ताज़ा खबर
 

प. बंगाल चुनाव से पहले नारदा स्टिंग केस में फिर ऐक्टिव हुआ ईडी, 11 टीमएसी नेताओं को भेजा नोटिस, सात साल का विवरण तलब

ईडी सूत्रों के अनुसार, उनके बैंक खाते से लेन-देन और चल-अचल संपत्ति की डिटेल भी मांगी गई है। ईडी के इस एक्शन को टीएमसी नेताओं ने इसे प्रतिशोधी की राजनीति करार दिया गया है।

ईडी ने तृणमूल कांग्रेस के 11 नेताओं को नोटिस भेजे हैं। (फ़ाइल)

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले 2016 में सामने आई नारद स्टिंग की जांच को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तृणमूल कांग्रेस के 11 नेताओं को नोटिस भेजे हैं। ईडी द्वारा भेजे गए नोटिस में इन नेताओं से पिछले सात वर्षों में उनकी आय, संपत्ति और निवेश का विवरण मांगा गया है। ईडी सूत्रों के अनुसार, उनके बैंक खाते से लेन-देन और चल-अचल संपत्ति की डिटेल भी मांगी गई है। ईडी के इस एक्शन को टीएमसी नेताओं ने इसे प्रतिशोधी की राजनीति करार दिया गया है।

एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, नारद जांच के सिलसिले में कुल 11 लोगों को नए सिरे से नोटिस दिया गया है। जिन नेताओं को नोटिस दिए गए हैं, उनमें ममता बनर्जी के मंत्रिमंडल के तीन मंत्री – फ़रहाद हकीम, सुब्रत मुखर्जी और सुभेंदु अधकारी शामिल हैं। इस सूची में तीन लोकसभा टीएमसी सांसदों- सौगात रॉय, काकोली घोष दस्तीदार और प्रसून बनर्जी शामिल हैं। 2016 में विधानसभा चुनाव से पहले नारद स्टिंग ऑपरेशन के टेप जारी किए गए थे। नारद न्यूज़ पोर्टल के तत्कालीन सीईओ मैथ्यू सैमुअल ने स्टिंग ऑपरेशन किया था, जिसमें तृणमूल कांग्रेस के कई बड़े नेता कैमरे के सामने फर्जी कंपनी के निदेशक बने सैमुअल से पांच-पांच लाख रुपये घूस के तौर पर लिए थे और कंपनी के अवैध कारोबार में मदद का आश्वासन दिया था।

नारद स्टिंग ऑपरेशन में घूस लेने वालों में अहम चेहरा रहे पूर्व मंत्री और कोलकाता नगर निगम की महापौर शोभन चटर्जी को नोटिस नहीं भेजा गया है। उन्होंने 2019 में तृणमूल छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। सत्तारूढ़ पार्टी के तत्कालीन सांसद और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बाद पार्टी में सेकेंड इन कमान रहे मुकुल रॉय को भी नोटिस भेजा गया है। रॉय फिलहाल भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य हैं। हालांकि नेता का दावा है कि उन्हें अभी तक ईडी से कोई नोटिस नहीं मिला है।

फिरहाद हकीम ने केंद्रीय एजेंसी द्वारा भेजे गए नोटिस पर कहा कि यह प्रतिशोध की राजनीति है, चुनाव आने वाले हैं और भाजपा हमें परेशान करने के लिए सभी एजेंसियों का इस्तेमाल करेगी क्योंकि वह हमसे राजनीतिक रूप से नहीं लड़ सकती। नोटिस में सभी नेताओं से 31 जुलाई तक जवाब देने को कहा गया है, इसके लिए किसी भौतिक उपस्थिति की आवश्यकता नहीं है।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 ‘अपनी-अपनी जाति के अपराधियों को हीरो मत बनाएं, ये शर्म की बात’, बिहार डीजीपी की दो टूक- विकास दुबे बिहार आया तो खैर नहीं
2 राजस्थान: तेरहवीं पर कराया भोज तो काटनी पड़ेगी साल भर जेल, सरपंच-पटवारी पर भी होगी कार्रवाई, गहलोत सरकार का फैसला
3 बाबासाहेब आंबेडकर के घर में तोड़फोड़, मुंबई पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज की FIR
ये पढ़ा क्या?
X