Rajasthan News: राजस्थान के टोंक-सवाई माधोपुर से लोकसभा के पूर्व सांसद और बीजेपी नेता सुखबीर सिंह जौनापुरिया के कंबल बांटने के दौरान मुस्लिम महिलाओं से नाम पूछकर उन्हें दिए हुए कंबल वापस लेने पर विवाद बढ़ गया है। शकूरन बानो भी इस घटना से काफी आक्रोशित हैं। शकूरन बानो ने कहा, “कंबल नहीं भी मिलता तो कोई दिक्कत कोन थी हमें। बस बात ये थी बेइज्जती की।”
60 वर्ष से ज्यादा उम्र की शकुरान अकेली नहीं हैं जो इस घटना से आक्रोशित हैं। उनके हिंदू पड़ोसी भी पूर्व टोंक-सवाई माधोपुर सांसद और बीजेपी नेता सुखबीर सिंह जौनपुरिया द्वारा टोंक के करेड़ा बुजुर्ग में आयोजित कंबल वितरण कार्यक्रम में शकुरान और कम से कम चार अन्य मुस्लिम महिलाओं को ठुकराए जाने से नाराज हैं। उन्होंने कुछ महिलाओं को दिए गए कंबल, उनके धर्म के बारे में जानने पर, वापस ले लिए।
गांव में भारी आक्रोश- हनुमान चौधरी
सरपंच बीना देवी के पति हनुमान चौधरी ने कहा कि जौनपुरिया की हरकतों को लेकर गांव में भारी आक्रोश है। उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “मुसलमानों से ज्यादा हिंदू नाराज हैं। हमने अगले दिन जौनपुरिया का पुतला जला दिया।” सोमवार को वायरल हुए वीडियो में शकूरन को जौनपुरिया द्वारा नजरअंदाज किए जाने पर वहां से जाते हुए देखा जा सकता है। उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “जैसे ही उन्होंने कंबल हटाए, मैं वहीं से उठ गई।” उन्होंने आगे बताया कि आयोजकों ने उनसे एक तरफ बैठने को कहा। शकूरन ने कहा, “उन्होंने (जौनपुरिया ने) कहा कि जो लोग मोदी को गाली देते हैं, उन्हें (कंबलों पर) कोई अधिकार नहीं है। बुरा तो बहुत लगा। कोई जरूरी था कि कंबल ही दिलवाना है।”
स्थानीय महिला ने हमें बैठक के लिए बुलाया था- शकूरन
शकूरन ने कहा कि उन्हें और अन्य लोगों को एक स्थानीय महिला ने बैठक में आमंत्रित किया था। उनके साथ चार और मुस्लिम महिलाएं भी बैठक में शामिल हुईं। रमजान के कारण रोजा रखने के कारण, उन्होंने आगे कहा, “इसलिए हम गए। हमें नहीं पता था कि कंबल बांटे जाएंगे, कंबल तो हमारे पहुंचने के बाद ही मिले।”
शकूरन ने लगभग छह साल पहले अपने पति निजाम को खो दिया था। उनके के दो बेटे हैं इस्लाम और हनीफ। इस्लाम पास के चाकसू कस्बे में रहता है, जबकि हनीफ और उसका परिवार और शकूरन करेड़ा बुज़ुर्ग में एक दो कमरों के मकान में रहते हैं और प्रति माह 1000 रुपये किराया देते हैं। अपने पिता की तरह लोहार का काम करने वाले हनीफ कहते हैं, “इज्जत तो खराब हो गई (यह हमारी इज्जत पर धब्बा है)। उसे हमें अपमानित नहीं करना चाहिए था।”
हनीफ आगे कहते हैं कि अच्छी बात यह है कि पूरा गांव उनके साथ खड़ा है और उनके बीच भाईचारा मजबूत बना हुआ है। कार्यक्रम के वीडियो में, जब जौनपुरिया जा रहे थे, तो कुछ लोग उन्हें टोकते हुए सुनाई दिए, जिनमें से एक ने कहा, “आप कंबल वापस ले जा रहे हैं। लोकतंत्र में सब बराबर हैं।” जौनपुरिया ने अपने इस कदम का बचाव करते हुए कहा कि वह निजी तौर पर कंबल बांट रहे थे। उन्होंने पलटवार करते हुए पूछा, “क्या ये कंबल सरकार की तरफ से हैं?” उस व्यक्ति ने जवाब दिया, “आपने गलती की है।”
हिंदू नौजवानों ने उठाया ऐतराज
शकूरन ने कहा, “हमारे गांव के हिंदू, खासकर नौजवानों ने ऐतराज उठा लिए (विरोध किया), उन्होंने जौनपुरिया से कहा कि हम यहां भाई-बहन की तरह रहते हैं। वहां मौजूद दो-तीन पुलिसकर्मियों ने भी हमसे कहा कि हमें यहां से नहीं हटाया जाना चाहिए था।” वह कहती हैं कि उनके हिंदू पड़ोसियों ने उनसे कहा है कि उन्हें बुरा लग रहा है कि “चाची के साथ ऐसा किया गया।”
सरपंच बीना देवी चौधरी के पति हनुमान चौधरी का कहना है कि जौनपुरिया की हरकतें निंदनीय हैं और गांव में मुसलमानों की अल्पसंख्यक आबादी बहुत कम है, फिर भी यहां हमेशा सद्भाव बना रहा है। हनुमान के अनुसार, ग्राम पंचायत की कुल आबादी में मुसलमानों की संख्या लगभग 3% है। हनुमान ने कहा, “चाहे दिवाली हो, होली हो या ईद, हम सब मिलकर मनाते हैं। हम भेदभाव नहीं करते, जौनपुरिया ने यहां के भाईचारे को तोड़ने की कोशिश की है।”
साथ ही यह भी बताते हैं कि गांव के अन्य छोटे सामुदायिक समूह भी चिंतित हैं। उन्होंने कहा, “उनकी चिंता यह है कि आज मुसलमानों के साथ जो हुआ है, कल उनके साथ भी हो सकता है।” कांग्रेस के टोंक जिला अध्यक्ष सऊद सैदी ने बीजेपी से जौनपुरिया को निष्कासित करने की मांग की है।
बीजेपी नेता अपने रुख पर अड़े
जौनपुरिया ने इंडियन एक्सप्रेस से फिर कहा कि कंबल वितरण उनकी अपनी पहल थी। उन्होंने कहा, “मैं ऐसे कार्यक्रम करता रहता हूं। हमने लगभग 200 महिला पार्टी कार्यकर्ताओं की लिस्ट बनाई थी और उन्हें (मुस्लिम महिलाओं को) आमंत्रित नहीं किया था।” बीजेपी नेता ने कहा कि कंबल बांटे जाने की खबर सुनकर वे तुरंत मौके पर पहुंच गईं।
जौनपुरिया ने कहा कि महिलाओं ने अपने सिर ढके हुए थे और पहले तो उन्हें लगा कि वे पार्टी कार्यकर्ता हैं। लेकिन फिर, जौनपुरिया आगे बताते हैं, उन्हें शक हुआ, जिसके चलते उन्होंने महिलाओं से उनके नाम पूछे। एक महिला ने नाम बताया और जब पार्टी के स्थानीय नेता ने उन्हें बताया कि वे मुस्लिम हैं, तो जौनपुरिया कहते हैं, “मैंने उनसे कहा, ‘ये तो गलत बुला ली हैं, ऐसे तो उचित नहीं हैं’।”
जौनपुरिया का तर्क है कि अगर महिलाएं कंबल लेकर चली जातीं, तो वे बाद में शेखी बघारतीं, “हमने जौनपुरिया को मूर्ख बना दिया।” बीजेपी नेता ने कहा, “आपको पहले से ही सरकारी योजनाएं मिल रही हैं और अब आप यह भी चाहते हैं, जबकि हमारे कार्यकर्ता वंचित हैं! अगर हम आपको 30-40 कंबल दे दें, तो हमारे कार्यकर्ता नाराज हो जाएंगे।” जौनापुरिया का दावा है कि वह टोंक में स्थानीय महिला एवं बाल अस्पताल के मरीजों और उनके परिवारों के लिए 10-12 सालों से रोजाना एक सामुदायिक रसोई” चला रहे हैं और “भोजन करने वालों में से लगभग आधी मुस्लिम महिलाएं हैं।”
मैं पीएम को जन्मदिन पर हर व्यक्ति को 500 रुपये देता हूं- जौनपुरिया
जौनपुरिया ने कहा, “मैं प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर हर व्यक्ति को 500 रुपये देता हूं। एक अस्पताल के बिस्तर पर कोई हिंदू है, एक बिस्तर पर मुसलमान है, तो मैं कहां तक छंटूं? मुझे सब को ही देना पड़ रहा है।” 2005 से 2009 तक हरियाणा के सोहना से विधायक रहे और 2014 और 2019 में टोंक सवाई माधोपुर से लोकसभा के लिए चुने गए, लेकिन 2024 में हार गए, जौनपुरिया का यह भी दावा है कि उन्होंने पहले मुसलमानों को कंबल दिए हैं। वे आगे कहते हैं कि मुस्लिम महिलाएं उन्हें राखी बांधती हैं।
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युवा कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने गांव जाकर महिलाओं को कंबल बांटे और बीजेपी पर लोगों को बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया। इसको लेकर सोमवार को गांव में विरोध प्रदर्शन भी हुआ। कांग्रेस नेताओं ने जौनापुरिया की निंदा करते हुए कहा, ”एक जनप्रतिनिधि जो सांसद रहे हों, वह इस तरह की हरकत करें यह बिल्कुल निंदनीय है।” पढ़ें पूरी खबर…
