झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन के निधन पर शोक जताया। वीर सोरेन का मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में निधन हो गया। वह 19 वर्ष का था। हिमाचल प्रदेश के मनाली में अचानक तबियत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया जहां उसका निधन हो गया।

हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “आदरणीय श्री चंपई सोरेन जी के पोते वीर सोरेन का कुल्लू में आकस्मिक निधन का अत्यंत मर्माहत करने वाला समाचार मिला। मरांग बुरु दिवगंत आत्मा को शांति प्रदान कर शोकाकुल परिजनों को दुःख की घड़ी सहन करने की शक्ति दें। इस दुख की घड़ी में हम उनके साथ हैं।”

वीर सोरेन की मनाली में बिगड़ी तबियत

चंपई ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, “अत्यंत दुःख के साथ सूचित करते हैं कि हमारे प्रिय पोते वीर सोरेन का 24 फरवरी 2026 को असामयिक निधन हो गया है। हिमाचल प्रदेश के मनाली में अचानक तबियत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। वीर के जाने से हमारा परिवार बिखर गया है।”

पुलिस ने बुधवार को बताया कि वीर सोरेन मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के मनाली स्थित एक होमस्टे में मृत पाया गया। सूत्रों के अनुसार, वीर सोरेन 22 फरवरी को अपने दोस्तों के साथ मनाली पहुंचा था और सिम्सा इलाके में एक होमस्टे में ठहरा हुआ था। सोमवार को समूह ने सेथन और हमता दर्रे का दौरा किया और शाम को अपने आवास पर लौट आए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा है कि वे अपने पोते का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते

मनाली के पुलिस उपाधीक्षक केडी शर्मा ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन बुधवार को अपने परिवार के साथ मनाली पहुंचे। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा है कि वे अपने पोते का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते। हालांकि, हमें मौत में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं मिली है फिर भी हम पीड़ित परिवार की इच्छा के अनुसार प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं। प्रथम दृष्टया, उनकी मृत्यु ऊंचाई पर होने वाली बीमारी के कारण हुई होगी। सोमवार को, मृत्यु से एक दिन पहले, वीर सोरेन अपने दोस्तों के साथ हमता दर्रे पर गया था जो एक ऊँचाई वाला इलाका है। हमने उनके दोस्तों के बयान भी दर्ज कर लिए हैं।”

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