प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के द्वारा पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव को भेजे गए एक कथित पत्र को लेकर राज्य की राजनीति में तूफान आ गया है। राज्य में सरकार चला रही आम आदमी पार्टी (आप) ने शिरोमणि अकाली दल (शिअद) बादल पर भगवंत मान सरकार को बदनाम करने का आरोप लगाया है।

यह मामला इसलिए ज्यादा बड़ा होता दिख रहा है क्योंकि यह दावा किया गया है कि इस मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD राजबीर सिंह घुमन का नाम सामने आ रहा है।

क्या है यह पूरा मामला?

शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पंजाब सरकार के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने दावा किया है कि पंजाब के डीजीपी गौरव यादव को ईडी ने पत्र लिखा है। मजीठिया ने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।

ईडी के पत्र का हवाला देते हुए मजीठिया ने कहा, “अब यह खुलासा हुआ है कि आम आदमी पार्टी के नेता के करीबी सहयोगी और उनके साथी सरकारी कामकाज में दखल देने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर रहे थे और यहां तक ​​कि वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अफसरों के तबादलों में भी उनकी भूमिका थी।”

मजीठिया ने आरोप लगाया कि सरकारी अफसरों के तबादलों और तैनातियों, हथियार लाइसेंस की मंजूरी तथा जमीन के विवादों में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों को लेकर ईडी ने एक शख्स के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीजीपी को पत्र लिखा है।

द प्रिंट के मुताबिक, ईडी ने सीएम भगवंत मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुमन, नितिन गोहल और बीर देविंदर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। ईडी के सूत्रों के अनुसार, ये दोनों घुमन के बचपन के दोस्त हैं।

घुमन, गोहल और देविंदर पंजाब में रियल एस्टेट सौदों से जुड़े अलग-अलग मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में ईडी के रडार पर हैं।

द प्रिंट के मुताबिक, ईडी ने पत्र लिखे जाने से पहले भी पंजाब पुलिस के सामने यह मामला उठाया था। चूंकि OSD को मुख्यमंत्री का बेहद करीबी माना जाता है और अगर उस पर अफसरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग को प्रभावित करने का आरोप लगता है और ईडी इस मामले में कार्रवाई के लिए कहती है तो इसकी आंच राज्य सरकार तक पहुंच सकती है।

हरपाल सिंह चीमा का आया बयान

दूसरी ओर, इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब के वित्त मंत्री और आप के वरिष्ठ नेता हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि अकाली दल बीजेपी व केंद्रीय जांच एजेंसियों के प्रवक्ता के रूप में काम कर रहा है। चीमा ने कहा कि केंद्र की बीजेपी सरकार ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने और देश में चुनी हुई विपक्ष की राज्य सरकारों को गिराने के लिए कर रही है।

यह भी पढ़ें- हवारा को मिल सकती है पैरोल

पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में दोषी जगतार सिंह हवारा को जल्द पैरोल मिल सकती है। इस मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया से मुलाकात की है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।