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ईडी ने की कार्ति की 54 करोड़ की संपत्ति कुर्क

ईडी मामलों में विशेष अदालत ने धन शोधन निवारण कानून (पीएमएलए) के तहत कार्ति की संपत्ति कुर्क करने के लिए आदेश जारी किया था। इस आदेश के तहत तमिलनाडु के कोडाईकनाल और ऊटी में कृषि भूमि और एक बंगला कुर्क किया गया है।

Author Published on: October 12, 2018 3:59 AM
पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के पुत्र कार्ति की फाइल तस्वीर। (Express Photo by Prem Nath Pandey)

प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार को जानकारी दी कि उसने आइएनएक्स मीडिया धन शोधन से जुड़े एक मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के पुत्र कार्ति की भारत, ब्रिटेन और स्पेन स्थित 54 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्तियां कुर्क की हैं। इसके अलावा कार्ति की कंपनी एडवांटेज एट्रेटजिक के नाम से चेन्नई के डीसीबी बैंक में जमा 90 लाख की फिक्स्ड डिपॉजिट और इंडियन ओवरसीज बैंक में बचत जमा 9.23 करोड़ रुपए की धनराशि भी जब्त कर ली है। एक बयान में कार्ति ने केंद्रीय जांच और प्रवर्तन एजंसी की इस कार्रवाई को बेतुका और विचित्र बताया है। उन्होंने कहा कि यह आदेश न्यायिक समीक्षा, अपील के समक्ष नहीं टिकेगा। हम उचित कानूनी मंच पर चुनौती देंगे।

ईडी मामलों में विशेष अदालत ने धन शोधन निवारण कानून (पीएमएलए) के तहत कार्ति की संपत्ति कुर्क करने के लिए आदेश जारी किया था। इस आदेश के तहत तमिलनाडु के कोडाईकनाल और ऊटी में कृषि भूमि और एक बंगला कुर्क किया गया है। दिल्ली के जोरबाग स्थित 16 करोड़ रुपए मूल्य का एक फ्लैट भी कुर्क किया गया है जो कार्ति और उनकी मां नलिनी के नाम पर है। पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम इसी बंगले में रहते हैं। ईडी का कहना है कि इस संपत्ति में कार्ति की 50 फीसद हिस्सेदारी है। ईडी ने ब्रिटेन के समरसेट में एडवांटेज स्ट्रैटेजिक कंसलटिंग प्राइवेट लिमिटेड (एएससीपीएल) के मालिकाना हक वाले 8.67 करोड़ रुपए मूल्य का कॉटेज और स्पेन के बार्सिलोना में करीब 14.57 रुपए मूल्य का टेनिस क्लब भी कुर्क किया है। ईडी का कहना है कि संपत्तियां कार्ति और उनसे कथित रूप से जुड़ी कंपनी एडवांटेज स्ट्रैटेजिक कंसलटिंग प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर हैं।

आइएनएक्स मीडिया केस में आरोप है कि 2007 में विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड ने आइएनएक्स मीडिया को विदेश से 305 करोड़ रुपए की रकम प्राप्त करने के लिए अनुमति प्रदान करने में अनियमितताएं कीं। उस समय कार्ति के पिता पी चिदंबरम केंद्रीय वित्त मंत्री थे। सीबीआइ ने इस मामले में अपनी पड़ताल के दौरान आरोप लगाया था कि कार्ति ने आइएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड से मंजूरी दिलाने के लिए दस लाख रुपए की रिश्वत ली। बाद में उसने इस आंकड़े में परिवर्तन करते हुए इसे दस लाख अमेरिकी डॉलर बताया था। सीबीआइ की जांच के आधार पर यह मामला ईडी के पास पहुंचा।

इस बीच दिल्ली की एक अदालत ने सीबीआइ और ईडी की ओर से दाखिल एअरसेल-मैक्सिस मामले में सोमवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम को गिरफ्तारी से दिया गया अंतरिम संरक्षण एक नवंबर तक बढ़ा दिया। विशेष सीबीआइ जज ओपी सैनी ने मामले की अगली सुनवाई के लिए एक नवंबर की तारीख उस वक्त तय की, जब सीबीआइ और ईडी की तरफ से पेश हुए वकीलों ने इस मामले में स्थगन की मांग की थी।

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