Ghaziabad Sisters Suicide: गाजियाबाद में इस हफ्ते की शुरुआत में एक बिल्डिंग की नौंवी मंजिल से तीन नाबालिग बहनों की गिरकर मौत हो जाने के बाद तरह-तरह की अटकलें लगाई गईं कि लड़कियां कथित तौर पर एक टास्क-बेस्ड कोरियन गेम की आदी थीं। शोक में डूबे उनके पिता ने सरकार से ऐसे गेम पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह तक किया। लेकिन जैसे-जैसे पुलिस की जांच आगे बढ़ी और भी कई खुलासे हुए। इसमें आर्थिक बर्बादी, तीन शादियां, बदलते बयान और रहस्यमय मौतों से घिरे पारिवारिक इतिहास के बारे में शामिल हैं।
तीनों लड़कियों के पिता चेतन कुमार गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में अपनी तीन पत्नियों सुजाता, हीना और टीना के साथ रहते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि सुजाता से उनकी एक बेटी और एक मानसिक रूप से दिव्यांग बेटा है। हीना से उनकी दो बेटियां हैं। सुजाता और हीना की बेटियां ही कथित तौर पर इमारत की नौवीं मंजिल से कूदी थीं। उनकी तीसरी पत्नी टीना की उनसे एक तीन साल की बेटी है।
शालीमार गार्डन के एसीपी अतुल कुमार सिंह ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “वह एक मुस्लिम महिला थीं जिन्होंने शादी के लिए हिंदू धर्म में धर्मांतरण करने पर सहमति जताई। अन्य दो पत्नियों का कहना है कि उन्होंने तीसरी शादी के लिए सहमति दी थी, जो 2023 में हुई थी।”
हालांकि, पुलिस के अनुसार, चेतन द्वारा अपनी शादियों के बारे में बताई गई टाइमलाइन में कुछ खामियां हैं। उसने पहले पुलिस को बताया था कि उसने सुजाता से 2010 में और हीना से 2013 में शादी की थी। उसका दावा था कि उसने दूसरी शादी इसलिए की क्योंकि सुजाता गर्भधारण करने में असमर्थ थी। लेकिन इस दावे से यह सवाल उठता है कि सुजाता से उसकी सबसे बड़ी बेटी 16 साल की कैसे है। उसने पहले यह भी दावा किया था कि टीना उसकी पत्नी नहीं, बल्कि उसकी साली है।
पुलिस दस्तावेज जुटाने की कोशिश में लगी
पुलिस अब घटनाक्रम का पता लगाने के लिए दस्तावेज जुटाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, यह काम मुश्किल साबित हो रहा है। सिंह ने कहा, “सुजाता और हीना दोनों अशिक्षित हैं। उन्हें अपनी शादी की तारीखें भी याद नहीं हैं और वे कहती हैं कि उन्हें अपने ऑफिशियल मैरिज सर्टिफिकेट के बारे में कुछ भी नहीं पता।”
एक और बात जिसने पुलिस का ध्यान खींचा, वह यह थी कि तीन कमरों के फ्लैट में रहने के बावजूद पूरा परिवार एक ही कमरे में सोता था। जब सिंह से पूछा गया कि देर रात तीन लड़कियों को कमरे से निकलते हुए किसी ने कैसे नहीं देखा, तो उन्होंने कहा कि इसमें कुछ भी असामान्य नहीं था। उन्होंने कहा, “यह उनकी रूटीन का हिस्सा था। वे देर रात तक जागती थीं, बातें करती थीं, खेल खेलती थीं और हमेशा साथ रहती थीं। उस रात किसी को भी कुछ संदिग्ध नहीं लगा।” चेतन की आर्थिक तंगी के बाद उन्होंने कई साल पहले स्कूल छोड़ दिया था।
लड़कियों के पास पहले दो मोबाइल फोन थे। दोनों अब गायब हैं। पुलिस ने बताया कि कर्ज में डूबे चेतन ने छह महीने पहले एक फोन बेचा था और दूसरा घटना से ठीक 15 दिन पहले। सिंह ने कहा, “हम दोनों फोनों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। फोन बेचने के बाद उन्हें आमतौर पर फॉर्मेट कर दिया जाता है। फॉर्मेट करने के बाद डेटा रिकवर होने की संभावना बहुत कम होती है, लेकिन हम आईएमईआई नंबरों की जांच कर रहे हैं।”
सुजाता और हिना के पिता ने पुरानी घटना को याद किया
पुलिस ने चेतन की हिस्ट्री चेक किए जाने के दौरान एक और मौत का मामला सामने आया। इसे एक हादसा मानकर खारिज कर दिया गया था। प्रेस से बात करते हुए सुजाता और हिना के पिता विनोद कुमार ने परिवार में हुई एक पुरानी घटना को याद किया। लगभग छह-सात साल पहले चेतन की सबसे बड़ी बेटी के जन्मदिन पर विनोद की एक बेटी चेतन के घर गई थी, जहां कथित तौर पर बालकनी से कपड़े उतारते समय उसका पैर फिसल गया और वह तीसरी मंजिल से गिरकर मर गई। परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। मृतका की उम्र उस समय लगभग 16 साल थी। बता दें कि घटना के बारे में बात करते हुए पहले चेतन कुमार ने कहा कि वह तीनों बच्चों से बहुत प्यार करते थे और उन्हें इस घटना के बारे में तब पता चला जब उनकी पत्नी ने देखा कि तीनों लड़कियों ने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…
