Anchor Salma Sultana Murder Case: आठ साल पुराने बहुचर्चित एकंर सलमा सुल्ताना हत्याकांड की चश्मदीद कोमल सिंह राजपूत ने बुधवार को अपना बयान दर्ज कराया। अपर सत्र न्यायाधीश गरिमा शर्मा की अदालत में उसने जो गवाही दी, उसने सब सन्न कर दिया। बहुचर्चित हत्याकांड के संबंध में गवाही देते हुए उन्होंने बताया कि हत्या के वक्त आरोपी मधुर साहू के चेहरे पर जरा भी शिकन नहीं थी।
अंतिम फैसले की ओर बढ़ रहा मामला
कोमल ने कहा कि वो किसी विलन की तरह लग रहा था, जिसने एक पल अपनी प्रमिका को मार डाला और दूसरे पल उसकी हत्या का जश्न मनाने लगा। वो एक हाथ से सलमा का गला दबा रहा था और दूसरे से सिगरेट की कश ले रहा था। साथ वो सलमा का पसंदीदा गाना ‘तुझसे नाराज नहीं जिंदगी, हैरान हूं मैं…’ गुनगुना रहा था।
इस अहम गवाही के बाद अब यह मामला अपने अंतिम फैसले की ओर बढ़ रहा है। 5 साल तक छिपे रहे इस राज के खुलने के बाद से घटना में शामिल सभी आरोपी जेल में हैं। कोमल जो आरोपी मधुर साहू के जिम में कंप्यूटर ऑपरेटर थी ने कोर्ट को बताया कि घटना वाले दिन सलमा ने उसे शारदा विहार स्थित अपने घर बुलाया था। वहां दोनों के बीच विवाद हुआ और इस दौरान मधुर ने पहले सलमा का गला दबाने की कोशिश की।
हालांकि, वो पीछे हट गया। लेकिन कुछ देर बाद फिर विवाद हुआ और इस बार उसने बिस्तर पर पटक कर सलमा का गला दबाया और दूसरे आरोपी कौशल श्रीवास ने तकिए से सलमा का मुंह दबा रखा था। बकौल कोमल जब उसने इसका विरोध किया तो उसे भी जान से मारने की धमकी दी गई।
कोमल को मुंह बंद रखने को धमकाया
कोमल ने कहा कि हत्या के बाद उन्होंने उससे सलमा के फोन से उसके परिजनों को मैसेज – ‘मैं जा रही हूं, मुझे परेशान मत करना’ करने कहा। फिर फोन बंद कर दिया। कोमल ने दावा किया कि मधुर के कंप्यूटर में कई महिलाओं के साथ आपत्तिजनक तस्वीरें थीं और वह उन्हें ब्लैकमेल करता था। उसने हत्या की जानकारी पुलिस और सलमा के भाई के दोस्त को दी थी, लेकिन यह बात मधुर को पता चल गई और उसने उसको मुंह बंद रखने को धमकाया।
हत्या के बाद आरोपियों ने बड़ी चालाकी से शव को भवानी डबरी के पास बन रही सड़क के नीचे दफना दिया था। कई वर्षों तक उस सड़क के ऊपर से हजारों गाड़ियां गुजरती रहीं, लेकिन किसी को पता नहीं चला कि नीचे एक राज दफन है। हालांकि, साल 2023 में यह राज खुल गया।
मार्च, 2023 में महिलाओं और बच्चों के पुराने लापता मामलों की जांच करते समय, छत्तीसगढ़ के कोरबा में पुलिस को एक लोकल न्यूज एंकर का रहस्य पता चला, जो लगभग पांच साल से लापता थी। मामले की जांच के बाद, पुलिस को यह पता चला कि अक्टूबर 2018 में उसके लिव-इन पार्टनर मधुर साहू ने उसकी हत्या कर दी थी और उसके दो साथियों ने लाश को एक सुनसान जगह पर दफनाने में उसकी मदद की थी, जिसके ऊपर से तब से एक नेशनल हाईवे बन गया है।
डीएनए टेस्ट के जरिए पुष्टि हुई
इस सच्चाई के सामने आने के बाद सड़क खोदकर सलमा का नरकंकाल निकाला गया और डीएनए टेस्ट के जरिए पुष्टि हुई कि यह सलमा ही थीं। ऐसे में पुलिस ने मधुर साहू और उसके साथियों को गिरफ्तार किया, जो अब जेल की सलाखों के पीछे हैं।
मामले की जानकारी देते हुए सरकारी वकील सुनील सोनवानी ने कहा कि केस में अब तक 41 गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं। केवल 10 गवाह बाकी हैं। चार्जशीज और गवाहों ने यह पुष्ट कर दिया है कि आरोपियों को कड़ी सजा मिलेगी। कोमल की गवाही को एक मजबूत कड़ी माना जा रहा है। अन्य गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी, जिसका प्रदेश की जनता इंतजार कर रही है।
