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पूर्व एयर मार्शल बोले- आर्थिक रूप से पाक कमजोर, लेकिन डिफेंस डील करने में भारत से बेहतर

विंग कमांडर अभिनंदन भारतीय वायुसेना के पहले ऐसे पायलट हैं जिन्होंने MiG-21 पाकिस्तान के एफ-16 विमान को मार गिराया था।

former air chief marshallपूर्व एयर मार्शल एस कृष्णस्वामी फोटो सोर्सः इंडियन एक्सप्रेस

भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान की वतन वापसी से खुश पूरा देश अब उनकी लड़ाकू विमान में वापसी का इंतजार कर रहा है। रिटायर्ड एयर चीफ मार्शल एस कृष्णास्वामी ने अभिनंदन की तारीफ करने के साथ-साथ रक्षा सौदों को मंजूरी देने की भारत की गति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि अभिनंदन जल्द से जल्द कॉकपिट पर अपनी वापसी करें। सोमवार को एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने भी उनकी कॉकपिट में वापसी पर बयान दिया है।

कृष्णस्वामी ने बताया कि अभिनंदन मिग-21 विमान की मदद से ऐसा करने वाले पहले भारतीय पायलट हैं। वर्तमान भारतीय वायुसेना द्वारा पाकिस्तान के बालाकोट में की गई एयरस्ट्राइक का हिस्सा थे। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान के एफ-16 विमान को ध्वस्त कर दिया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस दौरान एफ-16 विमान का पायलट भी हमले में मारा गया। उन्होंने कहा कि अगर ये बात सच है तो यह पाकिस्तानी वायुसेना का बहुत बड़ा नुकसान है।

मिग-21 से बेहतर है एफ- 16 विमानः हिंदुस्तान टाइम्स पर प्रकाशित एक लेख के मुताबिक कृष्णस्वामी ने बताया, ‘मिग-21और एफ-16 विमान के बीच कोई मुकाबला नहीं है। उन्होंने कहा कि एफ-16 विमान मिग-21 के मुकाबले तकनीकी गुणवत्ता में हर लिहाज से बेहतर है। एफ-16 विमान अमेरिका ने बनाया है और इसे एयर सुपीरियरिटी फाइटर के तौर पर डिजाइन किया गया है। हमें भी अपने वायुसेना के विमानों को अपग्रेड करने की जरूरत है। हमारे पास जो विमान हैं वो आज की जरूरत के हिसाब से तकनीकी गुणवत्ता के नहीं हैं।

उन्होंने बताया कि हमारी सेना को अभी लगभग 100 और लड़ाकू विमानों की जरुरत है, जिनका अधिग्रहण होना बाकी है। इस समय वायुसेना के पास सुखोई विमान -20 MKI मौजूद हैं जो लगभग दो दशक पुराने हो चुके हैं और उन्हें अपग्रेड किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा अफसोस की बात तो ये है कि भारत की जटिल अधिग्रहण प्रकिया और हर अधिग्रहण के दौरान होने वाली राजनीति ने सरकार को निर्णय लेने से रोक दिया है। कृष्णास्वामी ने कहा पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के कमजोर होने के बावजूद वह हमसे बेहतर स्थिति में हैं।’

 

सरकार पर उठाए सवालः मार्शल चीफ कृष्णामूर्ति ने पूछा, ‘आखिर कब सरकार निर्णय लेगी और सौदों को मंजूरी करेगी। विमानों को अपग्रेड करने के लिए कॉन्ट्रेक्ट पर साइन करने के बाद पांच साल का समय लग जाता है। ऐसे में इस समय हमारे पास जो भी विमान है हमें उसी से अगले 10 साल और काम चलाना पड़ेगा। सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को विमानों को अपग्रेड करने में देरी नहीं करनी चाहिए। यह समय एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का नहीं है। इस समय हमें अपनी स्थिति मजबूत करने की जरूरत है।’

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