प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के एक कारोबारी जॉय एस कामदार को जमीन हड़पने और मनी लांड्रिंग के एक मामले में गिरफ्तार कर लिया है। सन इंटरप्राइजेज के मैनेजिंग डायरेक्टर जॉय एस कामदार पर शेल कंपनी के जरिए लगभग 1100 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन में मदद करने का आरोप है।
ई़डी सूत्रों के मुताबिक, जॉय एस कामदार, विश्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू का एक अहम सहयोगी है, पप्पू एक हिस्ट्रीशीटर है जिसके बारे में कहा जाता है कि उसका संबंध प्रभावशाली राजनीतिक हस्तियों से है, जांच कर्ताओं ने दोनों के बीच एक मजबूत साठगांठ होने का आरोप लगाया है। साथ ही दावा किया है कि पप्पू रियल स्टेट प्रमोशन की आड़ में रंगदारी और जमीन हड़पने का एक रैकेट चलाता था।
1.5 करोड़ रुपये दिए
जॉय एस कामदार सुप्रीम क्रेडिट कॉरपोरेशन लिमिटेड का डायरेक्टर है जिसने कथित तौर पर पप्पू की फर्म एसपी कंस्ट्रक्शन को डेढ़ करोड़ रुपए दिए थे। पप्पू की पत्नी सोम सोनार पोद्दार के मालिकाना हक वाली हेवन वैली नाम के फर्म ने भी कथित तौर पर जॉय एस कामदार की कंपनी के साथ काम किया था।
पूछताछ के दौरान सोम पोद्दार ने दावा किया कि उसे बिजनेस के कामों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। साथ ही कहा उनके पति ही उनके नाम पर सभी वित्तीय मामलों की देखरेख करते थे।
छापेमारी में डिजिटल डिवाइस जब्त
ईडी ने जॉय एस कामदार से कई डिजिटल डिवाइस जप्त किए हैं जिनमें आपत्तिजनक चैट और वित्तीय रिकॉर्ड सामने आए हैं। इन दस्तावेजों से पता चलता है कि कोलकाता गुजराती एजुकेशन सोसाइटी से कम से कम 40 करोड रुपए सेल कंपनियों को ट्रांसफर किए गए जिनमें चिकास एंटरप्राइजेज नाम की एक कंपनी भी शामिल है।
जांचकर्ताओं को 1100 करोड़ रुपए के एक बड़े लेनदेन के हिस्से के तौर पर महज 4 महीने की अवधि में 500 करोड़ रुपए से ज्यादा की नगद राशि के सबूत मिले हैं।
ईडी नहीं कर पाई अदालत में पेश
गिरफ्तारी के बाद ईडी जॉय एस कामदार को अदालत में पेश नहीं कर पाई क्योंकि उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की। डॉक्टर ने जॉय एस कामदार को पेशी के लिए फिट होने का प्रमाण पत्र देने से इनकार कर दिया और अभी जॉय आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एडमिट हैं।
ईडी ने न्यायिक हिरासत की मांग की है। एजेंसी छापेमारी के दौरान जप्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के आधार पर जॉय एस कामदार से पूछताछ करना, अपराध के असली लाभार्थियों की पहचान करना, उससे पूछताछ करने और सबूतों से छेड़छाड़ को रोकने के लिए पैसों के लेनदेन का पता लगाना चाहती है।
पहले की गई थी 6 जगह छापेमारी
यह गिरफ्तारी कोलकाता में 6 जगह पर हुई लगातार छापेमारी के बाद हुई है जिनमें बालीगंज में पप्पू का घर और काकूलिया रोड पर उसकी साथी राहुल दास का घर भी शामिल है।
गिरफ्तारी के पहले जॉय एस कामदार ने ईडी के दो समन को नजरअंदाज कर दिया था। उसके घर पर पहले हुई एक छापामारी के दौरान अधिकारियों को 1.2 करोड रुपए के हिसाब नकदी मिली थी।
हालांकि सोना पप्पू अभी भी फरार है लेकिन अवैध निर्माण और वसूली में उसकी कथित संहिता जांच का मुख्य केंद्र बनी हुई है।
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग से पहले एसआईआऱ को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। अपने फैसले में कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 का हवाला देते हुए तय किया है कि चुनाव से पहले ठीक पहले तक, अपीलीय ट्रिब्यूनल से मंजूरी पाने वाले लोगों को भी चुनाव में मतदान का अधिकार दिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर सीएम ममता बनर्जी ने खुशी जताई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
