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इटावा में जल्द बनेगा पशु प्रशिक्षण केंद्र

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. एससी गुप्ता के मुताबिक प्रशिक्षण केंद्र बनने से किसान और पशुपालक काफी लाभांवित होंगे। 30 हजार वर्गमीटर में पांच करोड़ 75 लाख की लागत से यह केंद्र बनकर तैयार होगा।

Author इटावा | February 27, 2016 10:29 PM
इटावा लॉयन सफारी प्रोजेक्ट (फाइल फोटो)

इटावा में किसानों को भेड़ और बकरी को वैज्ञानिक तरीके से पालन पोषण के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके लिए जिला पशु अस्पताल में जल्द ही एक प्रशिक्षण केंद्र बनेगा। छह करोड़ की लागत से बनने वाला यह प्रशिक्षण केंद्र अत्याधुनिक होगा। इसमें विशेषज्ञ डाक्टर किसानों को प्रशिक्षित करेंगे कि वे भेड़ व बकरी का पालन पोषण किस तरह से कर सकें। इटावा जिले को जमुनापारी बकरी का प्रमुख गढ़ माना जाता है। इसलिए सरकार द्वारा प्राथमिकता के तौर पर एक प्रशिक्षण केंद्र मनाने की योजना बनाई गई है।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. एससी गुप्ता के मुताबिक प्रशिक्षण केंद्र बनने से किसान और पशुपालक काफी लाभांवित होंगे। 30 हजार वर्गमीटर में पांच करोड़ 75 लाख की लागत से यह केंद्र बनकर तैयार होगा।पशुपालन विभाग ने प्रशिक्षण केंद्र के लिए जगह भी चिह्नित कर ली है। जल्द ही इसका काम शुरू हो जाएगा। भेड़ बकरी प्रशिक्षण केंद्र पहले कुक्कुट प्रक्षेत्र में प्रस्तावित था। यहां पर वन विभाग द्वारा प्रशिक्षण केंद्र के लिए जगह उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके बाद पशुपालन विभाग ने शहर के राजकीय बालिका इंटर कालेज के सामने बने जिला पशु अस्पताल में जगह तलाशी।

उन्होंने बताया कि जगह की नाप कर ली है, जल्द ही इस पर प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण कार्य शुरू होगा। जहां किसानों के ठहरने के लिए आवास बनाएं जाएंगे वहीं एक बड़ा ट्रेनिंग केंद्र भी तैयार होगा। जिसमें किसानों के साथ-साथ पशुपालकों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। जो भी विशेषज्ञ डाक्टर बाहर से किसानों को ट्रेनिंग देने के लिए आएंगे उनके लिए भी एक अतिथि गृह बनाया जाएगा। 30 हजार वर्गमीटर में पांच करोड़ 75 लाख की लागत से यह केंद्र बनकर तैयार होगा। गुप्ता के मुताबिक प्रशिक्षण केंद्र बनने से किसान व पशुपालक काफी लाभांवित होंगे। उन्हें इस बात की जानकारी दी जाएगी कि वे भेड़ व बकरी का पालन पोषण किस प्रकार से करें जिससे अधिक लाभ हो। बकरी अनुसंधान संस्थान मथुरा व इंडियन वैटेरेनरी रिसर्च इंस्टीटूट बरेली के विशेषज्ञ किसानों को प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।

उन्होंने बताया कि पशुओं की जांच प्रयोगशाला अब तक सिर्फ दस जिलों में थीं लेकिन प्रदेश सरकार ने अब सभी जिलों में लैब स्थापित करने के लिए हरी झंडी दे दी है। इस काम में प्रदेश का पशुपालन विभाग तेजी से जुट गया है। प्रदेश में लखनऊ, कानपुर, बनारस, बरेली, आगरा, मेरठ, इलाहाबाद, मुरादाबाद, फैजाबाद व झांसी में लैब संचालित हो रहीं थीं। उन्होंने बताया कि पशुओं को बेहतर उपचार की सुविधा देने के लिए प्रदेश सरकार सभी जनपदों में पशु पैथोलॉजी लैब खोलेगी। इटावा में भी लैब की स्थापना जिला पशु चिकित्सालय में होगी।

इस लैब में पशुओं का रक्त, मूत्र, विषाणु आदि की जांच हो सकेंगी। जांच के अभाव में पशुओं की बीमारी को महामारी बनने से रोकने में भी मदद मिलेगी। इस लैब में अत्याधुनिक मशीनें होंगी, जिनसे गला घोंटू, पशुओं की दिमागी बीमारी, पेट में कीड़ों का संक्रमण, खून में कीड़ों का संक्रमण और बर्ड फ्लू से संबंधित जांचे भी हुआ करेंगी।

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