महाराष्ट्र के ठाणे जिले की कपूरबावड़ी पुलिस थाने में शिवसेना (यूबीटी) के पूर्व सांसद विनायक राउत, उनका पत्नी शामल, बेटे गीतेश राउत और चार अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई उनकी बहू की शिकायत पर की गई है।
बहू ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उसे शादी के लिए धोखा दिया गया। साथ ही उनके साथ शारीरिक और मानसिकता क्रूरता भी की गई है। इसके अलावा, कथित तौर पर काले जादू की रस्में करने के लिए मजबूर भी किया गया।
38 वर्षीय बहू ने की शिकायत
यह एफआईआर 38 वर्षीय गिरिजा राउत की शिकायत पर दर्ज की गई है। उनके मुताबिक, उनकी शादी 3 दिसंबर 2027 को गीतेश राउत से हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि शादी से पहले राउत परिवार ने झूठ बोला था कि गीतेश के पास कई संपत्तियां हैं, जिनमें वाकोला की एक पॉश बिल्डिंग में फ्लैट और एक बंगला शामिल है, और उन्हें भरोसा दिलाया था कि शादी के बाद वे वहीं रहेंगे।
इसके बजाय, उन्होंने आरोप लगाया कि शादी के तुरंत बाद उन्हें वाकोला की एक झुग्गी बस्ती वाले घर में ले जाया गया। जब उनके माता-पिता ने इस कथित धोखे के बारे में परिवार से सवाल किया, तो उनके साथ कथित तौर पर बदसलूकी की गई और उन्हें धमकाया गया।
मारपीट का लगाया आरोप
गिरिजा ने आगे आरोप लगाया कि उन्हें नौकरी छोड़ने और बिना किसी आर्थिक आजादी के अपने पति के ट्रांसपोर्ट बिजनेस में काम करने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने दावा किया कि वे साथ मिलकर भारत और विदेशों में घूमे और साथ ही यह भी कहा कि उनके साथ बार-बार मारपीट की गई, उन्हें अपमानित किया गया और मानसिक रूप से परेशान किया गया।
एफआईआर के मुताबिक, 2018 और 2022 के बीच उसके पति और ससुराल वाले उसे सिंधुदुर्ग और रत्नागिरी में खुद को भगवान बताने वाले बाबाओं के पास ले गए। वहां उसे तंत्र-मंत्र वाली रस्मों में हिस्सा लेने के लिए मजबूर किया गया, जिसमें गाय का मूत्र पीना और नींबू व कैंची से जुड़ी रस्में शामिल थीं।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने गितेश राउत, विनायक राउत, शामल राउत और कई अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिनमें वे लोग भी शामिल हैं जिन पर ये रस्में करवाने का आरोप है। मामले की जांच चल रही है।
शिवसेना UBT नेता ने आरोपों से किया इनकार
इन आरोपों को नकारते हुए शिवसेना यूबीटी नेता विनायक राउत ने कहा कि यह शिकायत तलाक के चल रहे विवाद का नतीजा है। उन्होंने दावा किया कि मध्यस्थता के दौरान गिरिजा ने 5 करोड़ रुपये, एक 3 बीएचके फ्लैट, एक ऑटोमैटिक कार और हर माह 2 लाख रुपये के गुजारे-भत्ते की मांग की थी, जिसमें परिवार ने मानने से इनकार कर दिया।
विनायक राउत ने कहा, “मेरे परिवार पर लगाए गए आरोप पूरी तरह झूठे हैं। हम कोर्ट में इसका जवाब देंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले की सुनवाई 23 जुलाई होनी है।
शिवसेना यूबीटी के नेता ने एफआईआर दर्ज होने के समय पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन घटनाओं के बारे में बताया गया है, वे 2018-22 के बीच की है, लेकिन उनकी शिकायत इस साल की गई है। उन्होंने दावा किया कि गिरिजा पिछले तीन साल से उनके बेटे से अलग रह रही है और बाद में उन्होंने सेटलमेंट की अपनी मांग बढ़ाकर 12.60 करोड़ रुपये, एक 3 बीएचके फ्लैट और हर माह 5 लाख रुपये के गुजारे-भत्ते की मांग की।
गिरिजा ने आरोपों से किया इनकार
हालांकि गिरिजा ने परिवार से पैसे मांगने की बात से इनकार किया। उन्होंने कहा, “मेरी बस यही उम्मीद थी कि अपने पति के साथ खुशहाल शादीशुदा जिंदगी बिताऊं और परिवार के साथ शांति से रहूं। इसके बजाय, मुझे उत्पीड़न और अपमान का सामना करना पड़ा।” पुलिस ने इन आरोपों पर कोई टिप्पणी नहीं की है; मामले की जांच चल रही है।
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महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में उद्धव ठाकरे के सभी 6 बागी सांसद शिवसेना में शामिल हो गए। इस मौके पर शिवसेना नेता रामदास कदम ने चौंकाने वाला दावा किया है कि इन 6 सांसदों के अलावा, एक और सांसद शिंदे गुट ज्वॉइन करना चाहता था लेकिन एकनाथ शिंदे ने उसे मना कर दिया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
