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Online Fraud: ब्‍लैकमेल‍िंंग के ल‍िए आते थे फोन, मोबाइल ऑफ‍िस में और बुजुर्ग का कई द‍िनों से पता नहीं, बेटी बोली- लौट आएं, हम सब आपके साथ हैं

पुलिस के मुताबिक हाल के महीनों में राष्ट्रीय राजधानी और पास के शहरों में ऑनलाइन धोखाधड़ी और जबरन वसूली करने वाले गैंग का कारोबार बढ़ा है। सोशल मीडिया के जरिए ये पहले भोले-भाले लोगों को फंसाते हैं और फिर ब्लैकमेल करते हैं।

Online Fraud: ब्‍लैकमेल‍िंंग के ल‍िए आते थे फोन, मोबाइल ऑफ‍िस में और बुजुर्ग का कई द‍िनों से पता नहीं, बेटी बोली- लौट आएं, हम सब आपके साथ हैं
वैशाली निवासी बुजुर्ग राकेश जैन। 10 नवंबर 2022 से घर नहीं लौटे हैं। (फोटो- ट्विटर हैंडल)

एक निजी कंपनी में एकाउंटेंट (Accountant), 65 वर्षीय बुजुर्ग राकेश जैन (Rakesh Jain) पिछले एक हफ्ते से लापता हैं। परिजनों ने आशंका जताई है कि ऑनलाइन धोखाधड़ी और जबरन वसूली (Online Fraud and Extortion) करने वाले गिरोह ने उन्हें अपना शिकार बना लिया है। घर वालों ने पुलिस को जानकारी दी है कि उनके पास करीब एक महीने से इस तरह के लोगों के लगातार फोन आ रहे थे। हालांकि उन्होंने कभी भी इसकी चर्चा या जिक्र परिवार वालों से नहीं की थी। इससे पूरा परिवार बेहद खौफ में है। जैन का घर द‍िल्‍ली से सटे यूपी के वैशाली इलाके में है।

परिजनों ने दिलशाद गार्डन (Dilshad Garden) थाने में मामले की रिपोर्ट भी दर्ज कराई है। गाजियाबाद के वैशाली (Vaishali, Ghaziabad) निवासी बुजुर्ग राकेश जैन को आखिरी बार 10 नवंबर को दिल्ली के दिलशाद गार्डन स्थित उनके ऑफिस के बाहर ही देखा गया था।

बेटी निकिता जैन (Nikita Jain Doshi) के मुताबिक वह 10 नवंबर को सुबह ऑफिस के लिए निकले तो फिर लौटकर नहीं आए। सीसीटीवी फुटेज में वह दोपहर करीब 3.30 बजे ऑफिस के बाहर एक ऑटो वाले से बात करते हुए दिखाई दिये। पुलिस उस ऑटो वाले का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

पुलिस के मुताबिक उन्होंने अपना मोबाइल ऑफिस में ही छोड़ दिया। इससे उनकी लोकेशन पता करने में मुश्किल हो रही है। अभी तक परिवार वालों के पास फिरौती के लिए कोई काल नहीं आई है। इससे पुलिस ने अपहरण की आशंका से इंकार किया है। पुलिस ने उनके मोबाइल के काल्स की छानबीन की तो पता चला कि कुछ दिन पहले उन्होंने एक स्कैमर को दस हजार रुपये भी दिए थे। काल रिकॉर्ड से यह भी पता चला है कि वे और पैसों की मांग कर रहे थे।

मित्र के माध्यम से किये थे दस हजार रुपये का यूपीआई से ट्रांसफर

निकिता के मुताबिक उनके पिता यूपीआई के जरिए पैसे खुद ट्रांसफर नहीं कर पाते हैं। इसलिए उन्होंने अपने एक मित्र को दस हजार रुपये नकद दिये और उन्होंने उसे स्कैमर के पास ट्रांसफर किये। पुलिस उस बैंक एकाउंट की भी जांच करने में जुटी है, जिससे पैसा ट्रांसफर हुआ था।

स्कैमरों की अश्लील वीडियो काल की वजह से मोबाइल ऑफिस में छोड़ा

निकिता के मुताबिक स्कैमर अश्लील वीडियो काल करके ब्लैकमेल करते हैं। इससे उनका शिकार बनने वाला शर्मिंदगी की वजह से इसकी जानकारी घर वालों को नहीं देता है। निकिता ने आशंका जताई हैं कि उनके पिता के साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ है। इसीलिए शायद उन्होंने अपना मोबाइल फोन ऑफिस में ही छोड़ दिया था।

बेटी को उम्मीद- जल्द होगी पापा की सुरक्षित वापसी

परिजनों ने उम्मीद जताई है कि वे जल्द ही वापस घर लौट आएंगे। बेटी निकिता ने फेसबुक पोस्ट करके कहा, “हम बस इतना चाहते हैं कि वह सुरक्षित लौट आएं। हमें उम्मीद है कि वह हमारा संदेश पढ़ेंगे और वापस आ जाएंगे, क्योंकि इसमें उनकी गलती नहीं है। पुलिस उनके साथ है और परिवार उनके साथ है। लोगों को ऐसे घोटालों से सावधान रहने की जरूरत है ताकि किसी को भी इस तरह के उत्पीड़न का सामना न करना पड़े।

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First published on: 17-11-2022 at 07:48:02 pm
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