उत्तर प्रदेश के नोएडा के फेज-2 क्षेत्र में सोमवार को तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। यहां एक कंपनी के कर्मचारी बड़ी संख्या में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन करने के लिए एकत्र हुए। प्रदर्शन के दौरान हालात बेकाबू हो गए। कुछ लोगों ने वाहनों और संपत्तियों में तोड़फोड़ की। साथ ही पथराव भी किया।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हालात अब काबू में लाने की कोशिश की जा रही है और पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है। जानकारी अनुसार इलाका विरोध प्रदर्शन के दौरान नाराज कर्मचारियों ने एक वाहन को आग लगा दी गई

स्थिति को काबू में करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी दागे हैं। गौरतलब है कि गौतम बुद्ध नगर में पिछले तीन दिनों से जारी श्रमिकों के उग्र आंदोलन को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क थी।

जिलाधिकारी मेधा रूपम ने रविवार को उद्योगपतियों और विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की, जबकि सोमवार को प्रस्तावित प्रदर्शनों के मद्देनजर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। हालांकि, कर्मचारियों का प्रदर्शन अप्रत्याशित रूप से उग्र हो गया।

रविवार को जिलाधिकारी ने बताया था कि संभावित प्रदर्शन को देखते हुए सेक्टर, जोनल और ‘स्टैटिक मजिस्ट्रेट’ की तैनाती की गई है। कुछ संवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नित कर वहां विशेष रूप से अधिकारियों को तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। उन्होंने सभी औद्योगिक इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों को नोटिस बोर्ड पर अनिवार्य रूप से चस्पा किया जाए, जिससे श्रमिकों में किसी प्रकार का भ्रम न रहे।

बैठक में स्पष्ट किया गया कि किसी भी श्रमिक को अनावश्यक रूप से नौकरी से नहीं निकाला जाएगा। ओवरटाइम और रविवार को कार्य कराने पर दोगुना भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अलावा साप्ताहिक अवकाश, समय पर वेतन भुगतान (हर माह की 10 तारीख तक), वेतन पर्ची, तथा 30 नवंबर तक बोनस का भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने यह भी कहा कि कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति का गठन अनिवार्य होगा, जिसकी अध्यक्ष महिला होगी। शिकायत पेटी की व्यवस्था कर श्रमिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाएगा। आंदोलन में शामिल किसी भी श्रमिक के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई न करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

श्रमिकों के अधिकारों का हनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित विभागों को नियमित निरीक्षण कर अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जिले में औद्योगिक शांति बनी रहे। साथ ही, जो श्रमिक काम करना चाहते हैं, उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा।

इस बीच, पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने भी थाना फेस-2 में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। ड्रोन के जरिए निगरानी की जा रही है तथा दमकल विभाग और दंगा नियंत्रण वाहन भी तैयार रखे गए हैं। शनिवार को थाना फेस-2, फेस-3 और ईकोटेक-3 क्षेत्रों में श्रमिकों ने उग्र प्रदर्शन किया था।

कई स्थानों पर पथराव की घटनाएं हुईं, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस कार्रवाई में भी कुछ लोगों के घायल होने की सूचना है जबकि एक महिला के गंभीर रूप से घायल होने की चर्चा है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रशासन, श्रम विभाग और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी लगातार श्रमिकों और उद्योगपतियों से संवाद कर स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं।