बिहार के भोजपुर में भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में परिवार के सदस्यों ने अपनी कुछ मांगें रखी हैं। परिवार का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती, भरत तिवारी की मां आशा देवी की भूख हड़ताल जारी रहेगी। भरत तिवारी के परिवार का कहना है कि इस घटना में शामिल दोषी पुलिसकर्मियों और अफसरों को गिरफ्तार किया जाए।
बिहार के भोजपुर जिले में पिछले महीने हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर राज्य का राजनीतिक माहौल बेहद गर्म है। भरत तिवारी के परिजनों और समर्थकों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनकी हत्या की है जबकि पुलिस ने कहा है कि उसने आत्मरक्षा में गोली चलाई थी।
एफआईआर वापस ली जाए
तिवारी के परिवार की एक सदस्य ने पत्रकारों से कहा, “मेरे परिवार की सुरक्षा जल्द से जल्द सुनिश्चित की जानी चाहिए। यदि इस मामले से संबंधित कोई अधिकारी जांच के लिए आ रहा है, तो उसे मुझे सूचित करना चाहिए, ताकि जांच में सहयोग किया जा सके। मेरे गांव के लोगों के खिलाफ पुलिस द्वारा दर्ज किया गया झूठा मामला जल्द से जल्द वापस लिया जाना चाहिए।”
परिवार का कहना है कि जगदीशपुर डीएसपी राजेश शर्मा, शाहपुर पुलिस स्टेशन के एसएचओ राजेश कुमार मल्लकर, एसआई अंकित आर्यन और एसटीएफ जवान अक्षय कुमार की गिरफ्तारी तक तिवारी की मां आशा देवी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर रहेंगी।
भरत तिवारी की 17 जून को मौत हो गई थी। उससे पहले स्थानीय प्रशासन और पुलिस के अफसर सोशल मीडिया पर उनकी पोस्ट के संबंध में पूछताछ के लिए उनके घर पहुंचे थे।
इस मामले में दबाव बढ़ने के बाद राज्य सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए थे और संबंधित थाने के प्रभारी एसएचओ, सहित चार पुलिस अफसरों को निलंबित कर दिया गया था। इसके अलावा एसडीपीओ का तबादला पटना कर दिया गया था।
बिहार में राजनीतिक बयानबाजी तेज
भरत तिवारी के एनकाउंटर मामले को लेकर बिहार में राजनीति भी तेज है। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर पिछले सप्ताह भरत तिवारी के गांव बिलौटी गए थे। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर राज्य सरकार ने पटना हाई कोर्ट के किसी सिटिंग जज से इसकी जांच नहीं कराई तो मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के संस्थापक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने पुलिस और प्रशासन का समर्थन किया था। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को सही बताया था जबकि बिहार से ही आने वाले लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा था कि तिवारी के एनकाउंटर के लिए जिम्मेदार पुलिस अफसरों को सख्त सजा दिलाई जाएगी। चिराग पासवान ने तिवारी के परिजनों से मुलाकात की थी और कहा था कि उन्हें न्याय दिलाया जाएगा।
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बिहार के भोजपुर में हुए भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर मामले में मां ने न्यायिक आयोग को बताया कि तिवारी अपना हथियार फेंकने के बाद पुलिस के साथ जाने के लिए तैयार थे। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
