मुंबई और इसके आसपास के जिलों में पिछले कुछ दिनों से आसमान में बादल छाए हुए हैं और मध्यम बारिश हो रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मुंबई, ठाणे और रायगढ़ में 21 अगस्त तक हल्की बारिश और बादल छाए रहने की संभावना है।

बारिश की तीव्रता में यह कमी ऐसे समय आई है जब अल नीनो सिस्टम जुलाई में मजबूत हुआ है। यह जलवायु पैटर्न भारत में मानसूनी बारिश को कमजोर करता है और आने वाले महीनों में इसके और मजबूत होने की संभावना है।

फिलहाल क्षेत्र के लिए IMD की ओर से कोई नया अलर्ट जारी नहीं किया गया है। हालांकि, मुंबई और आसपास के जिलों में लगातार बारिश हो रही है। IMD के आंकड़ों के मुताबिक, रविवार से सोमवार सुबह के बीच सांताक्रूज मौसम केंद्र में 5.8 मिमी और कोलाबा केंद्र में 1.6 मिमी बारिश दर्ज की गई।

इस दौरान सबसे ज्यादा बारिश पूर्वी उपनगरों में औसतन 8.18 मिमी दर्ज की गई। इसके बाद पश्चिमी उपनगरों में औसतन 5 मिमी और द्वीप शहर क्षेत्र में 1.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

मुंबई में अगस्त के दौरान अब तक भारी बारिश नहीं हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक, 17 अगस्त तक शहर के सांताक्रूज मौसम केंद्र में सिर्फ 255 मिमी बारिश दर्ज की गई है। यह अगस्त में मुंबई में होने वाली 560.8 मिमी की औसत बारिश का करीब 45 प्रतिशत है।

अल नीनो सिस्टम के और मजबूत होने की संभावना

अमेरिका स्थित नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन (NOAA) के अनुसार, प्रशांत महासागर में संभावित रूप से ऐतिहासिक स्तर का अल नीनो विकसित हो रहा है। इसके 1950 के बाद दर्ज किए गए किसी भी अल नीनो से ज्यादा मजबूत होने की 69 प्रतिशत संभावना जताई गई है।

अल नीनो के कारण मानसून की शुरुआत में देरी हुई थी लेकिन मुंबई में जुलाई के दौरान औसत से 66 प्रतिशत अधिक बारिश हुई। सांताक्रूज मौसम केंद्र में 1 से 30 जुलाई के बीच 1491.9 मिमी बारिश दर्ज की गई जो जुलाई की औसत बारिश से काफी ज्यादा थी।

जुलाई में सामान्य से ज्यादा बारिश के चलते मुंबई में जून से 17 अगस्त तक कुल 2160.8mm बारिश हो चुकी है। यह शहर में पूरे मानसून सीजन के दौरान होने वाली 2390.5mm की औसत बारिश का करीब 90 प्रतिशत है।

इस महीने शहर में भले ही केवल मध्यम बारिश हो रही हो लेकिन मुंबई की पेयजल जरूरतें पूरी करने वाली सात झीलों में पानी का कुल भंडार सोमवार सुबह बढ़कर 13.33 लाख मिलियन लीटर हो गया। यह इन झीलों की कुल क्षमता का 92.16 प्रतिशत है।

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प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) में एक संभावित ऐतिहासिक अल नीनो (El Niño) डिवेलप हो रहा है। अमेरिका की नेशनल ओशियानिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन (NOAA) के अनुसार, इस बात की 69 फीसदी संभावना है कि यह अल नीनो 1950 के बाद दर्ज किसी भी अल नीनो से ज्यादा शक्तिशाली साबित हो सकता है।