Noida News: कीमतें बढ़ने के चलते मजदूरी बढ़ाने की मांग को लेकर नोएडा में फैक्टरी मजदूरों के सड़कों पर उतरने के एक दिन बाद सेक्टर 121 में क्लियो काउंटी के बाहर सैकड़ों घरेलू कामगारों ने भी विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने भी अपनी तनख्वाह बढ़ाने की मांग की।

महिलाओं ने बताया कि मंगलवार सुबह 7 बजे कुछ महिलाएं आवासीय सोसायटी के बाहर इकट्ठा हुईं और उनका विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। वहां मौजूद श्रमिकों में से एक अर्चना ने कहा, “हम सोशल मीडिया पर कल के विरोध प्रदर्शन के वीडियो के बारे में बात कर रहे थे। उसके बाद हमें एहसास हुआ कि पिछले कुछ सालों में हमारी तनख्वाह में भी कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।”

उन्होंने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि सरकार फैक्टरी मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी की सीमा तय करती है। रेखा ने पूछा, “हमें यह देखकर आश्चर्य हुआ कि सरकार ने प्रतिदिन 700 रुपये की सीमा तय की है। हम इस नियम के दायरे में क्यों नहीं आते।” अर्चना के मुताबिक, क्लियो काउंटी में काम करने वाली ज्यादातर घरेलू कामगार गढ़ी चौकखंडी से आती हैं। यह एक शहरी गांव है जो इस ऊंची रिहायशी सोसायटी के ठीक दूसरी तरफ पड़ता है।

हमें केवल तीन हजार रुपये मिलते हैं

उन्होंने आरोप लगाया, “इन घरों में कम से कम 1500-2000 महिलाएं काम करती हैं। हमें खाना पकाने और सफाई के लिए एक घर से ज्यादा से ज्यादा 3000 रुपये मिलते हैं। जब हमने अपने मालिकों से वेतन 1000 रुपये बढ़ाने के लिए कहा, तो उन्होंने कहा कि अगर हमने विरोध किया तो वे हमें सोसाइटी में आने से रोक देंगे।” श्रमिकों ने बताया कि कम से कम 26 टावर हैं। इनमें से हर एक में 120 फ्लैट हैं।

श्रमिकों ने बताया कि सोसायटी में उनके प्रवेश पर रोक लगाने की धमकी ने कथित तौर पर उन्हें गुस्सा दिलवा दिया और इसके बाद उन्होंने बाहर विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया। रेखा ने कहा, “इस सोसाइटी में हर परिवार की मासिक आय 3-4 लाख रुपये है। जब हम उनसे अपनी मजदूरी में कुछ हजार रुपये बढ़ाने के लिए कहते हैं तो उन्हें इतनी बड़ी समस्या क्यों होती है।”

हम कैसे गुजारा करेंगे- अर्चना

उन्होंने आगे बताया कि पिछले कुछ महीनों में जीवनयापन की लागत में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। अर्चना ने कहा, “हमारा किराया 2000-3000 रुपये बढ़ गया है। कुछ दिन पहले मुझे 4000 रुपये का एलपीजी सिलेंडर खरीदना पड़ा। जब सब कुछ महंगा है और हमारी तनख्वाह उतनी ही है, तो हम कैसे गुजारा करेंगे।”

पुलिस ने लाठीचार्ज किया

कुछ घंटों के विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कथित तौर पर कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। पुष्पा ने दावा किया कि कि जब एक पुलिसकर्मी ने उनके चेहरे को ढकने वाले दुपट्टे को जबरदस्ती छीना तो उनकी सोने की नथनी निकल गई। उन्होंने कहा, “सिर्फ इसी से मुझे 3000 रुपये का नुकसान हुआ है।”

जब कर्मचारियों ने सोसायटी के प्रशासन से मिलने की मांग की, तो कथित तौर पर उनका मजाक उड़ाया गया। अर्चना ने कहा, “उन्होंने हमसे कहा कि हम अपनी मांगें सरकार के पास रखें। क्या उन्हें लगता है कि हम बेवकूफ हैं? हम जानते हैं कि हम किसी सरकारी एजेंसी के अधीन नहीं आते। हम जानते हैं कि हमारे वेतन को बढ़ाने या घटाने का पूरा अधिकार उन्हीं (निवासियों) के पास है।”

उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर में शुक्रवार से जारी श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन के बाद योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य में न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी करने की घोषणा की हैं। श्रमिकों को दी जाने वाली नई दर एक अप्रैल से लागू होगी। योगी सरकार ने त्रिस्तरीय दरों की घोषणा की है जिनके तहत गौतमबुद्ध नगर (नोएडा)-गाजियाबाद के लिए, नगर निगम वाले शहर और अन्य जिलों के लिए अलग-अलग न्यूनतम वेतन दर लागू की गयी। पढ़ें पूरी खबर…