकसाने और शरारत करने के इरादे से बयान देना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है और दोनों को 17 मई तक पुलिस हिरासत में रखा जाएगा। यहा जानकारी एक ऑनलाइन समाचार पोर्टल ने दी है।

बता दें कि भाजपा अध्यक्ष के निधन के बाद वांगखेम ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा, “संथी संयुंग ना यादाबो, ओह!!! RIP #Rashikang_Kangyet Hayeng nga Chaani।” (अनुवाद: गोबर गोमूत्र काम नहीं आया। निराधार तर्क। कल मैं मछली खाऊंगा।)

जाने-माने राजनीतिक एक्टिविस्ट लीचोम्बम ने अपनी फेसबुक वॉल पर COVID के इलाज के लिए गोमूत्र और गोबर पर पार्टी के कुछ नेताओं की वकालत पर निशाना साधते हुए भाजपा नेता की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया।

जिसमें लिखा था, “कोरोना का इलाज गोबर और गोमूत्र नहीं है।  इलाज विज्ञान और सामान्य ज्ञान है। प्रोफेसर जी। आरआईपी।” इंफाल के शिजा अस्पताल में कोविड ​​​​-19 से संबंधित जटिलताओं के कारण भाजपा नेता टिकेंद्र की मृत्यु हो गई।

यह तीसरी बार है जब वांगखेम को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले उन्होंने दो अलग-अलग मामलों में जेल में समय बिताया था। इससे पहले भी, मणिपुर में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत देशद्रोह और “सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने” के आरोप लगाए थे।

मणिपुर स्थित राजनीतिक दल पीपुल्स रिसर्जेंस एंड जस्टिस एलायंस (पीआरजेए) के संयोजक लीचोम्बम पर भी पिछले साल फेसबुक पर एक टिप्पणी को लेकर देशद्रोह के आरोप में मणिपुर पुलिस ने मामला दर्ज किया था।

राज्य में भाजपा नीत सरकार के खिलाफ आलोचनात्मक टिप्पणी और वीडियो पोस्ट करने के बाद उन्हें 2018 में गिरफ्तार भी किया गया था।

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