ताज़ा खबर
 

कुंभः धूं-धूंकर जल रहे थे टेंट, 5 मिनट में एक्टिव हुई राहत टीम और 45 मिनट में बुझा दी आग

अचानक जोरदार धमाका हुआ और एक टेंट से लपटें निकलने लगीं। आग देखते ही लोगों में भगदड़ मच गई, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस तुरंत एक्टिव हो गई।

Author January 14, 2019 8:07 PM
कुंभ में उठा धुएं का गुबार, इनसेट- पंडाल में लगी आग (फोटोः कुमारसंभव)

प्रयागराज से कुमार सम्भव जैन : कुंभ मेले का आगाज 15 जनवरी को होना है, लेकिन 14 जनवरी को ही यहां बड़ा हादसा होते-होते बच गया। कुंभ मेले के सेक्टर-17 में एक अखाड़े के टेंट में आग लग गई। मामले की जानकारी मिलते ही एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम महज 5 मिनट में ही एक्टिव हो गईं। वहीं, 45 मिनट में आग पर काबू पा लिया गया। इस हादसे में 8 टेंट जलकर खाक हो गए, लेकिन गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। इस दौरान अन्य श्रद्धालुओं ने भी मेले में किए गए इंतजामों की काफी तारीफ की।

अचानक हुआ धमाका, चीखने लगे लोग : मैं 20 सेक्टरों में बंटे कुंभ मेले के 17वें सेक्टर में घूम रहा था और मेले की व्यवस्था का जायजा ले रहा था। अचानक जोरदार धमाका हुआ और एक टेंट से लपटें निकलने लगीं। आग देखते ही लोगों में भगदड़ मच गई, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस तुरंत एक्टिव हो गई। उन्होंने लोगों को एक तरफ किया और मामले की जानकारी फायर ब्रिगेड व एसडीआरएफ की टीम को दी। घड़ी के कांटे में 5 मिनट भी नहीं बीते थे कि फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंच गईं।

प्रसाद बनाने के दौरान फटा था सिलेंडर : आग लगने की वजह ढूंढी तो पता लगा कि इंदौर वाले बारहभाई त्यागी अखाड़े के टेंट में प्रसाद बनाने के दौरान आग लग गई थी, जिससे एक सिलेंडर फट गया। टेंट में मौजूद लोग तुरंत बाहर निकल गए। इस दौरान एक के बाद एक करके दो और सिलेंडर फट गए, जिससे आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।

तेज हवा ने भड़का दी आग : मैं घटनास्थल से करीब 100 मीटर की दूरी पर था, लेकिन आग की तपिश वहां तक महसूस हो रही थी। पश्विम से पूर्व की ओर बह रही तेज हवा की वजह से एक से दूसरे टेंट में आग फैलने लग गई थी। धीरे-धीरे उसकी चपेट में 8 टेंट आ गए थे। ऐसे में लोगों की जुबां पर बस एक ही बात थी कि अब मेला कैसे होगा।

इस एक्शन प्लान से बुझाई आग : एसडीआरएफ टीम के एक सदस्य ने बताया कि हादसे की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और हमारी टीम मौके पर पहुंचने लगीं। इसके बाद टेंट पर चारों तरफ से पानी डाला गया, जिससे आग पर जल्दी काबू पा लिया गया। उन्होंने बताया कि इस बार मेले में सभी सेक्टरों के बीच में कम से कम 100-120 फीट का गैप रखा गया है, जिससे मेले का दायरा बढ़ा है, लेकिन किसी भी तरह का हादसा होने की स्थिति में उसे आसानी से काबू किया जा सकता है। वहीं, डेढ़ किलोमीटर लंबे हर सेक्टर में कम से कम 3-4 चौराहे बनाए गए हैं, जिनकी मदद से टीम ने घटनास्थल को चारों तरफ से घेर लिया और आग पर जल्दी ही काबू पा लिया।

हर बार से अलग हैं मेले के इंतजाम : आग लगने के दौरान मौके पर मौजूद बांदा के प्रदीप ने बताया, ‘मैं कई बार कुंभ मेले में आ चुका हूं, लेकिन इस बार जैसे इंतजाम पहले नहीं देखे। आग लगने पर टीम तुरंत एक्टिव हो गई, जिससे हादसा बड़ा नहीं हुआ। इसके अलावा हर चौराहे के साथ-साथ थोड़ी-थोड़ी दूर पर पुलिसकर्मी मौजूद हैं, जो सही तरीके से गाइड करते हैं।’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App